नहीं रहे 'दिल्ली के शेर' मदन लाल खुराना, अपनी ही पार्टी के खिलाफ ठोकी थी ताल
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना ने शनिवार देर रात दुनिया को अलविदा कह दिया, राजधानी के कीर्तिनगर स्थित अपने मकान में उन्होंने आखिरी सांस ली। मदन लाल खुराना के बेटे हरीश खुराना ने ट्विटर के जरिए ये जानकारी दी है। नब्बे के दशक में 'दिल्ली का शेर' कहे जाने वाले खुराना ने दिल्ली में बीजेपी को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खुराना पिछले कुछ सालों से ब्रेन स्ट्रोक की वजह से कोमा में थे,डॉक्टर लगातार उनका इलाज कर रहे थे।

'दिल्ली उनका मंदिर है और वे इसके पुजारी'
खुराना के वक्त में दिल्ली में भाजपा की तूती बोलती थी, अपने हाजिरी जवाबी की वजह से वो काफी लोकप्रिय थे वो साल 1993 से 1996 तक दिल्ली के सीएम रहे थे और वह राजस्थान के राज्यपाल भी रहे थे, खुराना अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री भी रहे थे। दिल्ली को वो पार्टी से ज्यादा प्यार करते थे इसलिए उन्होंने एक बार यहां तक कह दिया था कि दिल्ली उनका मंदिर है और वे इसके पुजारी।

खुराना कुछ सालों से ब्रेन स्ट्रोक की वजह से कोमा में थे
आरएसएस के सक्रिय सदस्य खुराना को 20 अगस्त 2005 को उन्हें अनुशासनहीनता के कारण बीजेपी से निकाल दिया गया था। वो पिछले कुछ सालों से ब्रेन स्ट्रोक की वजह से कोमा में थे।
जन्म पाकिस्तान में
खुराना का जन्म पाकिस्तान के फैसलाबाद में 15 अक्टूबर 1936 को हुआ था, 1947 में देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आ गया था।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन पास की
खुराना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन पास की थी। खुराना के निधन पर केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मदन लाल खुराना के निधन से बेहद दुखी हूं। एक वरिष्ठ नेता के नाते उन्होंने सदैव मेरा मार्गदर्शन किया।












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