इटावा: गौशाला में भूख की वजह से मर रही हैं गायें, दो दिन में 18 मौतें
इटावा, 04 सितंबर: गाय को जहां एक तरफ राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की कवायद चल रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में लापरवाही की वजह से गायों की मौत की खबर सामने आई है। यहां गौशाला बसरेहर ब्लॉक की परौली रामायन में दो दिन के भीतर 18 गोवंशों मौत हो चुकी है। तो वहीं, 12 गोवंश अभी भी बीमार हैं। दो दिन में इतनी अधिक संख्या में गोवंशों की मौत की खबर मिलते ही अधिकारी गौशाला पहुंचे और मौका मुआयना किया।

गोवंशों की मौत का यह मामला इटावा जिले के बसरेहर ब्लॉक की परौली रामायन गौशाला का है। गायों के शव दफनाने वाले जेसीबी चालक रामपाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इन दिनों गोवंशों का कब्रिस्तान बन गई है। वो पिछले तीन महीनों में एक हजार गोवंश दफना चुका है। शुक्रवार (03 सितंबर) को जेसीबी चालक रामपाल ने 10 और गुरुवार (02 सितंबर) को 8 गोवंश दफनाए हैं। जेसीबी चालक रामपाल ने बताया कि यहां रोज गोवंश मर रहे हैं।
गोशाल के आसपास रहने वाले लोगों की मानें तो गोवंश की मौत के बाद हफ्तों तक शव पड़े रहते हैं। शव को कौए नोचते रहते हैं। कीड़े लगने से जब उसकी दुर्गंध फैलती है, तब उनको दफना देते हैं। गोशाला में गोवंशों की मौत की खबर पाकर मीडिया कर्मी शुक्रवार (03 सितंबर) को वहां पहुंचे और जानकारी ली। मीडिया में मामला आया तो बसरेहर ब्लॉक के अफसर भी टीम के साथ गोशाला पहुंच गए और व्यवस्थाओं को देखा। कर्मचारियों से बातचीत की। पशु चिकित्सक ने टीम के साथ गोवंशों के शवों को पोस्टमॉर्टम किया। इसके गोवंशों के शवों को परिसर में ही दफना दिया गया।
सीवीओ डॉ. विनीत पांडे ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि गोवंशों की उम्रदराज होने की वजह से मौत हुई है। कुछ गोवंशों को ग्रामीणों ने छोड़ दिया था। उन्हें कमजोर अवस्था में गोशाला पहुंचा दिया गया। उनको हरा चारा दिया जा रहा है। इसके बाद भी उनका स्वास्थ्य नहीं सुधरता है, जिससे उनकी मौत हो रही है। वहीं, पशु चिकित्सक डॉ. विजय कुमार बीमार गोवंशों का इलाज किया। उन्होंने बताया गोवंश पर्याप्त मात्रा में हरा चारा न मिल पाने से बीमार हो रहे हैं। गोशाला परिसर दलदल हो जाने से गोवंश उसमें फंस जाते हैं और बीमार पड़ जाते हैं।
ग्राम पंचायत परौली रमायन के पंचायत सचिव दुर्विजय ने बताया कि गोशाला में गुरुवार को छह और शुक्रवार को नौ गोवंशों की मौत हुई है। कुछ गोवंश बीमार हैं। जिन गोवंशों की मौत हुई है, वह उम्रदराज थीं। गोशाला में गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, दाना सब कुछ मौजूद है।












Click it and Unblock the Notifications