Street Dogs: भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मुसीबत बन गए हैं आवारा कुत्ते
इंसानों पर आवारा कुत्तों के कई वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। यह समस्या भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के विकसित देशों में भी है।

Street Dogs: सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है जिसमें पांच वर्षीय एक बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला बोल दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो हैदराबाद की एक सोसाइटी का है। बच्चे की चीखें सुनकर उसके पिता उसके पास पहुंचे और उसे तुरंत अस्पताल ले गये। अस्पताल में नादान बालक को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। आवारा कुत्तों द्वारा मनुष्यों को काटने के मामले पूरी दुनिया में बढ़ रहे हैं।
भारत
'द स्टेट ऑफ पेट होमलेसनेस इंडेक्स' के डाटा के अनुसार भारत में नवंबर 2022 तक 6.2 करोड़ आवारा कुत्तों की जनसंख्या मौजूद थी। आवारा कुत्तों का मुद्दा भारत में चिंता का विषय रहा है, क्योंकि वे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि भारत में हर साल लगभग 20,000 लोग रेबीज से मरते हैं, जिनमें से अधिकांश मामले कुत्ते के काटने के कारण होते हैं। अक्टूबर 2022 में नोएडा में एक 1 वर्षीय बालक की आवारा कुत्ते के काटने से मृत्यु हो गई थी।
भारत सरकार समय-समय पर आवारा कुत्तों के वैक्सीनेशन जैसे अभियान चलाती है। सितंबर 2021 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2030 तक कुत्तों से होने वाले रेबीज को पूरी तरह समाप्त करने के लिए 'नेशनल एक्शन प्लान' की घोषणा की थी। भारत सरकार ने आवारा कुत्तों के लिए कुछ प्रावधान भी बनाए हैं जैसे, पशु जन्म नियंत्रण (कुत्ते) नियम, 2001 आदि। यह नियम जनसंख्या नियंत्रण के मानवीय तरीके के रूप में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का प्रावधान करता है। बावजूद इसके समस्या पहले से और विकराल रूप धारण कर चुकी है।
रूस
रूस में एक अनुमान के अनुसार लगभग 2 मिलियन आवारा कुत्ते हैं। हालांकि, रूस के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को समस्या के रूप में नहीं देखा जाता लेकिन शहरों में आवारा कुत्ते कई तरह की चुनौतियां एवं जोखिम पैदा करते हैं। रूस में आवारा कुत्तों की संख्या 20वीं शताब्दी में बहुत ज्यादा बढ़नी शुरू हो गई थी और तब इंसानों पर भी हमलों में तेजी देखी गयी थी। इस समस्या से निपटने के लिए तब सैकड़ों आवारा कुत्तों को मारा गया था। हालांकि आज भी आवारा कुत्तों की संख्या को रोकने के लिए वहां कई उपाय अपनाएं जा रहे हैं, इसमें उनकी नसबंदी करना सबसे प्रमुख है।
तुर्किये
तुर्किये के स्थानीय मीडिया चैनल 'हायतप' की साल 2018 की रिपोर्ट के अनुसार इस्तांबुल में 1.28 लाख आवारा कुत्ते हैं। दरअसल, आवारा कुत्तों की मौजूदगी सिर्फ इस्तांबुल में ही नहीं बल्कि पूरे तुर्किये में हैं। साल 2021 में राजधानी अंकारा में 800 आवारा कुत्तों को एक साथ जहर देकर मारा गया था। हालांकि, सरकार ने साल 2004 में आवारा कुत्तों के लिए एक कानून बनाया था, जिसके अनुसार तुर्किये में शहरों के स्थानीय प्रशासन के पास आवारा कुत्तों के पुनर्वास का अधिकार है उन्हें जहर देकर मारने का नहीं।
अमेरिका
अमेरिका में आवारा कुत्ते इतनी बड़ी समस्या बन गये हैं कि हर साल इस विकसित देश में लाखों आवारा कुत्तों को मार दिया जाता है। अमेरिका में आवारा कुत्तों को पशु नियंत्रण टीम द्वारा पकड़ा जाता है, और एक आश्रय में ले जाया जाता है जहां उनकी देखभाल की जाती है। अगर कोई मालिक किसी आवारा कुत्ते का दावा करता है तो उसे कुछ समय के लिए सौंप दिया जाता है। यदि कोई मालिक नहीं मिलता है, तो आश्रय की नीतियों और स्थानीय कानूनों के आधार पर कुत्तों को मार दिया जाता है। अमेरिकन सोसाइटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ़ क्रुएलिटी टू एनिमल्स की रिपोर्ट के मुताबिक प्रति वर्ष 3,90,000 आवारा कुत्तों को मार दिया जाता है।
थाईलैंड
थाईलैंड में आवारा कुत्तों की संभावित संख्या 3 लाख से 5 लाख के बीच है। इस देश में आवारा कुत्तों के लिए कोई प्रावधान नहीं है और वहां पर इन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है। हालांकि, थाईलैंड सरकार इनकी जनसंख्या को रोकने का पूरा प्रयास कर रही है। बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन (BMA) के अनुसार, 2020 में अकेले बैंकॉक में लगभग 1,20,000 आवारा कुत्ते थे। बीएमए ने आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए एक नसबंदी कार्यक्रम शुरू किया, लेकिन फिर भी आवारा कुत्तों की संख्या वहां एक चुनौती बनी हुई है।
जनसंख्या के आकार के अलावा, थाईलैंड में आवारा कुत्तों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंताएं हैं, उनमें से कई कुपोषण, रेबीज जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में रेबीज की सर्वाधिक उच्चतम दर थाईलैंड में है और आवारा कुत्ते इसके मुख्य कारण हैं। फिलहाल, थाईलैंड में आवारा कुत्तों की समस्या को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसमें नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रम सहित आवारा कुत्तों को गोद लेना शामिल है।
चीन
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो की 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में अनुमानित 50 मिलियन आवारा कुत्ते थे। चीन में आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के प्रयास स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जाते हैं, जिनमें आवारा कुत्तों को गोद लेना, टीकाकरण अभियान और सबसे मुख्य रूप से उन्हें मारना शामिल है। हालांकि, इन प्रयासों को कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। खासकर उन मामलों में जहां मारने के तरीके बेहद अमानवीय हैं।
जापान
आवारा कुत्ते अन्य देशों की तुलना में जापान में बहुत कम हैं। जापान के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार 2021 तक जापान में अनुमानित 110,000 आवारा कुत्ते थे। यह संख्या देश में कुल कुत्तों की आबादी का लगभग 0.1 प्रतिशत है। हाल के वर्षों में, जापान सरकार एवं पशु कल्याण संगठनों के विभिन्न प्रयासों के कारण जापान में आवारा कुत्तों की संख्या कम हो रही हैं। इन प्रयासों में नसबंदी और सरकारी शेल्टर होम्स प्रमुख हैं।
कोस्टा रिका
कोस्टारिका में लगभग 1.5 मिलियन आवारा कुत्ते हैं। खराब परिस्थितियों और भोजन एवं आश्रय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की कमी का सामना करते यह कुत्ते सड़कों पर भटकते हुए देखे जा सकते हैं। साल 2013 में कोस्टारिका की सरकार ने घोषणा की थी कि इन आवारा कुत्तों को पुलिस में शामिल होने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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