Dog Meat Ban: क्या चीन में भी बैन होगा डॉग मीट?
Dog Meat Ban: दक्षिण कोरिया में 9 जनवरी को कुत्ते के मांस पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद चीनी नागरिकों में इस बात पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई है कि क्या उनके देश में भी ऐसे ही सख्त कानून की आवश्यकता है, जहां हर साल लाखों कुत्ते मार कर खाए जाते हैं।

चीनी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म वीबो पर इस समय यह सबसे गर्म विषय बन गया है। इसे दो दिनों में वीबो पर लगभग 100 मिलियन बार देखा गया। दक्षिण कोरिया में 2027 से कुत्ते का मांस बेचने के लिए उनकी हत्या करने पर 30 मिलियन वॉन (लगभग 30,300 डॉलर) तक का जुर्माना या अधिकतम तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। कोरियाई लोगों का अब कहना है कि वे कुत्ते का मांस नहीं खाएंगे। चीन में जानवरों के साथ क्रूरता को रोकने के लिए अभी कोई कानून नहीं है।
कितने देशों में होती है कुत्ते के मांस की बिक्री
ह्यूमन सोसाइटी इंटरनेशनल के एक अनुमान के अनुसार एशिया में हर साल 3 करोड़ कुत्तों को खाने के लिए मार दिया जाता है। सबसे अधिक चीन में लगभग 2 करोड़ कुत्तों का वध किया जाता है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया में 10 लाख और वियतनाम में लगभग 5 लाख कुत्तों की जान ले ली जाती है। थाईलैंड, लाओस और कंबोडिया के लोग भी अपने भोजन के लिए कुत्तों की हत्या करते हैं।
घाना, कैमरून, डीआरसी और नाइजीरिया जैसे कुछ अफ्रीकी देशों में भी कुत्तों का मांस खाया जाता है। भारत के नागालैंड में भी कुछ लोग डॉग मीट खाते हैं। परंतु केवल चीन और दक्षिण कोरिया में ही बड़े पैमाने पर मांस के लिए कुत्तों का पालन किया जाता है। ज्यादातर मामलों में चोरी के कुत्तों का ही वध किया जाता है।
चीन में कानूनी रूप से बिकता है डॉग मीट
दि स्ट्रैट टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन में अधिकांश लोग कुत्ते का मांस नहीं खाते। 69.5 प्रतिशत चीनी इसका सेवन नहीं करते, बल्कि कुत्ते के मांस के विरोध में लोग लगातार आवाजें उठा रहे हैं। लाखों चीनी नागरिकों ने कुत्तों और बिल्लियों के मांस पर प्रतिबंध लगाने के विधायी प्रस्ताव के समर्थन में हस्ताक्षर किए और रैलियाँ भी निकली। लेकिन यह भी सच है कि चीन में कानूनी तौर पर कुत्ते के मांस की बिक्री की अनुमति है। अब दक्षिण कोरिया में बने नए कानून के बाद चीनी सरकार पर भी अब भोजन के लिए कुत्तों और बिल्लियों की हत्या पर प्रतिबंध लगाने वाले राष्ट्रव्यापी कानून बनाने का दबाव बढ़ रहा है।
चीन में शेन्ज़ेन को छोड़कर बाकी सभी जगह कुत्ते का वध और मांस की बिक्री कानूनी रूप से मान्य है। केवल 2020 में कोविड महामारी के दौरान ही कुछ जगहों पर मांस बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया था। जून में चीन में यूलिन "डॉग मीट फेस्टिवल" होता है, जहां हजारों कुत्तों को क्रूरतापूर्वक मार दिया जाता है।
यूलिन में नियमित रूप से पालतू जानवरों और आवारा जानवरों की चोरी की जाती है। खासकर कुत्तों के साथ बहुत बर्बरता की जाती है। उन्हें तंग पिंजरों में कैद किया जाता है, एड्रेनालाईन और स्वाद बढ़ाने के लिए हिंसक तरीकों का उपयोग कर उन्हें बेरहमी से मारा जाता है। कई बार उनकी खाल उतार कर जिंदा पकाया जाता है। जानवरों पर यह अत्याचार चीन की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।
शेन्ज़ेन कुत्ते के मांस की खपत पर प्रतिबंध लगाने वाला चीन का पहला प्रमुख शहर है। 2020 में नगरपालिका ने वन्यजीव व्यापार और मांस की खपत पर रोक के लिए एक कानून बनाया था। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 20,000 युआन से 200,000 युआन के बीच जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया था।
दक्षिण कोरिया के लोगों में बड़ा बदलाव
दक्षिण कोरिया में अब कुत्तों को खाने के बजाय लाड़-प्यार से पालने का चलन शुरु हो गया है। हाल के एक सर्वेक्षण के अनुसार दक्षिण कोरिया के 70 प्रतिशत घरों में पालतू जानवर हैं, जिनमें अधिकतर कुत्ते हैं। स्वयं राष्ट्रपति यूं सुक-योल और प्रथम महिला किम केओन कुत्ता प्रेमी के रूप में जाने जाते हैं। राष्ट्रपति के ब्लू हाउस में इस समय कई कुत्ते हैं। लगातार जागरूकता अभियान चलाने और क्रूरता के खिलाफ युवा वर्ग के खड़ा होने के कारण अब 20 प्रतिशत से भी कम दक्षिण कोरियाई लोग नियमित रूप से कुत्ते का मांस खाते हैं।
मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम हैं डॉग मीट
कुत्ते के मांस का उपयोग मानव शरीर के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। इससे ट्राइचिनेलोसिस, हैजा और रेबीज के प्रकोप से जुड़ी बीमारियाँ हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि कुत्ते का मांस खाने से हैजा होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। वियतनाम में इस तरह के प्रकोप सामने आ चुके हैं। चीन, वियतनाम और इंडोनेशिया में मानव उपभोग के लिए बेचे जाने वाले कुत्तों में रैबीज पाया गया है।












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