Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

परमाणु बम गिराने में सक्षम Agni-3 Missile की ये है ताकत, जानिए दुनिया के किस देश के पास है सबसे ताकतवर मिसाइल?

Powerful Missiles: भारत अपनी रक्षात्मक ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है। जल, थल, और वायु - तीनों ही क्षेत्रों में देश को मजबूती प्रदान करने के लिए केंद्र सरकारों द्वारा समय-समय पर कई कदम उठाये गए हैं। भारतीय सेना में अब नयी और आधुनिक तकनीकों से लैस आर्टिलरी गन, असॉल्ट राइफल्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, राडर, ड्रोन और रक्षा क्षेत्र से जुड़े दूसरे उपकरण शामिल किये जा रहे है।

most powerful missiles have to india china know about all Agni-3 Missile

इसी कड़ी में भारत ने लंबी दूरी तक हमला करने वाली इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का सफल परीक्षण किया है। तीन हजार किलोमीटर रेंज वाली परमाणु क्षमता से लैस इस मिसाइल को ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लॉन्च किया गया। जो परीक्षण के दौरान सभी मानकों पर खरी उतरी। वैसे बता दें कि इस मिसाइल की खूबी को परखने के लिए पहले भी कई बार इसके टेस्ट किए जा चुके हैं और इस बार भी ये टेस्ट के दौरान पूरी तरह से सफल रही।

हालांकि, ये अग्नि-3 मिसाइल पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी है, जिसकी खूबियों के बारे में आपको बताएंगे। साथ ही ये भी जानेंगे कि दुनिया के और ऐसे कौन से देश हैं, जिनके पास सबसे ताकतवर मिसाइल हैं, और भारत की अग्नि-3 मिसाइल उसमें कहां ठहरती है।

अग्नि-3 की क्या हैं खूबियां?

अग्नि-3 की रफ्तार ही इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी है। अपने नाम के मुताबिक अग्नि-3 की मारक क्षमता ही इसे सबसे खतरनाक हथियार बनाती है। इस मिसाइल की अधिकतम गति मैक 15 यानी 18 हजार 375 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसका मतलब है कि अग्नि-3, 5 से 6 किलोमीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से उड़ती है। यानि दिल्ली से 3,791 किलोमीटर दूर बीजिंग तक जाने में इस मिसाइल को केवल 13 मिनट का वक्त लगेगा। जबकि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद तक 697 किलोमीटर की हवाई दूरी तय करने में अग्नि-3 को सिर्फ ढाई मिनट लगेंगे।

17 मीटर लंबी अग्नि मिसाइल का वजन 50 हजार किलोग्राम है। जिसे 8x8 ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर से छोड़ा जाता है। मोबाइल लॉन्चर की वजह से इसे कहीं से भी छोड़ा जा सकता है। अपने टारगेट से करीब 40 मीटर यानी 130 फीट दूर गिरने पर भी अग्नि-3 मिसाइल 100 फीसदी तक कोहराम मचा सकती है। यही नहीं, मिसाइल पर 2,490 किलोग्राम वजनी हथियार भी तैनात किये जा सकते हैं।

450 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाने की क्षमता की वजह से आसमान में मौजूद कोई भी लक्ष्य इस मिसाइल से भेदा जा सकता है। अग्नि-3 मिसाइल में रिंग लेजर गाइरोस्कोप इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम लगा है। जिसकी वजह से उड़ान के दौरान भी ये मिसाइल अपना रास्ता बदल सकती है। यह उड़ते समय ही ये इंफ्रारेड होमिंग, रडार सीन कोरिलेशन और एक्टिव रडार होमिंग की मदद से दुश्मन पर अचूक हमला करती है।

9 जुलाई 2006 को हुआ था पहला टेस्ट

सेना के लिए रिसर्च और हथियार बनाने वाली संस्था डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानि DRDO ने इस मिसाइल को विकसित है। जिसका पहला टेस्ट 9 जुलाई 2006 को हुआ था लेकिन वो असफल रहा। DRDO ने इसमें सुधार किए और फिर 2007 में फिर से इसका परीक्षण किया। इस बार यह टारगेट को भेदने में सफल रही। इसके बाद तो साल 2010, 2013, 2015 और 2017 में भी इसके अलग-अलग मापदंडों के लिए परीक्षण किये गए जोकि सफल रहे।

'अग्नि सीरीज' की मिसाइल

अग्नि-3 मिसाइल संभालने की जिम्मेदारी स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड के पास है। सेना का यह अंग भारत के परमाणु हथियारों का रख-रखाव करता है। इस वक्त भारत के पास अग्नि सीरिज की पांच मिसाइल्स हैं। जिनका इस्तेमाल पारंपरिक विस्फोटक से हमला करने के साथ ही न्यूक्लियर अटैक में भी हो सकता है। ऐसे में अग्नि-3 के अलावा हमें अग्नि सीरिज की 4 और मिसाइलों की रेंज के बारे में भी जानना चाहिए।

मिसाइल रेंज

1 अग्नि-1 700 किलोमीटर

2 अग्नि-2 2 हजार किलोमीटर

3 अग्नि-3 3 हजार किलोमीटर

4 अग्नि-4 4 हजार किलोमीटर

5 अग्नि-5 5 हजार किलोमीटर

इन देशों के पास है सबसे ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइलें

मिसाइलों के मामले में सबसे ज्यादा ताकतवर देश अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस ही हैं। इनके पास एक से बढ़कर एक ताकतवर और हमलावर मिसाइलें हैं.

LGM-30G Minuteman III, अमेरिका - अमेरिका की मिनटमैन 3 मिसाइल को साइलो से लॉन्च किया जाता है। अमेरिका के पास ऐसी 450 मिसाइलें हैं। इसकी रेंज 13 हजार किलोमीटर है। अमेरिका ने इस मिसाइल के साइलो पूरे देश में चारों तरफ तैनात कर रखे हैं। यह अधिकतम 1100 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है।

Trident II, अमेरिका - अमेरिका की ट्राईडेंट 2 या ट्राईडेंट डी5 एक सबमरीन से लॉन्च होने वाली ICBM है। अमेरिका ने इसे ओहायो क्लास सबमरीन में तैनात किया है। इसकी रेंज फुल लोड के साथ 7800 और कम लोड के साथ 12 हजार किलोमीटर है।

JL-2, चीन - चीन की यह बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी से लॉन्च की जाती है। इसका जमीनी वर्जन डीएफ-31 (DF-31) है। इस मिसाइल से किसी भी देश या इलाके पर परमाणु हमला किया जा सकता है। इस मिसाइल की रेंज 7400 से 8000 किलोमीटर है। यह मिसाइल पूरे यूरोप, भारत, रूस और अमेरिका के कुछ हिस्सों तक आराम से पहुंच सकती हैं।

M51, फ्रांस - फ्रांस की यह बैलिस्टिक मिसाइल भी पनडुब्बी से दागी जाती है। इसे फ्रांस के ले ट्रायमफैंट क्लास सबमरीन में तैनात किया गया है। यह मिसाइल पूरे पेलोड के साथ 8000 किलोमीटर और कम पेलोड के साथ 10 हजार किलोमीटर की दूरी तक जा सकती है। इसमें छह से 10 वॉरहेड लगाए जा सकते हैं। एक ही मिसाइल से 6 से 10 स्थानों पर घातक हमला किया जा सकता है।

R-29RMU2.1 Layner, रूस - रूस की यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन से छोड़ी जाती है। यह सिनेवा मिसाइल का अपग्रेड वर्जन है। इसे रूस ने अपने डेल्टा चार क्लास सबमरीन में तैनात किया है। पूरे लोड के साथ इसकी रेंज 8300 किलोमीटर और कम लोड के साथ 12 हजार किलोमीटर है।

Bulava, रूस - रूस की बुलावा मिसाइल को सबमरीन से लॉन्च किया जाता है। इसे रूस की नई बोरेई क्लास सबमरीन में तैनात किया गया है। यह तोपोल-एम मिसाइल का नौसैनिक वर्जन है। इसकी रेंज 9500 किलोमीटर है। यह रूस के ग्लोनास सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम से दिशा और टारगेट तय करती है। यह कई तरह के एयर डिफेंस सिस्टम को धोखा दे सकती है।

R-36M2 Voyevoda, रूस - सोवियत संघ के समय बनी R-36 मिसाइल को स्कार्प के नाम से भी जानते हैं. इसकी रेंज 11 हजार किलोमीटर है। यह रूस के आधुनिक 'Satan' मिसाइलों का पुराना रूप है। यह बेहद तेज गति से उड़ने वाली मिसाइल है और साथ ही इसका वजन भी बहुत ज्यादा है। इसे जमीन में बने साइलो से लॉन्च से लॉन्च की जाती है।

DF-31AG, चीन - कई सालों तक चीन इन मिसाइलों छिपाता रहा, लेकिन 2017 में इसे सार्वजानिक रूप में प्रदर्शित किया गया। इसकी रेंज 11,200 किलोमीटर है और यह अमेरिका, यूरोप और रूस के हर हिस्सें को टारगेट कर सकती है।

DF-41, चीन - दावा किया जाता है कि चीन की यह मिसाइल इस समय दुनिया की सबसे ताकतवर मिसाइलों में से एक है। यह 8 एक्सल लॉन्चर व्हीकल से दागी जाती है। इसकी रेंज 12 हजार किलोमीटर है। यह अपने साथ 10 वॉरहेड ले जा सकती है।

RS-24 Yars, रूस - यह रूस की नई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे मोबाइल लॉन्चर और साइलो से लॉन्च किया जाता है। इसके लिए रूस ने 63 मोबाइल और 10 साइलो बेस्ड लॉन्चिंग स्टेशन बनाए हैं और इसकी रेंज 12 हजार किलोमीटर है।

यह भी पढ़ें: PoK: कितना भारतीय भूभाग है पाकिस्तान और चीन के कब्जे में, जानिए पूरा इतिहास

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+