The Buckingham Murders Review: करीना कपूर की एक्टिंग आपके रोंगटे खड़े कर देगी, इमोशन से भरी है कहानी
फिल्म- द बकिंघम मर्डर्स
स्टारकास्ट- करीना कपूर खान, इशप्रीत कोहली, रणवीर बरार, साकिब चौधरी, ऐश टंडन, प्रभलीन संधू
डायरेक्टर- हंसल मेहता
स्टार- ***
The Buckingham Murders Review: बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान पिछले कुछ समय से वुमन सेंट्रिक फिल्मों में दमदार काम कर रही हैं। उनकी एक्टिंग की भी जमकर तारीफ हो रही है। इस बार हंसल मेहता के निर्देशन में बनी क्राइम-थ्रिलर फिल्म 'द बकिंघम मर्डर्स' में उनकी एक्टिंग और निखर कर सामने आई है।
इस फिल्म में करीना कपूर खान एक महिला कॉप की जटिल, जानदार और संवेदनशील रोल निभाती नजर आ रही हैं। फिल्म आज यानी 13 सितंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को देखने से पहले एक बार इसका रिव्यू जरूर पढ़ लें।

फिल्म 'द बकिंघम मर्डर्स' की कहानी
-विदेशी बैकग्राउंड पर बेस्ड ये कहानी है 'जस' उर्फ जसमीत बामरा (करीना कपूर खान) की, जो अपनी जिंदगी के सबसे दुखद दौर से गुजर रही है। ब्रिटिश भारतीय जासूस 'जस' ब्रिटेन के अपने घर से मीलों दूर दूसरे शहर 'बकिंघम' में ट्रांसफर हो जाती है, क्योंकि जिस घर में वो रहती है, वहां उसे उसके बच्चे की यादें सताती हैं।
-जसमीत के बेटे को एक कट्टरपंथी ने गोली मार कर कत्ल कर दिया था। हालांकि दोषी पकड़ा गया था, मगर बेटे की मौत का दुख जसमीत को आज भी झकझोर रहा है। ऐसे में करीना कपूर नए शहर बकिंघम में ट्रांसफर लेकर आती है। यहां उसे 10 साल के एक बच्चे (इशप्रीत कोहली) की हत्या का मामला सुलझाने को दिया जाता है।
-इशप्रीत कोहली के पापा दलजीत (रणवीर बरार) और मां प्रीति (प्रभलीन संधू) बेटे की मौत से सदमे में हैं। वहीं करीना कपूर की बॉस का मानना है कि काम में मसरूफ रहकर जसमीत अपने जख्मों को कुछ समय के लिए भुला सकती है। इस सिख बच्चे के मर्डर के आरोप में एक पाकिस्तानी ब्रिटिश युवा लड़के (साकिब चौधरी) को गिरफ्तार किया जाता है।
-इस जटिल केस को हैंडल करने वाली पुलिस हेड डिटेक्टिव हार्दिक पटेल उर्फ हार्डी (ऐश टंडन) को केस सुलझाने की जल्दी है। वह केस से जुड़े कई पहलुओं और जस की आशंकाओं को नजरअंदाज कर साकिब चौधरी को हत्यारा मान रही है। वहीं जस को इस बात पर यकीन नहीं है कि इस घटना में साकिब दोषी है।
-जब जसमीत केस की गहराई तक जाती है, तब उसे अप्रवासी समुदाय, धार्मिक और राष्ट्रीय आधार पर बंटा नजर आता है। शहर में माहौल तनावपूर्ण है और 'जस' को निजी तौर पर अपने बच्चे को खोने का गम नासूर बन कर खाए जा रहा है।
'द बकिंघम मर्डर्स' का रिव्यू
-निर्देशक हंसल मेहता समाज की जटिल और असहज करने वाली परतों को कुरेद कर खोल देने में माहिर हैं। हालांकि, उनकी कहानी औसत दर्जे की है, मगर उनका ट्रीटमेंट फिल्म को खास बना देता है। करीना कपूर खान को महिला कॉप के रोल में दएखना दमदार लगता है।
-फिल्म काफी धीमी गति से आगे बढ़ती है, मगर दर्शक को बेचैन बनाए रखती है। हंसल क्राइम इन्वेस्टगेटिव कहानी में राजनीतिक, धार्मिक, लैंगिक, एलजीबीटीक्यू समुदाय, घरेलू हिंसा, उपेक्षा की शिकार महिआलों में बढ़ते डिप्रेशन जैसे कई मुद्दों को समेटते नजर आ रहे हैं। फिल्म का क्लाईमैक्स आपको चौंका देगा।
-एम्मा डेल्समैन की सिनेमैटोग्राफी दमदार है। केतन सोढ़ा और नाईट सॉन्ग रिकॉर्ड्स का बैकग्राउंड म्यूजिक भी कहानी को मजबूत बनाता है। हालांकि फिल्म का म्यूजिक कुछ खास नहीं है।
'द बकिंघम मर्डर्स' की स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
-करीना कपूर खान 40 साल की अधेड़ उम्र की उस महिला के कैरेक्टर में बिल्कुल घुस गई हैं, जिसका दिल बच्चे को खोने के गम में छलनी हो चुका है। हालांकि वह अपने फर्ज और आसपास के तनावपूर्ण माहौल से अनजान नहीं हैं। करीना कपूर खान ने बहुत ही जानदार एक्टिंग की है।
-मृतक बच्चे के पिता के रूप में रणवीर बरार खूब जमे हैं। वहीं दुखी पुलिस अधिकारी की भूमिका के साथ ऐश टंडन ने पूरा न्याय किया है। प्रीती कोहली की भूमिका में प्रभलीन संधू ने भी अच्छा काम किया है। आप इस फिल्म को एकबार जरूर देखें।












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