Shaitaan review: क्या दर्शकों का वशीकरण करने में सफल रही अजय देवगन की फिल्म? जानिये कैसा रहा 'शैतान' का जादू..
Ajay Devgn Shaitaan Review: भूत प्रेतों का जब भी जिक्र आता है तो अकसर बड़े बूढ़ों के पास कई सारी बातें बताने को होती हैं। कई बार वे अपनी जिंदगी के ऐसे किस्से शेयर करते हैं, जिन्हें सुनकर किसी की भी हालत खराब हो जाए। ऐसे में जरा सोच कर देखिये कि अगर आपका ऐसे किसी तत्व से सामना हो जाए तो जाहिर सी बात है किसी के लिए भी कुछ नॉर्मल नहीं रह जाएगा।
वशीकरण की बात करें तो अब तक न जाने कितनी फिल्में इसपर बन चुकी हैं। इनमें से कई फिल्मों को सच्ची घटनाओं पर आधारित भी बताया गया है। मगर हाल ही में रिलीज हुई अजय देवगन की फिल्म किसी भी सच्ची घटना का दावा नहीं करती और ये पूरी तरह से काल्पनिक फिल्म है। अब इस काल्पनिक फिल्म ने दर्शकों को कितना अपने वश में किया है, चलिये समझते हैं।

फिल्म का कहानी है वशीकरण पर। एक ऐसे शख्स की कहानी, जो अपने परिवार के साथ पहाड़ी पर पिकनिक मनाने जाता है। वहां एक शख्स उनके बच्चों को बहलाकर अपने वश में कर लेता है। वो बार-बार अजय देवगन से उनकी बेटी की बली देने की बात करने लगता है। मगर अजय देवगन अपनी बेटी को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा देता है।
अब इस फिल्म में देखना ये होगा कि इंसान की जीत होती है या फिर शैतान की। हालांकि, कहानी के अंत को एक सस्पेंस के साथ छोड़ा गया है जो इस तरफ इशारा करता है कि पिक्चर अभी बाकी है।
इससे पहले भी बॉलीवुड में भूत प्रेतों पर कई तरह की फिल्में बन चुकी हैं, जो सच्ची घटनाओं पर आधारित बताई जाती हैं। बुलबुल, भूल भुलैया और पाताल लोक जैसी कई फिल्में थीं, जिनमें भूत प्रेत की कहानियां थीं और ये सब सच्ची घटनाओं पर ही आधारित थीं। मगर शैतान के बारे में ऐसा कुछ भी नहीं बताया गया।
इस फिल्म के इतिहास और अस्तित्व पर फिल्म ने चुप्पी साधी हुई थी। इसी वजह से जितना आर माधनव और अजय की फिल्म का ये ट्रेलर फैंस को इंप्रेस कर पाया था, उतना फिल्म नहीं कर सकी। कुल मिलाक कहें तो फिल्म लोगों को कुछ खास इंप्रेस नहीं कर पाई। कहानी के अंत में अजय देवगन किसी सीन में जीभ दिखाते दिख रहे हैं। ऐसे में दर्शकों का भी मानना है कि हॉरर फिल्म के नाम पर अजय ने भी जीभ दिखाई है।
फिल्म में शामिल कलाकारों की बात की जाए तो सारे के सारे एकदम मंझे हुए कलाकार हैं। अजय देवगन की एक्टिंग भी हमेशा की तरहशानदार है। ज्योतिका का रोल भी अच्छा है। मगर फिल्म की सारी लाइमलाइट आर माधवन लूट ले गए हैं। एक्टर की एक्टिंग बेहद जोरदार है। हालांकि, जिस कैरेक्टर में माधवन थे, वो अच्छी तरह काम नहीं कर सका है। कैरेक्टर को अच्छी खासी लैंथ दी जा सकती थी। अगर इतिहास पर बात होती तो ज्यादा अच्छा रहता मगर ऐसा हुआ नहीं।
अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं तो आपने कई तरह की हॉरर फिल्में देखी होंगी। ऐसे में अगर आप इस फिल्म के डरावने होने की उम्मीद कर रहे हैं तो ऐसा कुछ भी नहीं है। फिल्म की कहानी को सिर्फ फॉर्मेलिटी के लिए घसीटा गया है। फिल्म में अच्छे डायलॉग्स का ना होना इसे बोरिंग भी बना रहा है। फिल्म की कहानी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। मगर ऐसा हुआ नहीं। अगर आप वाकई हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं तो आपको ओटीटी पर ऐसी फिल्में तमाम मिल जाएंगी। अगर शैतान को महज एक ड्रामा फिल्म कहा जाए तो कुछ भी गलत नहीं होगा।












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