Milkipur by-election: कौन हैं सूरज चौधरी? बढ़ा दी है सपा और BJP की टेंशन, बहन जी बिना भी दिलचस्प हुआ मुकाबला
Milkipur by-election 2025: आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के मुखिया और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में बड़ा दांव खेला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी से बागी हुए सूरज चौधरी को मिल्कीपुर से अपना प्रत्याशी बनाया है।
सूरज चौधरी आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में आजाद समाज पार्टी के मैदान में आने से अब यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए पहले से ही सपा और भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतार दिए थे।

सपा से बगावत कर आजाद समाज पार्टी में शामिल हुए सूरज चौधरी
यह भी बता दें कि सूरज चौधरी लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। लेकिन बीते चुनाव में सपा द्वारा टिकट न मिलने पर सूरज चौधरी ने सपा छोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए अपने 500 समर्थकों के साथ इस्तीफा दे दिया।
समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद सूरज चौधरी इसके बाद वह भीम आर्मी के संपर्क में आए और चंद्रशेखर आजाद से जुड़कर उन्होंने आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। अब चंद्रशेखर आजाद द्वारा मिल्कीपुर उपचुनाव में सूरज चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है।
पासी समाज के तीन प्रत्याशी आमने-सामने
मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा ने चंद्रभानु पासवान को, सपा ने अजीत प्रसाद को और आजाद समाज पार्टी ने सूरज चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। तीनों ही प्रत्याशी पासी समाज से आते हैं, जिससे दलित वोट बैंक के लिए सीधी टक्कर देखी जा रही है।
कहा यह भी जा रहा है कि इस सीट पर बहन जी अर्थात मायावती द्वारा बहुजन समाज पार्टी से कोई प्रत्याशी नहीं उतर गया है। बहुजन समाज पार्टी से प्रत्याशी न उतारे जाने के बाद अब आजाद समाज पार्टी से प्रत्याशी उतारने पर लड़ाई दिलचस्प हो गई है।
मिल्कीपुर सीट के मतदाता समीकरण
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 3.5 लाख मतदाता हैं। इनमें 55 हजार पासी, 1.2 लाख अन्य दलित (कोरी आदि), 55 हजार यादव, 60 हजार ब्राह्मण, 30 हजार मुस्लिम, 25 हजार क्षत्रिय, और 50 हजार अन्य पिछड़ी जातियों के मतदाता शामिल हैं। इन जातीय समीकरणों के चलते यह चुनाव सभी दलों के लिए बेहद अहम हो गया है।
अभी तक यह चुनाव जहां समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच का बताया जा रहा था। लेकिन चंद्रशेखर आजाद की इस रणनीति के चलते मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान पूरा समीकरण बदल गया है। सूरज चौधरी ने सपा और भाजपा की टेंशन बढ़ा दी है।












Click it and Unblock the Notifications