Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Gram Chikitsalay Review: अपनी ही सीरीज 'पंचायत' की सस्ती कॉपी बना बैठा TVF, 'ग्राम चिकित्सालय' में सबकुछ बासी

सीरीज रिव्यू- ग्राम चिकित्सालय
डायरेक्टर- राहुल पांडे
कलाकार- अमोल पराशर, विनय पाठक, आनंदेश्वर द्विवेदी,आकांक्षा रंजन कपूर
रेटिंग- 2 स्टार्स

Gram Chikitsalay Review: TVF की शुरुआत तो 2010 में हुई, लेकिन इसे असल मायनों में पहचान साल 2019 यानी 9 साल बाद मिली। जब इनका शो गुल्लक रिलीज हुआ। इसके बाद भी जो बची कुची कसर रह गई थी, वो 2020 में आई सीरीज पंचायत से पूरी हो गई। TVF की खासियत ये है कि बड़े रिलेवेंट कहानी पेश करता है। इस फेहरिस्त में नई सीरीज ग्राम चिकित्सालय है। ये सीरीज प्राइम वीडियो में रिलीज हुई है। कैसी है सीरीज? इस रिव्यू पर इसे ही समझने की कोशिश करेंगे।

कहानी एक पढ़े लिखे डॉक्टर की है, जिसकी पोस्टिंग एक गांव में होती है। वो लोगों को इलाज करने के लिए तत्पर रहता है। लेकिन उसे मरीज नहीं मिलते हैं। वजह ये है कि गांव में एक डॉक्टर है, जिसके पास डिग्री नहीं है। लेकिन इलाज वो कर देता है, लोगों को खूब भरोसा है। गांव से सरकारी अस्पताल का हाल ये रहता है कि मरीज तो ठीक स्टाफ नहीं आता। स्टाफ सरकारी दवाई बेच देते हैं। गांव में आए सरकारी डॉक्टर को इन्हीं लोगों से भिड़ना है। उसे गांव के लोगों का विश्वास जीतना है। लेकिन इतना आसान कहा होता है ये सबकुछ। इसमें भी तो राजनीति होती है और गांव वाली की तो बात छोड़ दीजिए। अब इन चुनौतियों से डॉक्टर साब कैसे पार पाते हैं, यही सीरीज में दिखाया गया है।

Web Series Gram Chikitsalay Review

सरकारी डॉक्टर के रोल में अमोल पाराशर हैं। जिन्हें किरदार में देखना आपको अच्छा लगेगा। उन्होंने बड़ी बारीकी से इसे समझा और पकड़ा है। जो पूरी सीरीज में आपको देखने को मिलेगा। उनकी मेहनत भी दिखती है। विनय पाठक झोला छाप डॉक्टर के किरदार में हैं। लंबे समय में उनको ऐसे किसी पहचाने से किरदार में देखने को मिला है। जो वाकई एक अच्छा ऐहसास है। क्योंकि विनय के अभिनय की खासियत है कि हर किरदार में वो एक ताजगी भर देते हैं। जो बतौर दर्शक मजा आता है। सीरीज में आनंदेश्वर द्विवेदी भी हैं। वो अपने पुराने अंदाज में हैं। सीरीज में आकांक्षा रंजन कपूर भी हैं। जो इस बार ग्लैमर से कोसो दूर हैं, उन्हें पहचानने में थोड़ी मुश्किल आती है। लेकिन मुश्किल ये भी है कि उन्हें सीरीज में बहुत स्पेस मिली नहीं है। जब लगता कि उनके किरदार को यहां स्टैब्लिश किया जा रहा, वहीं मेकर्स इस धारणा को बदल देते हैं। बाकी सपोर्टिंग कास्ट ने भी अच्छा काम किया है।

सीरीज को पंचायत वाले दीपक कुमार मिश्रा ने बनाया है। स्टोरी भी उनकी है, वो इस सीरीज के क्रिएटर हैं। हालांकि डायरेक्ट इसे राहुल पांडे ने किया है। जिसमें बहुत कुछ नया नहीं है। ऐसा लगता है कि पंचायत की ही कहानी में चिकित्सालय घुसेड़ दिया गया है। न कोई चुटीले संवाद हैं और न ही डायरेक्शन में वैसा मजा। सबकुछ देखा दिखाया और सुना सुनाया सा लगता है। श्रेया श्रीवास्तव और वैभव सुमन ने डायलॉग्स के साथ स्क्रीनप्ले लिखा है। तीनों के काम में इस बार कुछ भी खास नहीं है। ग्राम चिकित्सालय देख बॉलीवुड की याद आती है। ऐसा लगता है कि TVF भी उसी खांचे में फिट होने की कोशिश कर रहा है। पहले के देखे हुए काम, आपको TVF की टीम से अच्छे से की उम्मीद होती है।

कुल मिलाकर कहा जाए तो हम कुछ अच्छे की उम्मीद किए थे। लेकिन ये अच्छा तो छोड़िए ठीक कैटेगरी में भी नहीं आती है। ग्राम चिकित्सालय के हर किरदार आपको पंचायत से प्रेरित मिलते हैं। ऐसा लग रहा है कि ये पंचायत का लाइटर वर्जन है। कुछ भी नया नहीं है। अगर आपके पास कुछ देखने को नहीं तो आप इस सीरीज के 5 एपिसोड देख सकते हैं। अगर इस सीरीज को मिस भी करते हैं, तो पछतावे वाली बात नहीं है। क्योंकि ऐसी सीरीज देख समय बर्बाद करने से अच्छा है न देखें। मेरी बात यहीं तक।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+