Firefighters Day: भारत में आगजनी से हर साल भारी नुकसान, विश्व में आग से मरने वाला हर 5वां नागरिक भारतीय

आज 4 मई को अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस है। वैसे भारत में अलग से 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन वर्तमान और अतीत के अग्निशामकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया जाता है।

Firefighters Day: 2023 Every 5th indian citizen dies in fire incident in the world

Firefighters Day: दुनिया में हर दिन का कोई विशेष महत्व होता है। ऐसे में आज 4 मई को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया जाता है। यह दिन खास तौर पर अग्निशामकों के लिए मनाया जाता है। पहली बार 1999 में अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया गया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्थित लिंटन की झाड़ियों में आग लग गई थी। इस आग को बुझाने के लिए वहां एक टीम आई थी। उस समय टीम के पांच सदस्य आग में झुलस गए थे और इस वजह से उनकी मौत हो गई थी। ऐसे में उनकी याद में हर वर्ष 4 मई को अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया जाता है।

जब भी कहीं पर आग लगती है तो अग्निशामक अपनी जान जोखिम में डालकर उस आपदा से निपटते हैं और लोगों की जान बचाते हैं। इसलिए इस दिन वर्तमान और अतीत के अग्निशामकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया जाता है। इस दिन लोग लाल और नीले रंग के रिबन लगाते हैं। इस रिबन में लाल और नीले रंगों का अर्थ अलग अलग है। लाल आग के तत्व और नीला पानी के तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।

2023 में यह है थीम

अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस 2023 की थीम "हमारी रक्षा करने वाले नायकों का सम्मान" है। यह विषय हमें सुरक्षित रखने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालने वाले अग्निशामकों की बहादुरी और समर्पण को पहचानने के महत्व को दर्शाता है। साथ ही यह हमें इन नायकों के लिए किसी भी तरह से अपनी प्रशंसा और समर्थन दिखाने के लिए प्रोत्साहित करता है, चाहे एक साधारण धन्यवाद या हमारे स्थानीय अग्निशमन विभाग को दान के माध्यम से इन नायकों का सम्मान करके उनके द्वारा किए गए बलिदानों और उनके काम के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

भारत में 14 अप्रैल को मनाया जाता है राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अलग से 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन 14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉकयार्ड में एक दुर्भाग्यपूर्ण और बड़े पैमाने पर विस्फोट के दौरान जान गंवाने वाले 71 अग्निशमन कर्मियों को याद किया जाता है। साथ ही भारत सरकार भी इस दिन निडर अग्निशामकों को सम्मानित करती है। वहीं इस वर्ष राष्ट्रीय अग्निशमन दिवस की थीम अग्नि सुरक्षा सीखो, उत्पादकता बढ़ाओ थी। इस दौरान 14 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह भी मनाया गया था।

भारत में आग से हजारों लोगों की मौत

BMJ इंजरी प्रिवेंशन जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में भारत में आग लगने की 16 लाख घटनाएं हुईं थी जिनमें 27,027 लोगों की मौत हुई थी। जबकि पूरी दुनिया में आग लगने की करीब 90 लाख घटनाओं में 1.2 लाख लोगों की जान गई थी। यानी विश्व में आग लगने से मरने वाले में हर पांचवा नागरिक भारतीय था। वहीं चीन की बात करें तो 2017 में आग लगने की वजह से चीन में 10,836 लोगों की मौत हुई थी।

इसके साथ ही यह भी रिपोर्ट में बताया गया है कि जागरूकता के कारण अधिकतर देशों में आग की वजहों से होने वाली मौतों में काफी कमी आई है। भारत में भी 1990 से 2017 के बीच मौतों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की कमी देखी गई है।

जंगल में आग से लाखों का नुकसान

13 जनवरी 2022 को जारी स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2021 के अनुसार, भारत में नवंबर 2020 से जून 2021 तक जंगलों में 345,989 आग लगने की सूचना मिली थी। यह इस अवधि के दौरान देश के जंगलों में आग लगने का अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में इसी समय के दौरान जंगलों में कम से कम 258,480 आग लगने की सूचनाएं मिली थी। भारत में हर साल नवंबर से लेकर मई में विभिन्न प्राकृतिक और मानव जनित कारणों से जंगलों में आग लगती है। 2021 में हुई आग लगने की घटनाएं नवंबर 2019 और जून 2020 के बीच हुई आग की घटनाओं से 2.7 गुना अधिक रही।

आगजनी की घटनाओं की रोकथाम की सरकार द्वारा पहल

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    2004 के बाद से फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने वास्तविक समय में जंगल की आग की निगरानी के लिए फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम विकसित किया। जनवरी 2019 में लॉन्च किए गए अपने उन्नत संस्करण में सिस्टम अब नासा और इसरो से एकत्रित उपग्रह जानकारी का उपयोग करता है। लगभग 21 राज्यों द्वारा केंद्र के समक्ष वनाग्नि निवारण की कार्य योजना दी गई है । इनमें से महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रस्तुत कार्य-योजना को केंद्र सरकार द्वारा सहमति प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग समय समय पर लोगों को आग से बचने के लिए मॉकड्रिल का भी आयोजन देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, सोसायटियों, संस्थाओं में करता है।

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