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बीफ पर बहस करने से पहले पढ़ें इससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्य

By Ajay Mohan
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बेंगलुरु। गोमांस के कारण बीफ का मुद्दा देश में गर्माया हुआ है। राजनेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं और उनके गुर्गे आम जनता के बीच एक दूसरे के प्रति जहर घोलने का काम कर रहे हैं। और वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं कि बीफ के मानव शरीर या पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ते हैं। इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण कार्यक्रम की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बीफ नहीं खाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे पर्यावरण पर प्रभाव पड़ता है।

आप चौंक जरूर गये होंगे, लेकिन यह सच है। चलिये पर्यावरण से जोड़ कर बीफ से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों से हम आपको रू-ब-रू करवाते हैं। ये तथ्य यूएनईपी और येल यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के हवाले से हैं।

  • दिल्ली से आगरा तक कार से जाते हैं, तब जितना कार्बन एमिशन होता है, उतना एक किलोग्राम बीफ से होता है।
  • बीफ के बढ़ते व्यापार के कारण पशुपालन भी बढ़ा यानी पर्यावरण कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ी जो उनके पाद से निकलती है।
  • भारत में ज्यादातर पशुओं का पालन-पोषण उन्हें काटने के लिये नहीं दूध और खेती के लिये किया जाता है।
  • दुनिया में उत्सर्जित होने वाली ग्रीन हाउस गैसों की 18 प्रतिशत तो पशु मांस से ही होती है। जबकि यातायात की वजह से 15%।
  • यूएन कहता है कि बीफ खाने वाले लोग पर्यावरण प्रेमी नहीं होते हैं, लेकिन बीफ खाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    गाय या भैंस का मीट पर्यावरण के लिये नुकसानदायक होता है। मीट की वजह से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जित होती हैं।

  • और भी हैं तथ्य, पढ़ सकते हैं स्लाइडर में-

    भारत में कितना मीट खाते हैं

    भारत में कितना मीट खाते हैं

    भारत में एक व्यक्त‍ि औसतन 12 ग्राम मीट प्रतिदिन खाता है।

    दुनिया कितना मीट खाती है

    दुनिया कितना मीट खाती है

    विश्व में एक व्यक्त‍ि औसतन 115 ग्राम मीट प्रतिदिन खाता है।

    अमेरिका सबसे आगे

    अमेरिका सबसे आगे

    अमेरिका में एक व्यक्त‍ि औसतन 322 ग्राम मीट प्रतिदिन खाता है।

    चीन दूसरे नंबर पर

    चीन दूसरे नंबर पर

    चीन में एक व्यक्त‍ि औसतन 160 ग्राम मीट प्रतिदिन खाता है।

    1 ग्राम बीफ

    1 ग्राम बीफ

    1 ग्राम बीफ के कीमे से 3 किग्रा कार्बन उत्सर्जित होता है।

    भारत का पशुधन

    भारत का पशुधन

    पशुधन के रूप में भारत में 51.20 करोड़ पशु हैं, जिनमें 11.1 करोड़ गाय-भैंस हैं।

    2012 की रिपोर्ट

    2012 की रिपोर्ट

    भारत में करीब 59 लाख टन मीट खाया जाता है, जिसका 5 प्रतिशत बीफ होता है।

    2009 की रिपोर्ट

    2009 की रिपोर्ट

    दुनिया में पशुओं को काटकर 27.80 करोड़ टन मीट निकलता है।

    पशु कटते ज्यादा खाये कम जाते हैं

    पशु कटते ज्यादा खाये कम जाते हैं

    भारत में दुनिया का 17% मीट काटा जाता है, जबकि खाया मात्र 2% ही जाता है।

    क्या होगा 2050 में

    क्या होगा 2050 में

    2050 तक दुनिया में मीट की खपत 46.0 करोड़ टन हो जायेगी।

    पेरिस ने उठाया कदम

    पेरिस ने उठाया कदम

    पेरिस पहला ऐसा देश है जिसने एक दिन "नो मीट डे" मनाने का फैसला किया।

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    English summary
    United Nations Environment Program (UNEP) experts have suggested to stop eating beef to save environment.
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