Positive India..तो हर घर में जन्म लेगी सानिया और मैरीकॉम
आज सुबह से चारों ओर यूएस ओपेन डबल्स ग्रैंड स्लैम जीतने वाली सानिया मिर्जा की ही बातें हो रही हैं, देश की हर बेटी शायद यही सोच रही है कि काश वो भी सानिया जैसा कुछ कर पाये और हो भी सकता है कि सानिया जैसी बहुत सारी प्रतिभाएं आज अभावों में कहीं छुपी हुई हों जिन्हें सही दिशा नहीं मिल पा रही है, इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए देश की सरकार ने कुछ योजनाएं बनायी हैं।
इसलिए आज Positive India में हम बात करेंगे खेल योजनाओं की, जिसके जरिये भारत सरकार की यह कोशिश कर रही है कि देश के हर घर से सायना नेहवाल और सुशील कुमार जैसे बच्चे निकलें। इसलिए सरकार ने युवाओं को एक अच्छा प्लेटफार्म देने के लिए बहुत सारी योजनाएं बनायी हैं। जिन्हें कि आप भारत सरकार की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
सरकार की कोशिश
भारत सरकार की ओर से बनायी गईं सारी योजनाओं को आप http://www.sportsauthorityofindia.nic.in/पर पढ़ सकते हैं।
देश के युवाओं के समग्र विकास के लिए सरकार द्वारा की गई पहलों, विभिन्न योजनाओं एवं कल्याण कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है। आप विभिन्न खेल परिषदों, संगठनों, युवा सेवाओं एवं इससे संबंधित सरकार की अन्य सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
जानिए क्या हैं योजनाएं?
भा.खे.प्रा. खेल प्रोत्साहन योजनाएं: जिसके तहत दो योजनाएं आती हैं
- राष्ट्रीय खेल प्रतिभा प्रतियोगिता योजना
- सैन्य बाल खेल कम्पनी योजनाएं
- आओ और खेलो-योजना
- राज्य सरकार की योजनाओं
इन योजनाओं के अलावा आप इस वेबसाइट पर जाकर आरटीआई कॉलम पर क्लिक करके हर तरह की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस कॉलम के तहत आपको निम्नलिखित शीर्षकों के तहत उत्तर दिये जायेंगे।
- लैब तकनीशियन के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- लाइफ गार्ड के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- नर्सिंग सहायक के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- फिजियोथेरेपिस्ट के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- पम्प संचालक के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- आशुलिपिक के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- लेखा अधिकारी के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- सहायक प्रोफेसर के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- सहायक के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- बढ़ई के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- चालक के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
- पोस्ट जूनियर इंजीनियर के पद के लिए प्राप्त आवेदन का विवरण
यह तो हुई विशेष सेवाओं के तहत बातें,इन सबके अलावा खेल प्राधिकरण लोगों को रोजगार के अवसर भी देता है।
बदल रही है तस्वीर
बीते सालों में भारत में खेल के प्रति लोगों की सोच बदली है, अब मां-बाप बच्चों को खेलने से रोकते नहीं हैं, उन्हें भी पता है कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि यह शारीरिक श्रम के लिए भी बेहद जरूरी है। क्यूरों सर्वे के मुताबिक सायना नेहवाल, पीवी सिंधु, सानिया मिर्जा, मैरीकॉम जैसी भारत की बेटिंयों को देखकर अब मां-बाप अपनी बेटियों को भी खेल के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस सर्वे के मुताबिक पिछले दो सालों में सरकारी स्कूलों में लड़कियों की भागीदारी खेल में 30-40 प्रतिशत बढ़ी है, जो कि एक सकारात्मक पहल है।
पॉजीटिव इंडिया
अगर वाकई में यह योजनाएं अमली जामा पहनती हैं तो वो दिन दूर नहीं होगा जब देश में एक से ज्यादा मैरीकॉम और सुशील कुमार होंगे। बहुत सारी प्रतिभाएं सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ देती हैं, लेकिन मौजूदा सरकार की कोशिशें तो कह रही हैं कि वो नई प्रतिभाओं को निखारने का काम कर रही है, फिलहाल अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, सिर्फी उम्मीद की जाती है कि योजनाओं का राजनीतिकरण ना हो बल्कि उन्हें क्रियान्वित किया जाये. एक ईमानदार सोच के साथ तो वो दिन दूर नहीं जब भारत की झोली में इतने मेडल होंगे जिन्हें गिनना मुश्किल होगा।
Positive India: बेटी ही विकास की जननी है इसलिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ













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