Electric Vehicles: भारत ने स्वदेशी चार्जिंग मानक विकसित किया, इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

Electric Vehicles: भारत ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पहला स्वदेशी AC और DC संयुक्त चार्जिंग कनेक्टर मानक (स्टैंडर्ड) विकसित कर लिया है।। यह इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया वाहन और माइक्रो कार जैसे लाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल (LEVs) के लिए उपयोगी साबित होगा।

दावा है कि यह LEV के लिए दुनिया का पहला संयुक्त AC और DC चार्जिंग कनेक्टर स्टैंडर्ड भी है, जिसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से देश में तैयार किया गया है। इस नए चार्जिंग सिस्टम को एक राष्ट्रीय स्टैंडर्ड के तौर पर विकसित करने के लिए नीति आयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, ARAI, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एक साथ काम किया।

India develops indigenous charging standard boost to electric vehicles in market

अगर इस नई तकनीक को अपनाया जाता है तो इससे न केवल भारतीय वाहनों को बल्कि, वैश्विक स्तर पर LEVs को भी फायदा मिलेगा। यह इंटीग्रेटेड चार्जिंग सिस्टम वाहन मालिकों के साथ निर्माताओं और EV चार्जिंग स्टेशन ऑपरेटर्स के लिए भी मददगार साबित होगा। एक अनुमान के मुताबिक वर्तमान समय में भारत में लगभग 23 लाख इलेक्ट्रिक वाहन तथा 1742 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं।

अंतरराष्ट्रीय मानकों पर निर्भरता खत्म होगी

नए चार्जिंग कनेक्टर स्टैंडर्ड से कंपनियों को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों और प्रोटोकॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे एक स्वदेशी चार्जिंग सिस्टम को लागू कर सकेंगे, इससे भारतीय नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। यह मानक हल्के इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए 4W चार्जिंग कनेक्टर की ज्यादा लागत और बड़े आकार की समस्या को भी खत्म करेगा। इसमें वाहनों को तेज या धीमी गति से चार्ज करने की दोनों सुविधा होगी।

भारत में लगभग 23 लाख इलेक्ट्रिक वाहन, यूपी में सर्वाधिक

एक अनुमान के मुताबिक वर्तमान समय में भारत में लगभग 2.3 मिलियन (23 लाख) इलेक्ट्रिक वाहन हैं। मार्च 2023 तक उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या सबसे अधिक थी। महाराष्ट्र इसके बाद दूसरे स्थान पर है। भारत में अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन दो और तीन पहिया हैं। सरकार की ओर से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश में 7.0 लाख, महाराष्ट्र में 4.0 लाख, कनार्टक में 3.1 लाख, दिल्ली में 2.6 लाख, राजस्थान में 2.2 लाख इलेक्ट्रिक वाहन मौजूद हैं।

2030 तक ऑटोमोबाइल में भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनेगा

ई-वाहन पोर्टल (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय) के अनुसार भारत में कुल 13,34,385 इलेक्ट्रिक वाहन और 27,81,69,631 गैर-इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग में हैं। भारत वर्तमान में ऑटोमोबाइल के लिए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाजार है, जिसमें आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों शामिल हैं। 2030 तक इसके दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनने की उम्मीद है।

टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे प्रमुख भारतीय वाहन निर्माताओं ने ईवी बनाना शुरू कर दिया है, जबकि कई विदेशी कंपनियां भी इस बाजार में प्रवेश करने की योजना पर काम कर रही है। भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का आकार 2030 तक 152.21 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

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