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INX Media Case: कार्ति चिदंबरम पर फिर गिरी ईडी की गाज, जानें क्या है आईएनएक्स मीडिया केस?

प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति चिदंबरम की ₹11.04 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है। उन पर अवैध तरीके से पैसा कमाने और अपनी INX कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप है।

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INX Media Case: पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ 18 अप्रैल 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएनएक्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी ₹11.04 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। ईडी के मुताबिक कुर्क की गई चार संपत्तियों में से एक कर्नाटक के कुर्ग जिले में स्थित अचल संपत्ति है।

बता दें कि कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट से कांग्रेस के मौजूदा सांसद है। कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने गिरफ्तार किया था। यह मामला आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अवैध धन प्राप्त करने से संबंधित है।

क्या है आईएनएक्स मीडिया केस?

यह पूरा मामला आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) से गैर कानूनी तरीके से मंजूरी दिलवाने से जुड़ा है। इसमें आईएनएक्स ने ₹305 करोड़ का विदेशी निवेश हासिल किया था। जबकि एफआईपीबी ने आईएनएक्स को ₹4.62 करोड़ के विदेशी निवेश की अनुमति दी थी। वहीं आईएनएक्स मीडिया ने गलत तरीके से इस निवेश की 26 प्रतिशत राशि आईएनएक्स न्यूज में लगा दी, वो भी बिना एफआईपीबी की अनुमति से। तब मई 2007 में वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने पाया कि आईएनएक्स मीडिया के पास मॉरिशस स्थित तीन कंपनियों से गलत तरीके से पैसे आ रहे हैं।

वैसे बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा यह पूरा मामला साल 2007 का है। वहीं आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। जिसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी थे। इस मामले में ये दोनों भी आरोपी हैं। वैसे इस मामले में कार्ति चिदंबरम और पी. चिदंबरम दोनों ही जेल जा चुके हैं।

जानें, आईएनएक्स मीडिया केस में कब-कब क्या हुआ?

साल 2010 में सबसे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट कानून को तोड़ने के जुर्म में केस दर्ज किया था। लेकिन, तब केंद्र में यूपीए की सरकार थी तो मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

साल 2017 से शुरू हुई कार्रवाई

एफआईपीबी द्वारा आईएनएक्स मीडिया को क्लीयरेंस देने में गड़बड़ी करने के आरोप में 15 मई को सीबीआई ने केस दर्ज किया। आरोप लगा कि साल 2007 में जब पी. चिदंबरम तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री थे, तब आईएनएक्स मीडिया ने ₹305 करोड़ विदेश से मंगवाए। इसके बाद 16 जून को गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर एंड ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया।

10 अगस्त को मद्रास हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर पर स्टे लगाया। फिर सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को कार्ति चिदंबरम के मामले में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। तब 11 सितंबर को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसके पास विदेशों से पैसे के लेन-देन के पर्याप्त सबूत हैं।

सुप्रीम कोर्ट में 9 अक्टूबर को पी. चिदंबरम बोले कि भाजपा सरकार जानबूझकर मुझे और मेरे बेटे से राजनीतिक बदला ले रही है। कार्ति चिदंबरम एयरसेल-मैक्सिस डील मामले में 8 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने सीबीआई द्वारा भेजे गये समन को चुनौती दी।

2018 में कार्ति चिदंबरम हुए गिरफ्तार

16 फरवरी 2018 को कार्ति चिदंबरम का सीए एस.भास्कर रमन गिरफ्तार किया गया। आरोप लगा कि वह कार्ति के अवैध पैसों का सेटलमेंट करता था। फिर 28 फरवरी को सीबीआई ने कार्ति को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। तब दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में कार्ति को एक दिन की कस्टडी में भेजा।

इसके 23 दिन बाद यानि 23 मार्च को कार्ति को जमानत मिली और वे जेल से बाहर आ गये। वहीं 11 अक्टूबर को ईडी ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारत, ब्रिटेन और स्पेन में कार्ति की 54 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की।

2019 में जब पी. चिदंबरम हुए गिरफ्तार

21 जून को केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने अनुमति मांगी कि वित्त मंत्रालय में काम करने वाले दो अधिकारियों सिंधुश्री खुल्लर और अनूप के. पुजारी को गिरफ्तार किया जाये। 11 जुलाई को जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी गवाह बनने के लिए तैयार हो गईं और एक जज के सामने रखी शर्तों को स्वीकार कर लिया।

वहीं 20 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने पी. चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी। 21 अगस्त को इस मामले में सीबीआई ने पी. चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद 16 अक्टूबर को इसी मामले में ईडी ने पी. चिदंबरम को गिरफ्तार किया। वहीं 4 दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली और 106 दिन बाद पी. चिदंबरम तिहाड़ जेल से बाहर आये।

यह भी पढ़ें: Karti Chidambaram की ₹ 11.04 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ED ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन लिया

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