Virgin Birth: क्या होता है जीव-जंतुओं में वर्जिन बर्थ? कैसे मुमकिन है बिना नर के गर्भधारण?
दुनिया में जीव-जंतुओं की अनेक मादा प्रजातियां है जो बिना किसी नर के संपर्क में आये गर्भधारण कर सकती हैं। आमतौर पर ऐसी घटनाओं को वर्जिन बर्थ कहा जाता है। फिलहाल एक मादा मगरमच्छ इन दिनों खबरों में है।

Virgin Birth: सेंट्रल अमेरिकी देश कोस्टारिका के एक चिड़ियाघर से वैज्ञानिकों को हैरान करने वाली एक घटना सामने आयी है। यहां एक मादा मगरमच्छ पिछले 16 साल से अलग रह रही थी, लेकिन वह बिना किसी नर मगरमच्छ के संपर्क में आये गर्भवती हो गयी।
इस मादा मगरमच्छ ने 14 अंडे दिये, इनमें से 7 अंडे भ्रूण बनने के लायक थे। तीन महीनों में इनमें से 6 अंडे नष्ट हो गये जबकि एक अंडा बचा हुआ है। इस घटना को बहुत उल्लेखनीय माना जा रहा है क्योंकि मादा मगरमच्छ ने बिना किसी यौन संबंध बनाये ये अंडे दिये थे। इस दुर्लभ घटना को 'वर्जिन बर्थ' कहा गया है।
मां के जीन्स से बने अंडे
साइंस न्यूज के मुताबिक वैज्ञानिकों की एक टीम ने इस पूरी प्रक्रिया का अध्ययन किया था। उस टीम ने एक शोध पत्र लिखा जो विज्ञान पत्रिका बायोलॉजी लेटर्स में छपा है। इस शोध में बताया गया है कि मादा मगरमच्छ के ये अंडे सिर्फ उसके अपने जीन से तैयार हुए थे।
इस मादा मगरमच्छ को साल 2002 से कोस्टारिका के चिड़ियाघर में रखा गया था। उस समय इसकी उम्र मात्र दो साल थी। जनवरी 2018 में जू में तैनात रक्षकों ने पाया कि उसके घेरे के पास 14 अंडे हैं। जिनमें से मात्र एक अंडे में भ्रूण को विकसित रूप में पाया गया।
मादा घड़ियाल और भ्रूण
साइंस न्यूज की माने तो मादा मगरमच्छ और उसके भ्रूण के बीच 99.9 प्रतिशत समानता है। बिना नर के गर्भवती होने की इस प्रक्रिया को पार्थेनोजेनेसिस (Facultative Parthenogenesis) कहा जाता है।
इसके तहत बिना यौन संबंध बनाये ही एक मादा जीव गर्भवती हो सकती है। भ्रूण के टीशू (ऊतकों) और मादा घड़ियाल की चमड़ी के जेनेटिक विश्लेषण से पता चला कि दोनों एक-दूसरे से पूरी तरह से मिलते हैं। इस भ्रूण का कोई भी पिता नहीं मिला।
क्या है पार्थेनोजेनेसिस?
दिसंबर 2022 में जर्नल ऑफ फिश बायोलॉजी में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। जिसके मुताबिक एक मादा जेब्रा शार्क ने दो शावकों को जन्म दिया। इन शावकों में मादा जेब्रा शार्क के लगभग पूरे डीएनए मौजूद थे। यह घटना शिकागो एक्वेरियम की है। हालांकि, उस एक्वेरियम में दो नर शार्क भी थे लेकिन बच्चों का डीएनए किसी भी नर से मेल नहीं खाता था। इस घटना ने भी वैज्ञानिकों को चकित कर दिया था।
तब शोधकर्ताओं ने बताया था कि पार्थेनोजेनेसिस वह प्रक्रिया है, जिसमें मादा अकेले ही गर्भधारण करती है। उसे गर्भधारण करने के लिए नर के संपर्क में आने की जरुरत नहीं होती। पार्थेनोजेनेसिस में यह भी होता है कि कुछ मादा रेप्टाइल्स (सरिसृप) कई बार नर रेप्टाइल्स के वीर्य को कई सालों तक अपने शरीर में स्टोर करके रख लेती हैं ताकि वे उनसे बाद में गर्भधारण कर लें।
क्या दूसरे जीव-जंतु भी वर्जिन बर्थ देने में सक्षम है?
वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्जिन बर्थ की घटना अब तक अन्य जीव-जंतुओं जैसे चिड़िया, मछली, सांप और छिपकली में सामने आ चुकी है। मगर किसी मादा मगरमच्छ के इस तरह अंडे देने की यह पहली घटना है।
साल 1987 में पूर्वस और ऑरियंस द्वारा लिखित किताब 'द साइंस ऑफ बायोलॉजी' (The Science of Biology) में बताया गया है कि arthropods यानि कॉकरोच, झींगा, केकड़ा, बिच्छू, सेंटीपीड, मक्खी, टिक्स, घुन और छिपकली की कुछ ऐसी मादा प्रजातियां होती हैं, जो बिना नर के संपर्क में आये अपनी आबादी बढ़ाती है। हालांकि ऐसे मामलों पर अभी और शोध होना बाकी है।
नेशनल जियोग्राफिक (National Geographic) के मुताबिक पौधे और बिना रीढ़ की हड्डी वाले जीव अक्सर यह प्रक्रिया करते हैं। जबकि रीढ़ की हड्डियों वाली 80 प्रजातियों में भी यह क्षमता पायी गयी है। जिनमें छिपकलियों, सांपों, शार्क और रे फिश की अलग-अलग प्रजातियां शामिल है।












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