Sonakshi-Zaheer Wedding: 'रामायण' में मुस्लिम दामाद, क्या करते हैं राम,लखन-भरत? क्या है इनका बनारस से रिश्ता?
Zaheer Iqbal Sonakshi Sinha Wedding Updates: बॉलीवुड की 'दबंग गर्ल' सोनाक्षी सिन्हा रविवार को अपने ब्वॉयफ्रेंड जहीर इकबाल के साथ रजिस्टर्ड मैरिज करके सात जन्मों के लिए उनकी बन चुकी हैं, दोनों की शादी पिछले काफी दिनों से मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई थी।
लगातार खबरें आ रही थीं कि इस शादी के लिए सिन्हा परिवार तैयार नहीं था क्योंकि जहीर इकबाल मुस्लिम हैं, ऐसे में ठेठ हिंदू परिवार को मुस्लिम दामाद को अपनाने में काफी मुश्किल हुई।

हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा और जहीर इकबाल की गले मिलती और पैर छूने की तस्वीरों ने इन बातों पर रोक तो लगा दी थी लेकिन फिर भी ऐसे बहुत सारे सवाल हैं, जिनके जवाब अभी भी नहीं दिए गए।
सोशल मीडिया पर सोनाक्षी और जहीर की शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी चर्चा के बीच आपको बॉलीवुड के 'शॉटगन' की फैमिली के बारे में हम कुछ खास बातें बताते हैं, जो कि काफी अलग और अनोखी हैं।
शत्रुध्न सिन्हा बिहार के एक संभ्रात परिवार से ताल्लुक रखते हैं
आपको बता दें शत्रुध्न सिन्हा बिहार के एक संभ्रात परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इनके पिता का नाम भुवनेश्वरी प्रसाद सिन्हा और मां का नाम श्यामा देवी सिन्हा था। भुवनेश्वरी प्रसाद सिन्हा पेशे से डॉक्टर थे और इन्होंने अमेरिका से मेडिकल की पढ़ाई की थी।
काशी की राम रमापति बैंक से राम-नाम का कर्ज लिया
शिक्षा ग्रहण करने के बाद ये भारत लौट आए और पटना में ही प्रैक्टिस करने लगे लेकिन शादी के काफी लंबे वक्त के बाद भी इन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हुई, जिसके बाद इन्होंने 'काशी की राम रमापति बैंक' से राम-नाम का कर्ज लिया था। भगवान राम में इनकी विशेष आस्था थी।
भुवनेश्वरी प्रसाद सिन्हा के घर पर चार पुत्रों का जन्म हुआ
और तब ये माना जाता था कि जो कोई भी बनारस के 'राम रमापति बैंक' से कर्ज लेता है तो उसके घर का आंगन कभी सूना नहीं रहता, कर्ज लेने के बाद ही भुवनेश्वरी प्रसाद सिन्हा को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। उन्होंने चार बार इस बैंक से कर्ज लिया और उनके घर में चार पुत्रों का जन्म हुआ, जिनके नाम उन्होंने भगवान राम और उनक भाई के ही नाम पर रखे।
राम, लखन और भरत हैं सिन्हा के बड़े भाईयों का नाम
यानी की शत्रुध्न सिन्हा चार भाई हैं और उनके तीनों भाई उनसे बड़े हैं और उन तीनों के नाम क्रमश: राम, लखन और भरत हैं।
बायोग्राफी 'Anything But Khamosh' में किया है जिक्र
आपको बता दें कि इस बात का जिक्र खुद शत्रुघ्न ने अपनी बायोग्राफी 'Anything But Khamosh' में किया है। उनके सबसे बड़े भाई राम सिन्हा साइन्टिस्ट हैं और अमेरिका में रहते हैं तो वहीं दूसरे भाई लखन पेशे से इंजीनियर हैं और वो मुंबई में निवास करते हैं तो वहीं तीसरे भाई डॉक्टर हैं और लंदन में सेटल हैं।
एक्टिंग और राजनीति की दुनिया में कोई नहीं...
सिन्हा की पूरी फैमिली में एक्टिंग और राजनीति की दुनिया में कोई नहीं था, अपने परिवार से अलग जाकर शत्रुध्न सिन्हा ने अभिनय की दुनिया में कदर रखा और अपनी एक खास जगह बॉलीवुड में बनाई और इसके बाद इन्होंने राजनीति का रूख किया। इन्होंने करियर की शुरुआत तो बीजेपी से की थी लेकिन अभी वो आसनसोल से TMC पार्टी से सांसद हैं।
सिन्हा ने अपने आठ मंजिला घर का नाम 'रामायण' रखा
सिन्हा की पूरी फैमिली भी श्री राम में आस्था रखती है और इसी वजह से उन्होंने अपने जूहू स्थित आठ मंजिला घर का नाम 'रामायण' रखा है। यही नहीं उनके दोनों बेटों का भी नाम 'लव-कुश'' है।

'रामायण' धाम मुस्लिम दामाद का स्वागत करने के लिए तैयार
पहले कहा जा रहा था कि खुद शत्रुघ्न सिन्हा सोनाक्षी-जहीर के रिश्ते को लेकर खुश नहीं थे लेकिन जब उन्होंने ये कहा कि 'मेरी एक ही तो बेटी है'....तो सबकी जुबान पर ताले लग गए। फिलहाल उनका 'रामायण' धाम अपने इकलौते मुस्लिम दामाद का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और सिन्हा के फैंस सोनाक्षी-जहीर को दिल खोलकर दुआएं दे रहे हैं।












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