Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे है देश का सबसे लंबा, जानें अन्य विशेषताएं
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से दोनों शहरों के बीच का सफ़र केवल 12 घंटे में पूरा करना संभव होगा।

Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे है। जिसकी कुल लंबाई 1386 किलोमीटर है। यह तकरीबन 13 बिलियन डॉलर की लागत से बनाया जा रहा है। इसके बन जाने से दिल्ली और मुंबई के बीच की यात्रा दूरी में 12 प्रतिशत की कमी आएगी और सड़क की लंबाई 1424 किलोमीटर से कम होकर 1242 किलोमीटर रह जाएगी। यात्रा के समय में भी 50 प्रतिशत की कमी आएगी। मतलब अब तक लोगों को दिल्ली से मुंबई सड़क से सफर करने पर 24 घंटे लगते थे लेकिन एक्सप्रेस-वे तैयार होने के बाद यह दूरी महज 12 घंटे में पूरा करना संभव होगा।
इसके अलावा एक्सप्रेस-वे अत्याधुनिक स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली से लैस होगा। गौरतलब है कि इस पूरी परियोजना में 8 मिलियन टन सीमेंट का उपयोग किया गया है जोकि भारत की वार्षिक उत्पादन क्षमता का लगभग 2 प्रतिशत है। यही नहीं, पूरे एक्सप्रेस-वे पर 55 एयरस्ट्रिप बनाई जा रही हैं, जहां फाइटर जेट भी उतारे जा सकते हैं।
किन राज्यों से होकर गुजरेगा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे फिलहाल आठ लेन का होगा। इसे भविष्य में 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। यह दिल्ली से हरियाणा (129 किमी), राजस्थान (373 किमी), मध्य प्रदेश (244 किमी), गुजरात (426 किमी) और महाराष्ट्र (171 किमी) सहित पांच राज्यों से होकर गुजरेगा।
अन्य शहरों से कनेक्टिविटी की अनुमति देने के लिए सड़क में 40 से अधिक प्रमुख इंटरचेंज होंगे। दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेस-वे से जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भोपाल, उज्जैन, अहमदाबाद, इंदौर, सूरत, वडोदरा और मुंबई जैसे महत्वपूर्ण शहरों तक कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
पर्यावरण के अनुकूल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर्यावरण के अनुकूल होगा। इसमें लगभग 2 मिलियन पेड़ लगाये जायेंगे। पेड़ों को हर 500 मीटर पर वर्षा जल संचयन प्रक्रिया के जरिए ड्रिप सिंचाई पद्धति का इ्स्तेमाल करके पानी दिया जाएगा। फाइबर-ऑप्टिक केबल और पाइप के साथ-साथ सौर-ऊर्जा उत्पादन और 500 मीटर के अंतराल पर वर्षा जल संचयन के प्रावधान सहित उपयोगिता लाइनों को बिछाने के लिए मोटरवे में एक समर्पित तीन-मीटर चौड़ा गलियारा होगा।
सरकार का अनुमान है कि दूरी में कमी, अधिक सीधा मार्ग बनाकर, और यात्रा के समय में कमी के परिणामस्वरूप 320 मिलियन लीटर से अधिक की वार्षिक ईंधन बचत होगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 850 मिलियन किलोग्राम की कमी आएगी।
रोजगार सृजन
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लगभग 94 स्थानों पर होटल, ATM, फूड कोर्ट, बर्गर किंग, सबवे, मैक डोनाल्ड्स जैसे सिंगल-ब्रांड फूड, रिटेल शॉप, ईंधन स्टेशन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं होंगी। सरकार ने दावा किया है कि इस परियोजना से 50 लाख कार्य दिवस रोजगार सृजित होंगे।
अस्पताल एवं सुरक्षा
मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा जिसमें दुर्घटना के शिकार यात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने हेतु हर 100 किमी पर पूरी तरह से सुसज्जित ट्रॉमा सेंटर व हेलीपैड उपलब्ध होंगे। एयरलिफ्ट के लिए हैलीपैड की भी सुविधा रहेगी।
इलेक्ट्रिक हाईवे या ई-हाईवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को इलेक्ट्रिक हाईवे या ई-हाईवे के रूप में बनाने की योजना है। इस एक्सप्रेस-वे पर बसें व ट्रक 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकते हैं। एक्सप्रेस-वे पर अच्छी गति व भीड़भाड़ की कमी से लॉजिस्टिक खर्च लगभग 70% कम हो जाएगा, क्योंकि भारी वाहन ईंधन के रूप में डीजल की जगह बिजली का उपयोग करेंगे। वहीं इसके आठ लेन में से चार लेन इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए होंगी।
पशुओं के लिए क्रॉसिंग
आठ-लेन चौड़ा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगभग पांच प्राकृतिक वन्यजीव क्रॉसिंग होंगी। जिसमें मुकुंदरा राष्ट्रीय उद्यान, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, सरिस्का टाइगर रिजर्व शामिल हैं। वन्यजीव क्रॉसिंग का मुख्य आकर्षण मुकुंदरा राष्ट्रीय उद्यान और माथेरान पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में बनी सुरंग होगी, जो भारत में पहली 8-लेन चौड़ी सुरंग होगी। सबसे लंबे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर जानवरों के लिए देश का पहला ओवरपास या ओवर ब्रिज होगा जो परियोजना के निर्माण से वन्यजीवों को अप्रभावित रखने के लिए बनाये गये हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे रूट चार खंडों में विभाजित
DND-फरीदाबाद-KMP मार्ग (59 किमी) - एक्सप्रेस-वे दिल्ली में दिल्ली नोएडा ड्राइव-वे (DND) फ्लाईवे से शुरू होगा और यह शाहीन बाग, ओखला, कालिंदी कुंज जैसी जगहों से होकर गुजरेगा। हरियाणा के सोहना में एंट्री/एग्जिट प्वाइंट की सुविधा होगी। एंट्री/एग्जिट प्वाइंट से आने वाले वाहन वडोदरा/मुंबई की ओर जाने के लिए हरियाणा के नूंह में केएमपी एक्सप्रेस-वे पर मिल जायेंगे। बता दें कि यह खंड 9 किमी दिल्ली और 50 किमी हरियाणा को कवर करेगा।
सोहना-केएमपी-वडोदरा रूट (845 किमी) - एक्सप्रेस-वे के खंड दो में हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य के कुछ क्षेत्र को कवर करेगा। बता दें कि यह खंड 79 किमी हरियाणा, 373 किमी राजस्थान, 244 किमी मध्य प्रदेश और 149 किमी गुजरात का एरिया कवर करेगा।
वडोदरा-विरार रुट (356 किमी) - एक्सप्रेस-वे का खंड 3 गुजरात के विभिन्न स्थानों को कवर करते हुए महाराष्ट्र राज्य में कुछ स्थानों को कवर करेगा। इसके तहत यह 277 किमी गुजरात और 79 किमी महाराष्ट्र को कवर करेगा।
विरार-जेएनपीटी रुट (92 किमी) - खंड चार में महाराष्ट्र के विरार, अमाने, बदलापुर जैसे विभिन्न स्थान शामिल हैं और एक्सप्रेसवे जेएनपीटी, मुंबई में समाप्त होता है। यह महाराष्ट्र के 92 किमी एरिया को कवर करेगा।
वाहनों के लिए तय की गई है स्पीड लिमिट
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर प्रत्येक गाड़ियों के लिए स्पीड लिमिट भी तय की है। इसमें हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के लिए 120 किमी प्रति घंटे की गति सीमा रखी गई है। जबकि ट्रकों और बसों की गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा है। वहीं गौर करने वाली बात ये है कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर बताया गया है कि फेज एक पर टू व्हीलर जैसे मोटरसाइकिल और स्कूटर, थ्री व्हीलर व्हीकल, नॉन मोटराइज्ड व्हीकल और ट्रैक्टर को प्रवेश से रोक दिया गया है।
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