Sextortion: सेक्सटॉर्शन के बढ़ रहे हैं मामले, नेताओं को भी फंसाने के षड्यंत्र
केंद्रीय जल शक्ति और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल हाल ही में सेक्सटॉर्शन का शिकार होने से बाल-बाल बच गये। मंत्री को वीडियो कॉल के माध्यम से सेक्सटॉर्शन कर ठगी करने की कोशिश करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी पहचान मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहिब निवासी जुरहेरा जिला भरतपुर, राजस्थान के रूप में हुई है।

क्या होता है सेक्सटॉर्शन?
सेक्सटॉर्शन दो शब्द से मिलकर बना है 'सेक्स' और 'एक्सटॉर्शन' (जबरन वसूल)। यह एक तरह का साइबर अपराध है। इसका शिकार कोई भी बन सकता है। सेक्सटॉर्शन आरोपियों द्वारा ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता है। इसमें साइबर अपराधी इंटरनेट, व्हाट्सएप या मैसेजर के जरिये लोगों को वीडियो कॉल करते हैं। उस कॉल में दूसरी तरफ एक न्यूड महिला या पुरुष होता है। जो अश्लील हरकत करने के साथ-साथ आपके कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर रहा होता है। अब वह अपराधी उसी स्क्रीन रिकॉर्डिंग से आपके फेस के साथ एक अश्लील वीडियो बना लेता है। उसके बाद उस वीडियो क्लिप को इंटरनेट, सोशल मीडिया या आपके परिजनों के बीच वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग का खेल रचता है।
सेक्सटॉर्शन को लेकर कानून क्या कहता है?
सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट आकाश वाजपेयी बताते हैं कि सेक्सटॉर्शन जैसे मामलों में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 383, 384, 385 के तहत जबरन वसूली, धारा 354A, 354B और 354C के तहत गलत लांछन लगाने (महिला के मामले में), धारा-499, 500 के तहत मानहानि और धारा- 503, 506, 507 के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया जाता है। सेक्सटॉर्शन से जुड़े मामलों में आरोपी पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी), 2000 की धारा 67, 67A, 67B, 66E लगाया जाता है। इस धारा के तहत किसी भी व्यक्ति के लिये कंप्यूटर, लैपटॉप या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग करके आपत्तिजनक जानकारी भेजना एक दंडनीय अपराध माना गया है।
इन धाराओं में सजा का प्रावधान
धारा 384 के तहत, अगर कोई व्यक्ति किसी से एक्सटॉर्शन करता है तो उसे तीन साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। इसी तरह धारा 385 के तहत, अगर कोई किसी व्यक्ति को एक्सटॉर्शन न देने पर उसे नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है तो दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। धारा 354 के मामले में भी एक से दो साल तक की सजा का प्रवाधान है। जबकि आईपीसी की धारा 500 में मानहानि के मामले में दोषी पाये जाने पर उसे दो साल की जेल या जुर्माने या दोनों की सजा हो सकती है।
आईटी एक्ट के तहत लगाये गये धारा 67A में स्पष्ट यौन कृत्य वाली सामग्री को प्रकाशित करने या प्रसारित करने के लिए दंड का प्रावधान है। यहां पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67A के तहत 'स्पष्ट यौन कृत्य' शब्द का अर्थ केवल संभोग का कृत्य नहीं होगा, बल्कि इसमें नग्न वीडियो से संबंधित मामले भी आएंगे। धारा 67, 67A, 67B, 66E के तहत दो से तीन सजा की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
देश में सेक्सटॉर्शन के कितने मामले?
सेक्सटॉर्शन के जुड़े मामलों में साल दर साल वृद्धि हो रही है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ऑफ ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2021 रिपोर्ट के मुताबिक साइबर क्राइम के 52,974 मामले दर्ज किये गये थे। जिसमें 34% सेक्सटॉर्शन से जुड़े मामले थे। वहीं ब्रिटिश साइबर सिक्योरिटी फर्म SOPHOS की रिपोर्ट में भारत सेक्सटॉर्शन में टॉप 10 देशों में शामिल है। सितंबर 2019 और फरवरी 2020 के बीच भेजे गये लाखों सेक्सटॉर्शन स्पैम ईमेल से इस बात की जानकारी इकट्ठा की गयी है। सभी सेक्सटॉर्शन से जुड़े ईमेल में 3.73 प्रतिशत का स्रोत भारत से है। इसलिए इस लिस्ट में भारत को पांचवें स्थान पर रखा गया है। पूरी दुनिया में सेक्सटॉर्शन से जुड़ा सबसे ज्यादा मामले वियतनाम में हैं। वियतनाम (7.01 प्रतिशत), दूसरे स्थान पर ब्राजील (5.89 प्रतिशत), तीसरे पर अर्जेंटीना (4.76 प्रतिशत) और चौथे पर कोरिया (4.76 प्रतिशत) है।
सेक्सटॉर्शन से जुड़े कुछ बड़े मामले
7 फरवरी 2022 को भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने टीटी नगर थाने में सेक्सटॉर्शन से जुड़ा मामला दर्ज कराया था। भोपाल पुलिस ने इस मामले में भी भरतपुर के रहने वाले सगे भाइयों रवीन खान (23) और वारिस खान (21) को गिरफ्तार किया था।
15 दिसंबर 2021 को मध्य प्रदेश के ही भाजपा के वरिष्ठ नेता हरिहर शर्मा को व्हाट्सएप पर दो बार वीडियो कॉल आया था। जैसे ही उन्होंने कॉल रिसीव की, उधर से एक लड़की ने टॉपलेस होकर बात करने की कोशिश की थी। जिसे लेकर हरिहर शर्मा ने एफआईआर दर्ज करवाया था।
नवंबर 2022 में सेक्सटार्शन से जुड़ा मामला ओडिशा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में खूब गूंजा था। कांग्रेस नेता नरसिंह मिश्रा ने सदन में कहा था कि नवीन पटनायक की पार्टी के कई नेताओं के महिला ब्लैकमेलर अर्चना नाग के साथ अंतरंग संबंध थे। अर्चना नाग को 'सेक्सटॉर्शन' के जरिए अमीर और प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल करने के आरोप में अक्टूबर में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।












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