Shri Krishna Queens: कन्हैया की रानियां, कहां-कहां की थीं राजकुमारियां
Shri Krishna Queens: भगवान् श्रीकृष्ण की 8 रानियां थी, जिन्हें अष्ट-भार्या के नाम से जाना जाता है। वैसे तो कृष्ण की 1608 पत्नियों का भी जिक्र आता है, पर उसकी कहानी अलग है। पुराणों में रुक्मिणी, सत्यभामा, जाम्बवती, नग्नजीति या सत्या, कालिंदी, मित्रविंदा, भद्रा और लक्ष्मणा को ही भगवान कृष्ण की पटरानियां होने का जिक्र आता है। यह जानना बहुत दिलचस्प होगा कि ये रानियां आखिर कहाँ की राजकुमारियां थीं?
रुक्मिणी: रुक्मिणी को कृष्ण की सबसे प्रिय रानी मानते हैं। वह विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थीं। आज के विदर्भ में क्षेत्र में कुल 11 जिले शामिल हैं: अमरावती, अकोला, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम और यवतमाल। भीष्मक मगध के राजा जरासंध के जागीरदार थे । रुक्मिणी के माता-पिता को रुक्मिणी का विवाह कृष्ण से करने में कोई एतराज नहीं था, लेकिन उनका पुत्र रुक्मी अपनी बहन रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल से करने पर अड़ा हुआ था। शिशुपाल, जरासंध का एक जागीरदार और निकट सहयोगी था। रुक्मिणी केवल श्रीकृष्ण से ही विवाह के लिए तैयार थीं। उन्होंने एक ब्राह्मण के जरिये कृष्ण को संदेश भिजवाया कि वह विदर्भ आकर उसे अपने साथ ले जाएं। श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर उनसे विवाह कर लिया।

सत्यभामा: सत्यभामा श्री कृष्ण की दूसरी पत्नी थीं। सत्यभामा अवंतिका, जिसे वर्तमान में उज्जैन कहा जाता है, के राजा सत्राजित की पुत्री थीं। उन्हें भूदेवी का भी अवतार कहा जाता है। इनसे कृष्ण को दस पुत्र हुए। भगवान कृष्ण ने सत्यभामा की सहायता से ही नरकासुर दैत्य का संहार किया था।
जाम्बवती: श्री कृष्ण की एक और पत्नी जाम्बवती थीं जो बाली के सहयोगी जाम्बवंत की पुत्री थीं। कहते हैं कि नंदिवर्धन पर्वत (तत्कालीन नाँदिया, सिरोही, राजस्थान) पर २८ दिनों तक कृष्ण और जाम्बवंत के बीच युध्द चला। जाम्बवंत को जब श्रीकृष्ण के भीतर श्रीराम के दर्शन हुए, तो उन्होंने अपनी पुत्री जाम्बवती का विवाह श्रीकृष्ण से करवा दिया।
नग्नजीति या सत्या: भागवत पुराण और हरिवंश के अनुसार नग्नजीति श्रीकृष्ण की एक और पटरानी थीं। नग्नजीति के पिता नागनजीत कोसल के राजा थे, जिनकी राजधानी अयोध्या थी। नागनजीत को कोसल-पति और अयोध्या-पति के रूप में वर्णित किया गया है। महाभारत में भी सत्या नाम की कृष्ण की पत्नी का उल्लेख है।
कालिंदी: कालिंदी भी भगवान कृष्ण की पत्नी हैं। ग्रंथों में कालिंदी को यमुना या यमी कहा गया है। कृष्ण के जीवन में कालिंदी का महत्व केवल उनकी पत्नी होने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके नदी में स्नान करने के शुरुआती दिनों से ही प्रेम का सम्बन्ध भी रहा था। कालिंदी ब्रज क्षेत्र की ही राजकुमारी थी।
मित्रविंदा:भगवान कृष्ण की छठी पत्नी मित्रविंदा अवंती के राजा जयसेन की बेटी थीं। विन्द्य और अनुविन्द्य मित्रविन्दा के भाई-बहन थे। भगवान कृष्ण से विवाह के बाद वह यदुवंश का हिस्सा बन गईं। उनके निवास स्थान को द्वारका और वैकुंठ कहा जाता है।
भद्रा: भद्रा भी भगवान कृष्ण की भार्या हैं। उन्हें कृष्ण के लिए पांचों पांडवों ने चुना था। भद्रा कैकेय साम्राज्य की राजकुमारी थीं। कहते हैं कि भद्रा के लिए सबसे अच्छा पति ढूंढने के लिए एक स्वयंवर समारोह का आयोजन किया गया था। श्रीकृष्ण ने इस समारोह में भाग लिया और पूरे परिवार का दिल जीत लिया। उन्होंने भद्रा को अपनी पत्नी बनाया और उन्हें द्वारिका ले आये।
लक्ष्मणा: लक्ष्मणा, जिन्हें लक्षणा के नाम से भी जाना जाता है, अष्टभार्य की सूची में कृष्ण की ही पटरानी हैं। वह द्वारकेश्वरी, माद्री और चारुहासिनी के नाम से भी जाती हैं। संभवतः वह मद्र राज्य की राजकुमारी थी। पद्म पुराण में उनका वर्णन है।












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