Ram Mandir: नौकरी से छुट्टी लेकर महाराष्ट्र से अयोध्या पहुंचा ये शख्स, बोला- नौकरी से ज्यादा अहम है ये पल
Ayodhya Ram mandir: अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। राम मंदिर का उद्घाटन देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में राम भक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं। इन श्रद्धालुओं में कुछ ऐसे भी हैं जो अपना कारोबार तो कुछ अपनी नौकरी से छुट्टी लेकर अयोध्या आ रहे हैं।
अयोध्या पहुंचने वाले लोगों के अंदर एक ही उत्साह है कि वह भी इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बन सकेंगे तथा अपने लोगों को और आने वाली पीढ़ियां को अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से जुड़ी कहानी सुना पाएंगे।

दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा बताया गया कि उनके में कोई सामर्थ्य नहीं था लेकिन यह प्रभु राम की कृपा और आशीर्वाद है कि वह पैदल या किसी वाहन से प्रभु रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए पहुंच पा रहे हैं।
लोगों ने कहा कि प्रभु श्री राम जिसे चाहेंगे वही उनके दरबार में पहुंच पाएगा। अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की रिपोर्टिंग करने पहुंची वन इंडिया टीम के रिपोर्टर प्रवीण कुमार यादव की मुलाकात रविवार को महाराष्ट्र के रहने वाले यह कैसे राम भक्त से हुई जिसकी कहानी हैरान करने वाली है।
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दरसल, महाराष्ट्र जनपद के नांदेड़ जिले के नालंगन गांव निवासी संतोष पाटिल कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने के बाद पुरी के कंपनी में कार्यरत हैं और वहां में अच्छी खासी सैलरी भी मिलती है। संतोष ने बताया कि वह प्रभु श्री राम के भक्त हनुमान की पूजा करते हैं।
उन्होंने कहा कि जब से उन्हें पता चला कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है तब से उनके मन में काफी खुशी थी। उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि राम मंदिर निर्माण अपनी आंखों से अयोध्या पहुंच कर देखें लेकिन समय नहीं मिल पता था।
संतोष ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी तो ऐसे में वह खुद को रोक नहीं पाए और अपनी कंपनी से छुट्टी लेकर अयोध्या के लिए प्रस्थान कर गए। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या आने से पहले वह प्रयागराज भी गए थे जहां गंगा नदी में स्नान करने के बाद अयोध्या आए हैं।
वनवास के समय नहीं थे तो अब इसके साक्षी बने
संतोष में यह भी बताया कि प्रभु श्री राम जब वनवास गए थे और अयोध्या राम मंदिर निर्माण को लेकर जो संघर्ष किया गया हम लोग केवल उसके बारे में ही सुनते हैं। हम अपनी आंखों से नहीं देख सके ऐसे में पहली बार में ऐसा मौका मिला है तो इस मौके को हमें छोड़ना नहीं चाहिए। इसी तरह उड़ीसा के रहने वाले निरंजन नामक एक संत भी पहुंचे। उन्होंने भी अयोध्या पहुंचकर खुशी जाहिर की।












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