Zubeen Garg Love Story: दो गर्लफ्रेंड के नाम गीत, गरिमा बनी तीसरी 'प्रीत', ब्रेकअप से टूटा दिल-कैसे बनी पत्नी?
Singer Zubeen Garg Wife Garrima Saikia Garg Love Story: असम की मखमली आवाज, 'या अली मदद' और 'जुनमोनी रुनजुन' फेम गायक जुबीन गर्ग अब हमेशा के लिए खामोश हो गए। सिंगापुर के स्कूबा डाइविंग हादसे ने 52 साल के इस रॉकस्टार को छीन लिया, लेकिन उनकी जिंदगी की सबसे रोमांचक कहानी - गरिमा सैकिया गर्ग के साथ प्रेम कथा - अब फैंस को इमोशनल रोलरकोस्टर पर सवार कर रही है।
दो गर्लफ्रेंड्स से इंस्पायर्ड हिट सॉन्ग, एक फैन लेटर से शुरू हुआ रोमांस, ब्रेकअप का दर्द, और फिर हैप्पी एंडिंग! आइए, जुबीन की लव स्टोरी में डूबते हैं - कैसे दिल टूटा, कैसे डिप्रेशन में चले गए, और गरिमा कैसे बनीं उनकी 'तीसरी प्रीत'...

Zubeen Garg Love Story: पापा के साथ घूमते-फिरते बनीं कई गर्लफ्रेंड्स!
जुबीन गर्ग, जिनका असली नाम जुबीन बोरठाकुर था, हमेशा से ही एक फ्री स्पिरिट थे। द सेंटिनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिता मोहिनी मोहन बोरठाकुर (मजिस्ट्रेट और कवि) के साथ जगह-जगह घूमते हुए उनकी जिंदगी एडवेंचर से भरी थी। जुबीन ने खुद कन्फेस किया, 'मेरी कई गर्लफ्रेंड्स बनीं - वो तो बस लाइफ का हिस्सा थीं।' तामुलपुर में कॉलेज के दिनों में तो मजा आ गया - दो क्यूट गर्लफ्रेंड्स, जुनमोनी और रुनजुन! इनकी यादों ने जुबीन को इतना इंस्पायर किया कि उन्होंने असमिया हिट सॉन्ग 'जुनमोनी रुनजुन' रच डाला। गाना रिलीज हुआ तो धमाल मच गया - फैंस को लगा ये कोई फिल्मी रोमांस है, लेकिन असल में ये जुबीन की रियल लाइफ प्रीत थी। सोचिए, दो गर्लफ्रेंड्स के नाम पर सुपरहिट ट्रैक - यंग जुबीन का रोमांस तो बॉलीवुड ही लगता है।

Garrima Saikia Garg Love Letter: 'अनामिका'-'माया' ने जोड़ा दिल, पापा बने खलनायक!
फिर आई गरिमा सैकिया - वो 'तीसरी प्रीत' जो जुबीन की जिंदगी बदल गई। 1990s के अंत में गरिमा, जो बॉम्बे (मुंबई) में पढ़ाई कर रही थीं, जुबीन के एल्बम्स 'अनामिका' और 'माया' की दीवानी हो गईं। घर की याद सता रही थी, तो उन्होंने दिल से एक फैन लेटर लिखा। किस्मत का खेल देखिए - जुबीन ने जवाब दिया। गरिमा को लगा सपना सच हो गया। डेटिंग शुरू हुई - कॉफी डेट्स, लॉन्ग ड्राइव्स, और वो क्लासिक प्रपोजल। जुबीन ने घुटनों पर बैठकर कहा, 'तुम्हारी आंखों में मेरा घर है।' गरिमा ने हां कर दी।

लेकिन लव स्टोरी में ट्विस्ट तो आना था - गरिमा के पापा सख्त थे। 'गायक से शादी? नामुमकिन!' उनका रिएक्शन था। साथ ही, जुबीन का रेस्टलेस नेचर - लेट नाइट शूट्स, ट्रैवल्स - गरिमा को परेशान करने लगा। पिता की इच्छा को ऊपर रखकर गरिमा ने ब्रेकअप कर लिया। जुबीन टूट गए - डिप्रेशन में चले गए, लेकिन यही दर्द उनकी कलात्मक रचनाओं में उतर आया। गाने बने, जो आज भी फैंस को रुलाते हैं।

ब्रेकअप से शादी तक: समय ने बदला सब, 2002 में सात फेरे
ब्रेकअप के बाद गरिमा को भी पछतावा हुआ। वो सोचतीं, 'जुबीन का जुनून ही तो उनकी ताकत है।' समय ने करवट ली - गरिमा वापस आईं, पापा माने, और 4 फरवरी 2002 को गुवाहाटी में धूमधाम से शादी हो गई। गरिमा, जो अब मशहूर फैशन डिजाइनर और प्रोड्यूसर हैं ('कंचनजंघा', 'मिशन चाइना' जैसी फिल्मों की), जुबीन की रॉक बनीं। 23वीं वेडिंग एनिवर्सरी (2025) की तस्वीरें इंस्टा पर वायरल हुईं - गरिमा ने कैप्शन दिया, 'सुख-दुख में हमेशा साथ, मेरे रॉकस्टार।' जुबीन ने जवाब में गाना समर्पित किया। उनकी केमिस्ट्री? वैसी ही जैसे उनके गाने - पैशनेट, इमोशनल, और एवरग्रीन!
ये भी पढ़ें- Zubeen Garg Kids: 15 बच्चों के पिता थे ज़ुबीन गर्ग! पत्नी गरिमा को नहीं थी खबर, जब कजली पर पड़ी थी नजर












Click it and Unblock the Notifications