'मेरे ख्वाबों की तस्वीर हो तुम.. बेखबर मेरी तकदीर हो तुम'
लखनऊ। संयोजक पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय मैं एक लेखक हूँ और दुनिया भर के न जाने कितने और कैसे -कैसे विषयों पर लिखता रहता हूँ। सच कहूँ तो जो लोग आस पास होते हैं उन पर ध्यान ही नहीं जाता इसे आप यूँ समझ लें कि क्लास में सामने बैठने वाले को लगता है कि टीचर उसे ही देख रहा है पर टीचर की नजर आगे कम और पीछे ज्यादा रहती है,कुछ ऐसा ही मामला मेरी पत्नी रश्मि दीक्षित के साथ रहा, वो हमेशा मेरे साथ रहीं ,मेरे संघर्ष, खुशी,गमी पर इस मुद्दे पर कभी मैंने ध्यान ही नहीं दिया।
वन इंडिया की तरफ से जब यह मौका मिला कि मैं अपने जीवन की महत्वपूर्ण महिला के बारे में लिखूं तो बिला शक मेरे जेहन में उनका ही नाम ध्यान आया |वैसे पति के लिए पत्नी का महत्वपूर्ण होना न कोई नयी बात है न अनोखी पर मेरे जीवन में यह मामला इसलिए अनोखा है कि हममें कुछ भी नहीं मिलता न पसंद ,न आदतें न चीजों का देखने का नजरिया और कुछ मुद्दों पर हमारे तगड़े मतभेद हो जाते हैं पर जब कभी मैं अपने आप को उनकी जगह रखकर सोचता हूँ तो जिस तरह उन्होंने मुझे सम्हाल रखा है उसकी कल्पना भी नहीं कर सकता यह एक महिला ही कर सकती है।
तुम्हारे बिना मैं कुछ भी नहीं.. तुम नहीं तो मैं नहीं
महिलायें यूँ ही पूजनीय नहीं कही जाती हैं तो रश्मि जी मैं आपकी एक बहुत पुरानी शिकायत दूर कर रहा हूँ जो आप मुझसे अक्सर किया करती थीं कि तुमने आज तक मेरे लिए कुछ लिखा ही नहीं वो इसीलिये था कि मुझे आज तक समझ ही नहीं आया कि क्या लिखूं और क्या न लिखूं तो आज के लिए इतना ही अगर आप न होतीं तो मैं किसी के लिए कभी कुछ भी नहीं लिख पाता तो भाव को बोलने दें, महिला दिवस की मुबारकबाद के साथ आज इतना ही साथ देते रहिये मैं लिखता रहूँगा।
Note: कहते हैं हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी महिला का हाथ होता है। क्या आपकी लाइफ में भी ऐसी ही कोई महिला है जो कि आपके सक्सेस का कारण है। अगर हां तो हमसे बांटिये अपनी यह खुशी और हो सके तो भेजिये हमें उनकी फोटो [email protected] पर।













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