Gay Games: हांगकांग में हुआ पहला गे गेम्स का आयोजन
Gay Games: दुनिया में तरह तरह के गेम्स और स्पोर्ट्स इवेंट्स होते रहते हैं। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि समलैंगिकों के लिए भी एक विशेष गेम्स का आयोजन किया जा सकता है। हाँ यह हो रहा है। हांगकांग में पहली बार गे गेम्स एशिया का आयोजन हो रहा है। इसका उद्घाटन 4 नवंबर को हुआ। हालांकि लेसबियन, गे, बाई सेक्सुअल और ट्रांसजेंडर (एलजीबीटीक्यू) विरोधी सांसदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसका खुल कर विरोध किया।
विरोध के बावजूद गेम्स का आयोजन
समाचार एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट्स अनुसार किसी भी अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स की तरह गे गेम्स के उद्घाटन समारोह में गे गेम्स ऑफ़ हांगकांग (जीजीएचके) फेडरेशन ने दुनिया भर के प्रतिनिधिमंडलों के लिए मार्च-इन का आयोजन करवाया और फिर हांगकांग शेर नृत्य सहित कई कार्यक्रम भी हुए। जीजीएचके की सह-अध्यक्ष लिसा लैम ने अपने भाषण में कहा कि "समलैंगिक खेलों का दृष्टिकोण हमेशा एक खेल, कला और संस्कृति उत्सव का अवसर प्रदान करना है ताकि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले समावेश और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ का जश्न मना सके"।

उन्होंने यह भी कहा कि जीजीएचके को पहली बार बहु-खेलों में सभी लिंगों की श्रेणी शुरू करने पर गर्व है। इस प्रतियोगिता में सभी लिंगों के लोग एक साथ भाग ले रहे हैं। इस पहली गए गेम्स प्रतियोगिता में ड्रैगन बोट रेसिंग और माहजोंग सहित और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 45 देशों के 2,300 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है।
हांगकांग में समलैंगिकों को अलग अधिकार नहीं
उल्लेखनीय है कि हांगकांग में यौन रुझान के आधार पर भेदभाव के खिलाफ कोई कानून नहीं है और यह समलैंगिक विवाह को भी मान्यता नहीं देता है। हालांकि वहां भी समलैंगिकों के अधिकार की मांग उठ रही है और इसी साल सितंबर में शीर्ष अदालत के एक फैसले में सरकार को समलैंगिक संघों को मान्यता देने के लिए एक कानूनी ढांचा बनाने के लिए दो साल का समय दिया है। लेकिन सरकारी स्तर पर कोई सहयोग नहीं मिलने के बाद भी इस गे गेम्स का आयोजन किया जा रहा है।
हॉंगकांग सरकार ने अगस्त में आयोजकों को चेतावनी दी थी कि इस तरह के आयोजन नहीं किए जाए। किसी सरकारी अधिकारी गे गेम्स के उद्घाटन समारोह में भाग भी नहीं लिया, ना ही समलैंगिक खेलों को वैधता ही प्रदान की गयी है। बल्कि महीनों के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद बीजिंग ने 2020 में शहर पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSL) लागू कर दिया। इस कानून के तहत तोड़फोड़, विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत और आतंकवाद के खिलाफ आजीवन कारावास तक की सजा का भी प्रावधान है।
लोगों का मिला समर्थन
लेकिन इतने विरोध के बावजूद शहर की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था कार्यकारी परिषद की संयोजक रेजिना आईपी ने ना सिर्फ इस उद्घाटन समारोह में भाग लिया बल्कि अपने स्वागत भाषण में कहा कि "हांगकांग में समलैंगिक खेलों का आयोजन हमारे शहर की विविधता, समावेश और एकता का मजबूत प्रमाण है। समान अवसर और गैर-भेदभाव को हमारी सरकार और हमारे लोग अत्यधिक महत्व देते हैं।"
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का डर
इस गेम्स के विरोध में बीजिंग समर्थक सांसद जुनियस ने यह बयान जारी किया कि समलैंगिक खेलों का एजेंडा समलैंगिक विवाह को बढ़ावा देना है, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का सीधा उल्लंघन है। हांगकांग के पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी खेलों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि आयोजकों ने हांगकांग के लोगों के खिलाफ व्यापक उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार सत्ता समर्थक लोगों के साथ खुद को जोड़ लिया है।
एनएसएल पर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ताइवान एथलीटों को हांगकांग नहीं बल्कि ग्वाडलाजारा भेज रहा है। लेकिन इस गेम्स के विरोध के बावजूद लोगों ने भरपूर उत्साह दिखाया। उद्घाटन समारोह से पहले दर्शकों ने नारे लगाए, जयकारे लगाए और हाथ हिला कर प्रतियोगियों का उत्साह बढ़ाया। यह अपने अपने आप में एक अनोखा अनुभव था क्योंकि चीन में समलैंगिकों को बहुत पसंद नहीं किया जाता। इस प्रतियोगिता में बर्लिन के 80 वर्षीय बुजुर्ग गेरिट शुल्ज़ ने भी भाग लिया।












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