पूरी हुई चंदन की एक और ड्रीम विश, मिल गया 'तेजस'
नई दिल्ली। 14 वर्ष का 'फाइटरमैन' चंदन जो जिंदगी में एक फाइटर पायलट बनना चाहता है, उसे सोमवार को लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट तेजस का एक मॉडल गिफ्ट किया गया। देश के सबसे कम उम्र का फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल करने वाले चंदन के चेहरे पर दर्द के बाद भी मुस्कान तैर गई जब उसने तेजस के एक मॉडल को अपने हाथ में लिया।
पूरी हुई चंदन की 'ड्रीम विश'
सोमवार को दिल्ली के श्री अरबिंदो मार्ग पर स्थित उदय फाउंडेशन जहां पर चंदन का इलाज चल रहा है वहां पर जाकर एडीए के प्रतिनिधि ने चंदन को तेजस का मॉडल सौंपा।
उदय फाउंडेशन के राहुल वर्मा ने इस बारे में जानकारी दी कि बिना एक मिनट भी गंवाएं हमने इस बात के पूरे इंतजाम किए कि चंदन तक जल्द से जल्द उसका गिफ्ट पहुंच जाए। राहुल की मानें तो फाउंडेशन के लिए यह एक मिशन की तरह ही था।
तेजस को सीने से लगाकर रखता चंदन
चंदन को एंबुलेंस से एम्स ले जाया जा रहा था, उसी समय उसका गिफ्ट उसे सौंपा गया। अपने गिफ्ट को देखते ही चंदन के चेहरे पर एक हंसी आ गई। यह हंसी उसके दर्द पर उसकी जीत का सुबूत थी। चंदन पिछले छह दिनों से कुछ नहीं खा रहा है। वह दर्द भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है और उसकी आंखे भी सूज गई हैं।
जब उसने तेजस को अपनी आंखों के सामने देखा तो उसे छूकर मुस्कुराया। वह अस्पताल तक तेजस को सीने से लगाए रहा। उसके पिता गिरीश मंडल ने बताया चंदन एक भी सेकेंड उसे छोड़ने को तैयार नहीं था।
एडीए को देरी का मलाल
नवंबर में जब बाल दिवस के मौके पर जब चंदन ने फाइटर पायलट की यूनिफॉर्म पहनी थी, उसी समय उसने एक फाइटर प्लेन के मॉडल की ख्वाहिश जताई थी। सोमवार को उसकी यह ख्वाहिश भी पूरी हो गई। चंदन पर वनइंडिया की एक स्पेशल रिपोर्ट पर एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) के निदेशक पीएस सुब्रहमण्यम का ध्यान गया।
एडीए ही तेजस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है। जब उन्होंने रिपोर्ट पढ़ी तो दिल्ली में डीआरडीओ मुख्यालय जाते समय ही यह फैसला किया कि वह चंदन की इस एक और ड्रीम विश को पूरा करेंगे।
उन्होंने बताया कि मैंने जैसे ही यह रिपोर्ट पढ़ी तो मैं अंदर तक हिल गया। मुझे इस बात को लेकर भी खासी निराशा हुई कि चंदन को अपनी इस विश के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़ा।
चंदन असली फाइटर
सुब्रहमण्यम जो देश के अग्रणी वैज्ञानिक हैं और तेजस प्रोजेक्ट प्रमुख हैं, उन्होंने चंदन की हालत के बारे में भी वनइंडिया से पूरी जानकारी ली। हालांकि वह चंदन से दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से उससे मिलकर तेजस का मॉडल उसे गिफ्ट नहीं कर सके।
उन्होंने कहा कि वह इस बात को जानकर खुश हैं चंदन की विश को एडीए ने पूरा कर दिया है। सुब्रहमण्यम के मुताबिक नवंबर में जब चंदन ने अंबाला एयरबेस जाकर जी-सूट पहनकर जगुआर को करीब से देखा, तो वह खबर उनके दिल को छू गई थी। वह खुश हैं कि अब चंदन के पास हमेशा तेजस रहेगा।
वह एडीए या फिर खुद को इस बात का श्रेय देने से मना कर देते हैं। वह मानते हैं कि चंदन को नवंबर में ही तेजस का मॉडल मिल सकता है लेकिन अब वह सिर्फ चंदन के लिए प्रार्थना करने की बात करते हैं। उन्होंने चंदन को एक सच्चा फाइटर तक करार दिया।
पिता को प्रार्थनाओं पर पूरा भरोसा
चंदन के पिता के मुताबिक डॉक्टरों को उम्मीद है कि वे अब चंदन को कुछ और तरीकों के जरिए खाना खिलाने की कोशिश की जाएगी। गिरीश ने जानकारी दी कि उदय फाउंडेशन की ओर से उन्हें बताया गया है कि उनके बच्चे के लिए देश भर में दुआएं हो रही हैं। वह इस बात को लेकर काफी खुश हैं और उन्हें लगता है कि लोगों की दुआओं का असर होगा। भगवान उनकी और सबकी प्रार्थनाओं को जरूर सुनेंगे।













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