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World Vegetarian Day: शाकाहार अपनाने से पहले जरूर जानें अहम बातें, ये हैं फायदे और नुकसान

नई दिल्ली। दुनियाभर में लोग वैसे तो कई तरह की आदतों में बंटे हुए हैं, लेकिन जिसपर सबसे ज्यादा चर्चा होती है वो है शाकाहार और मांसाहार। लोग केवल अपने खाने को अधिक महत्व नहीं देते बल्कि वह इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि उनका खाना कहां से आता है और उसकी पैदावार या उत्पादन किस तरह से किया जाता है। हाल के वर्षों में बहुत से लोगों ने मांसाहर डाइट को छोड़ शाकाहार को अपनाया है। जिसके पीछे बहुत से कारण रहे हैं। दुनियाभर में 1 अक्टूबर को शाकाहार भोजन के फायदों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए विश्व शाकाहार दिवस भी मनाया जाता है।

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    1977 में हुई थी शुरुआत

    1977 में हुई थी शुरुआत

    इस दिन का एक अन्य महत्व लोगों को शाकाहार अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। विश्व शाकाहार दिवस की शुरुआत 1977 में उत्तरी अमेरिकी शाकाहारी समाज (NAVS) ने की थी। इसके बाद साल 1978 में अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी संघ ने इसका समर्थन किया। हालांकि मांसाहारी से शाकाहारी बनने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान भी रखना चाहिए। तो चलिए अब जान लेते हैं शाकाहारी भोजन से मिलने वाले फायदों के बारे में। साथ ही ये भी जानते हैं कि इसकी सीमाएं क्या हो सकती हैं।

    शाकाहरी भोजन से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

    शाकाहरी भोजन से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

    • दिल की बेहतर सेहत- ऐसा कहा जाता है और कई शोध में साबित भी हुआ है कि मांस (खासतौर पर लाल मांस) का दिल पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। वहीं फल और सब्जी खाने से दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। यही दो दिल के मरीज की मौत का कारण बनते हैं। हालांकि ऐसे कोई विशिष्ट प्रमाण नहीं है जो यह साबित कर सकें कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए शाकाहारी भोजन मांसाहारी आहार से बेहतर है।
    • बेहतर प्रतिरोधक क्षमता- फल और सब्जिों में विटामिन सी और डी के साथ जिंक जैसे मिनरल होते हैं, जो इन्फेक्शन के खतरे को कम करते हैं।
    • कैंसर- कई अध्ययनों में पता चला है कि मांसाहारी भोजन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। जबकि कुछ अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग शाकाहारी भोजन करते हैं, उनमें ये बीमारी कम पाई जाती है। हालांकि दोनों के बीच अंतर बहुत अधिक नहीं है।
    • टाइप 2 डायबिटीज- शोध में ये भी पता चला है कि प्लांट आधारित डाइट यानी फल-सब्जी टाइप 2 डायबिटीज में बेहतर रहती हैं। फल, सब्जियां, नट्स, बीज आदि में उच्च फाइबर होता है, जो शाकाहारी भोजन का एक महत्वपूर्ण घटक हैं। इनसे टाइप 2 डायबिटीज में मदद मिलती है।
    • पोषक तत्त्व- शाकाहारी भोजन में आने वाली सामग्री पोषक तत्वों से भरपूर होती है। लेकिन कुछ पोषक तत्व ऐसे होते हैं, जो पशु-आधारित उत्पादों में प्रमुखता से पाए जाते हैं, जैसे विटामिन डी, बी12 आदि। अगर आप पूरी तरह शाकाहारी आहार लेते हैं, तो आपके शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे शरीर की अक्षमताएं बढ़ जाती हैं, जो बीमारियों और अन्य विकारों का कारण बनती हैं।
    • प्रोटीन की मात्रा- प्रोटीन एक स्वस्थ शरीर के लिए काफी जरूरी होता है। ये हड्डी और मांसपेशियों के विकास के लिए अहम माना जाता है। शाकाहारी भोजन में प्रोटीन युक्त स्त्रोत कम होते हैं।
    • पर्यावरण के अनुकूल- शाकाहारी भोजन पर्यावरण के अनुकूल होता है। क्योंकि इसमें खाने के लिए पशुओं से ज्यादा लिया नहीं जाता और स्थिरता बनी रहती है।
    क्या होते हैं नुकसान-

    क्या होते हैं नुकसान-

    वैसे तो शाकाहारी भोजन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है लेकिन इसकी भी कुछ सीमाएं हैं। क्योंकि बाकी लोग शाकाहार अपना रहे हैं, इसलिए आप भी अपना लें, इससे पहले इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें जान लेना बेहतर होगा। हमें शाकाहार अपनाने से पहले अपनी जीवनशैली, अपने शरीर की आवश्यकताओं, मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियों और अन्य कारकों को देखना चाहिए। इसके साथ ही शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बैलेंस डाइट जरूरी है, जिसमें हर तरह का खाना होना चाहिए ताकि शरीर को सभी पोषक तत्व मिल सकें।

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