'कंगना से सहमत हूं...', दिग्गज अभिनेता बोले- सेनानियों को फांसी दी जा रही थी और बड़े नेता मूकदर्शक थे
'कंगना से सहमत हूं...', दिग्गज अभिनेता बोले- सेनानियों को फांसी दी जा रही थी और बड़े नेता मूकदर्शक थे
नई दिल्ली, 15 नवंबर: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों अपने 1947 में 'भीख में मिली आजादी' वाले बयान को लेकर विवादों में बनी हुई हैं। कंगना रनौत ने एक मीडिया कार्यक्रम में कहा था कि 1947 में जो हमें आजादी मिली थी, वो भीख में मिली थी, असली आजादी तो 2014 में मिली थी। कंगना के इस बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है, लेकिन अब अभिनेत्री के समर्थन में दिग्गज अभिनेता विक्रम गोखले आए हैं। पुणे के प्रमुख मराठी अभिनेता विक्रम गोखले ने कहा है कि वह कंगना रनौत से सहमत हैं क्योंकि आजादी हमें दी गई है।

कंगना रनौत के बयान से सहमत हूं, हमें दी गई आजादी: विक्रम गोखले
हिंदी और मराठी की कई फिल्मों में काम कर चुके विक्रम गोखले कंगना रनौत की भारत के बारे में विवादास्पद टिप्पणी के समर्थन में सामने आए हैं। विक्रम गोखले ने रविवार (14 नवंबर) को पुणे में एक समारोह में कहा, "मैं कंगना रनौत के बयान से सहमत हूं। हमें आजादी दी गई।'' विक्रम गोखले ने यह भी कहा कि भाजपा सहित हर राजनीतिक दल किसी भी विवाद से अपना फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।

'जब स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई, बड़े नेता मूकदर्शक थे'
विक्रम गोखले ने आगे कहा, ''ब्रिटिश राज के दौरान, जब स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई तो बहुत से लोग मूकदर्शक बने रहे। मूकदर्शक बने इन दर्शकों में कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। उन्होंने उन स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं बचाया जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे।''

'भारत को कभी भी "हरा" नहीं होना चाहिए, इसे "भगवा" ही रहना चाहिए'
विक्रम गोखले ने कहा कि भारत को कभी भी "हरा" नहीं होना चाहिए और इसे "भगवा" बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए। विक्रम गोखले की टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया और कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की। कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा, "भारत हमेशा विविध रहेगा और एक रंग का नहीं हो सकता।"

'भाजपा और शिवसेना को देश के लिए साथ होना चाहिए'
महाराष्ट्र में राजनीतिक परिदृश्य पर बोलते हुए विक्रम गोखले ने कहा कि पूर्व सहयोगी शिवसेना और भाजपा को देश की बेहतरी के लिए फिर से एक साथ आना चाहिए। विक्रम गोखले ने कहा, 'भाजपा और शिवसेना को फिर साथ आना चाहिए। मैंने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से समान वर्षों के लिए सीएम पद साझा करने की शर्त पर दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन के बारे में सवाल किया था। दोनों पार्टियों को लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करनी चाहिए। मुझे लगता है कि राजनीतिक दलों को लोगों को धोखा नहीं देना चाहिए क्योंकि लोग उन्हें दंडित कर सकते हैं।'
शिवसेना और भाजपा के एक साथ आने के बारे में विक्रम गोखले की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अभिनेता को इस तरह के बयान देने के बजाय राजनीति में शामिल होना चाहिए और चुनाव लड़ना चाहिए।

कंगना ने आखिर ऐसा क्या कहा कि लोग गिरफ्तारी कर रहे हैं मांग
भारत की आजादी पर कंगना रनौत ने एक मीडिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत को 2014 में सही मायनों में स्वतंत्रता मिली है, जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई थी। 1947 में देश को जो आजादी मिली, वो आजादी भीख में मिली थी।
कंगना रनौत के इस बयान के बाद कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने कंगना पर देशद्रोह का केस लगाकर गिरफ्तारी करने की मांग की है। वहीं विपक्षी नेताओं की मांग है कि कंगना से पद्मश्री और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी वापल ले लेना चाहिए।












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