PM Modi at G-20 Summit: बाली में जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने फिर जमाया भारत का प्रभाव
PM Modi at G-20 Summit: इस साल G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन इंडोनेशिया के बाली में 15-16 नवंबर, 2022 को हुआ। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में 20 देशों के मुखिया शामिल हुए, जिसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, साउथ कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन (EU) शामिल थे।

इस शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध, आर्थिक मंदी और ईंधन की कीमतों को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गयी। गौरतलब है कि इस वर्ष रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन G20 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने वीडियो मैसेज के द्वारा संबोधन दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G20 में शामिल होने के लिए 14 नवंबर की शाम को इंडोनेशिया पहुंचे और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने वहां पर सभी लगभग सभी देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की। इसके संपन्न होते ही भारत को आधिकारिक तौर G20 की अध्यक्षता सौंप दी गई है। आइये समझने की कोशिश करते है कि यह शिखर सम्मलेन भारत की कूटनीतिक दृष्टि से कितना सफल रहा।
भारत और ब्रिटेन
G20 शिखर सम्मेलन, इंडोनेशिया में ब्रिटेन के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री सुनक की मुलाकात के बाद ब्रिटेन ने यह फैसला लिया है कि वह भारतीय युवा पेशेवरों के लिए हर वर्ष 3,000 वीजा की मंजूरी देगा। इसके अलावा, भारत से व्यापार समझौते को पुनर्जीवित करने के लिए प्रधानमंत्री सुनक ने एक पहल की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री सुनक को टैग करते हुए अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से बताया कि दोनों देशों ने वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ाने, रक्षा सुधारों के संदर्भ में सुरक्षा सहयोग के दायरे को बढ़ाने और आपसी संबंधों को और भी मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की है। उधर प्रधानमंत्री सुनक ने भी अपने ट्वीटर एकाउंट से प्रधानमंत्री मोदी और अपनी हाथ मिलाते हुए एक तस्वीर शेयर कर हिंदी में एक ट्विट किया, "एक मज़बूत दोस्ती।"
भारत और फ्रांस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों में पहले से ही अच्छी दोस्ती हैं। इस बार के G20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के लिए दोपहर के भोजन की मेजबानी राष्ट्रपति मैक्रों ने की।
दोनों नेताओं ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक के बारे में चर्चा की। इन मुद्दों पर बातचीत की जानकारी खुद प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रेंच भाषा में एक ट्विट करके बताई। वही, राष्ट्रपति मैक्रों ने भी हिंदी में ट्विट कर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ, शांति के लिए हम एक ही एजेंडा साझा करते हैं। हम भारत की आगामी जी20 अध्यक्षता के तहत इस पर काम करेंगे।"
भारत और अमेरिका
अमरीकी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी की गर्मजोशी से मिलने और एक-दूसरे को दुआ-सलाम करने वाली कई तस्वीरें इन्टरनेट पर वायरल हैं। दोनों देशों ने आर्टिफीसियल तकनीक जैसे क्षेत्रों में परस्पर सहयोग सहित संगठनों में अपने देशों के सहयोग पर भी चर्चा की।
अन्य देशों के प्रमुखों से प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कॉल्ज से रक्षा मुद्दों, आर्थिक मुद्दों और रक्षा सहयोग आदि मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन भाषा में ट्वीट कर कहा कि वह जर्मन चांसलर से मिलकर बहुत खुश हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज से मिलकर अपनी खुशी जाहिर की। दोनो देशों के प्रमुखों ने शिक्षा, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान देने के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। मोदी और अल्बनीज ने व्यापार और समुद्री सहयोग बढ़ाने पर भी बात की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इटेलियन भाषा में ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ बेहतरीन मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमने विचारों का आदान-प्रदान किया कि कैसे भारत और इटली ऊर्जा, रक्षा, संस्कृति और जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देने जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमने अपने देशों के बीच आर्थिक साझेदारी बढ़ाने के तरीकों पर भी ध्यान केंद्रित किया।
G20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने बाली में सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग से मिलकर अपनी खुशी व्यक्त की। दोनो देशों के प्रमुखों ने अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक जैसे क्षेत्रों में अवसरों को बढ़ाने और व्यापार संबंधों को गहरा करने पर चर्चा की। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सिंगापुर भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री लूंग ने व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आधिकारिक मुलाकात नहीं की लेकिन भोजन के दौरान दोनों देशों के प्रमुख एक-दूसरे से मिले और कुछ मिनटों तक ही बात की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री और IMF की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ के साथ भी मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के महानिदेशक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेश, विश्व बैंक (WB) के अध्यक्ष, नीदरलैंड के राष्ट्रपति मार्क रूत्ते, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष से भी मुलाकात की।
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