Milkipur by-election 2025: आज हो सकता है ऐलान, क्या अयोध्या में हार का बदला मिल्कीपुर में ले पाएगी बीजेपी?
Milkipur by-election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज होना है। चुनाव आयोग मंगलवार यानी आज दोपहर चुनावी कार्यक्रम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। संभावना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ ही यूपी की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के उप चुनाव का भी ऐलान हो सकता है।
यह भी बता दें कि विधानसभा 2022 के दौरान यह सीट समाजवादी पार्टी के पास थी। हालांकि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान मिल्कीपुर सीट समाजवादी पार्टी विधायक अवधेश प्रसाद के फैजाबाद से सांसद बन गए। उसके बाद यह सीट खाली हो गई।

सांसद के बेटे को उतार सकती है सपा
समाजवादी पार्टी द्वारा यहां से अवधेश प्रसाद के बेटे अजित प्रसाद को उम्मीदवार घोषित करने की प्रबल संभावना है, जबकि भारतीय जनता पार्टी द्वारा अभी तक अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। बीजेपी और सपा दोनों के लिए मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव नाक की लड़ाई है।
हाल ही में 9 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित बीजेपी इस सीट पर भगवा झंडा फहराकर अयोध्या की हार का बदला लेना चाहती है, वहीं दूसरी ओर 9 में से सिर्फ 2 सीटें जीतने वाली सपा इस सीट को अपनी झोली में रखना चाहेगी।
इसलिए है नाक का सवाल
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में फैजाबाद (अयोध्या) में भाजपा की हार के बाद देशभर में चर्चा हुई थी। खास तौर पर इसलिए भी चर्चा हुई क्योंकि पिछले साल यहां राम मंदिर का उद्घाटन हुआ था। उसके बाद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
भाजपा मिल्कीपुर जीतकर अयोध्या की हार का बदला लेने की पूरी कोशिश में है। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद मिल्कीपुर में चुनाव प्रचार की कमान संभाले हैं। यह भी बता दें कि इस सीट पर अब तक हुए 17 चुनावों (दो उपचुनाव समेत) में सबसे ज्यादा यानी 5 बार सपा ने जीत दर्ज की है।
जीत के लिए लगाए गए है 6 मंत्री
चुनाव की तारीख का ऐलान होने से पहले ही बीजेपी चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 6 मंत्रियों की ड्यूटी इस सीट पर लगाई है। प्रभारी मंत्रियों में सूर्य प्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सहकारिता राज्य मंत्री जेपीएस राठौर सहित कुल छह मंत्रियों को यहां की कमान संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
मिल्कीपुर विधानसभा का जातिय समीकरण
इस सीट के जातीय समीकरण की बात करें तो यहां कुल मतदाताओं की संख्या 3.5 लाख है। इनमें सबसे ज्यादा 1.20 लाख दलित, 55 हजार यादव, 30 हजार मुस्लिम हैं। जीत दर्ज करने के लिए बीजेपी को दलित वोटरों के साथ 25 हजार क्षत्रियों और ओबीसी के साथ 60 हजार ब्राह्मणों को साथ लाना होगा। समाजवादी पार्टी यहां अपने 'पीडीए' फॉर्मूले के साथ मैदान में होगी।












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