पेरेंट्स के दवाब में चुनते है इंजीनियरिंग कोर्स: सर्वे
नयी दिल्ली। बच्चे को बड़ा होकर इंजीनियर बनना है या फिर डॉक्टर इसका फैसला हमारे पेरेंट्स जन्म के साथ ही कर लेते है। बच्चा मां के गर्भ से निकलता नही है कि अभिभावक उनके भविष्य और उसके करियर का फैसला खुद ब खुद कर लेते हैं। मानो भारत में बच्चों का करियर चुनने का अधिकार उनके पास होता ही नहीं। अधिकांश परिवार में उनके अभिभावक ही अपने बच्चों का करियर चुनते है।

ऐसे में भारत में बच्चों के करियर के लिए अभिभावकों की पहली पसंद इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर है। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 18 फीसदी भारतीय पैरेंट्स अपने बच्चों को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित कोर्स कराने की इच्छा रखते हैं। केवल 14 फीसदी अभिभावक बच्चों को इंजीनियर या डॉक्टर बनाना चाहते हैं।
ये तो एक आंकड़ा है वहीं एक स्टडी ये बी कहती है कि भारत में 65 फीसदी बच्चे अपने अभिभावकों के कहने पर इंजीनियरिंग करियर को चुनते है। जी हां प३ाइवेट कंपनीएम ट्यूटर द्वारा कराए गे सर्वे के मुताबिक भारत मेंऐसे बच्चों की तादात अधिक है तो अपने अभिभावकों के कहने पर इंजीनियरिंग का करियर चुनते हैं।
देश के अलग-अलग 100 कॉलेजों में कराए गए सर्वे के मुताबिक देश में अधिकांश बच्चे अपने पेरेंट्स के कहने पर इस करियर को चुनते हैं। जबकि उनकी दिलचस्पी उसमें बिल्कुल नहीं होती। वहीं एचएसबीसी के सर्वे के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया जैसे देशों में पैरेंट्स की पहली पसंद मेडिसिन है। जबकि यूएई में 33 फीसदी और इंडोनेशिया में 31 फीसदी लोग बच्चे को डॉक्टर बनाना चाहते हैं।












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