असुर महिषासुर के नाम पर है मैसूर का नाम जानिए क्यों?
नई दिल्ली। आज चारों ओर महिषासुर के शहादत दिवस को लेकर बातें हो रही है। संसद में इसी बात पर हल्ला मचा है कि आखिर क्यों एक राक्षस को जेएनयू कैंपस में पूजा जाता है। जिस पर बहस छिड़ गई है, महिषासुर को सही मानने वाले उसे दलितों का एक दयालु राजा कहते हैं तो उसके बारे में इतिहासकारों ने एक रोचक जानकारी भी दी है।
कौन था महिषासुर, क्यों मनाते हैं जेएनयू वाले उसका शहादत दिवस?
इतिहासकारों ने कहा है कि पौराणिक कथाओं में उल्लेख है कि महिषासुर एक राक्षस जरूर था लेकिन उसके अंदर भी काफी अच्छे गुण थे इसलिए कर्नाटक के खूबसूरत और ऐतिहासिक शहर मैसूर का नाम उसके नाम पर रखा गया है। जिस पर मैसूर समेत पूरे कर्नाटक को कोई आपत्ति नहीं है। इस रोचक खबर को और विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये...

महिषासुर के नाम पर मैसूर का नाम
मैसूर यूनिवर्सिटी के एनशियंट हिस्ट्री और आर्कियोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर एवी नरसिम्हा मूर्ति के मुताबिक मैसूर का नाम महिषासुर की कथा से निकला है।

देवी चामुंडेश्वरी
महिषासुर का वध देवी चामुंडेश्वरी ने किया था इसलिए यहां मां का मंदिर है लेकिन इस शहर का नाम असुर के नाम पर ही है।

महिषासुर में थी कुछ अच्छी बातें
इतिहासकारों ने कहा कि महिषासुर के अंदर कुछ अच्छी बातें थीं इस कारण उसके नाम पर शहर का नाम है ऐसा अशोक के समय मिले दस्तावेजों से पता चलता है।

दलित था महिषासुर?
हालांकि महिषासुर दलित था इस बारे में कोई उल्लेख नहीं है और वो आदिवासी था इस बारे में कोई खासा प्रमाण नहीं है।

बौद्द धर्म का प्रचारक
अशोक के समय मिले दस्तावेजों से यह भी साबित होता है कि वो बौद्द धर्म का प्रचारक था।

महिषासुर के नाम पर मैसूर
मैसूर यूनिवर्सिटी के पूर्व इतिहासकार पीवी नंजराज उर्स ने कहा है कि मैसूर को पहले येम्मे नाडु या भैसों की धरती कहा जाता था जो बाद में यह महिषा नाडु हो गई और बाद में वो नाम मैसूर में तब्दील हो गया।

आदिवासी प्रजातियां मानती हैं महिषासुर को भगवान
हालांकि देश की कुछ आदिवासी प्रजातियां महिषासुर को अपना भगवान मानती हैं और इसी कारण जब नवरात्रि में मां दुर्गा की जब लोग पूजा करते हैं तब वो लोग 9 दिन शोक मनाते हैं और एक मूर्ति को महिषासुर मानकर उसके शरीर में वहां-वहां तेल लगाते हैं जहां-जहां मां दुर्गा ने उस पर त्रिशूल से वार किया था।

घुड़सवारी का शौक रखती हैं मैसूर के नये राजा यदुवीर वाडियार की मंगेतर
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