National Award को लेकर शाहरुख खान ने कह दी थी ऐसी बात, वायरल हुआ पुराना वीडियो
Shah Rukh khan National Award: 33 साल के लंबे इंतजार के बाद हिंदी सिनेमा के बादशाह शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) को आखिरकार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) का सम्मान मिल ही गया।
2023 में आई उनकी एक्शन फिल्म 'जवान' में डबल रोल ने जहां बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े, वहीं उनकी दमदार परफॉर्मेंस ने क्रीटिक्स को भी तारिफ करने से नहीं रोक पाया। इस अवॉर्ड के साथ शाहरुख का सालों पुराना नेशल फिल्म ऑवर्ड का सपना भी साकार हो गया।

लेकिन ये जीत जितनी सुखद है, उतनी ही पुरानी यादें भी साथ लाई है - वो साल जब 'स्वदेस' (Swades) के मोहन भार्गव को अनदेखा कर दिया गया था, और पुरस्कार किसी और की झोली में चला गया था।
शाहरुख ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा- "नेशनल अवॉर्ड सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। ये मुझे याद दिलाता है कि जो मैं करता हूं, वह मायने रखता है। यह मुझे और मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है।"
2004 में जब 'हम तुम' ने मार ली थी बाजी
शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने 1992 में 'दीवाना' से अपने करियर की शुरुआत की थी, और उसके बाद 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'चक दे इंडिया', 'माय नेम इज खान' जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया। आलोचकों ने उन्हें बार-बार नेशनल अवॉर्ड के लिए योग्य बताया, लेकिन हर बार पुरस्कार किसी और के नाम हो गया।
2004 में, जब शाहरुख खान ने आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'स्वदेस' में एक भारतीय वैज्ञानिक की भूमिका निभाई, जो अपनी जड़ों की तलाश में भारत लौटता है, तो दर्शकों और समीक्षकों ने इस परफॉर्मेंस को कैरियर-बेस्ट कहा। लेकिन जब राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा हुई, तो 'हम तुम' के लिए सैफ अली खान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड दिया गया - एक रोमांटिक कॉमेडी जिसमें उनका किरदार काफी हल्का-फुल्का था।
शाहरुख का पुराना वीडियो वायरल - "वो अवॉर्ड मुझे मिलना चाहिए था"
शाहरुख को मिली ताज़ा जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हो गया है। यह वीडियो एक Tag Heuer इवेंट का है, जिसमें शाहरुख मंच पर निर्देशक कुनाल कोहली और एंकर मंदिरा बेदी के साथ हैं। शाहरुख विनम्रता से कहते हैं, "मैं दिल का बहुत अच्छा हूं। मुझे सारी फिल्में अच्छी लगती हैं, सारे हीरो-हीरोइन अच्छे लगते हैं...।"
फिर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि आमिर की 'फना' बहुत अच्छी थी। 'हम तुम' भी बहुत अच्छी थी। उसके एक्टर को नेशनल अवॉर्ड भी मिला... जबकि मुझे लग रहा था कि वो अवॉर्ड मुझे मिलना चाहिए था... पर खैर, वो एक अलग कहानी है। उसके बाद पूरा हॉल हंसी से गूंज गया, लेकिन शाहरुख की आंखों में एक अधूरी संतुष्टि साफ नजर आई।
सिनेमा के जानकारों के मुताबिक, उस साल के नेशनल अवॉर्ड जूरी में शामिल टी.एस. नागाभरणा ने 'स्वदेस' की कहानी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह फिल्म उनकी एक कन्नड़ फिल्म की कॉपी है। यह विवाद शायद शाहरुख की दावेदारी पर काली छाया बन गया।
'स्वदेस' की असफलता ने शाहरुख को बनाया कमर्शियल हीरो
शाहरुख ने कई बार यह स्वीकार किया है कि स्वदेस, फैन और माय नेम इज खान जैसी फिल्मों के कमर्शियल फेल्योर ने उन्हें ऐसे सिनेमा से दूर कर दिया, जिसमें वह कला और भावनाओं के करीब थे। शाहरुख खान ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था- "कभी-कभी दर्शक वो नहीं चुनते जो तुम दिल से लाते हो। और फिर कलाकार को समझौता करना पड़ता है,"।
'स्वदेस' बनी कल्ट क्लासिक फिल्म
आज स्वदेस को न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर में एक सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण फिल्म माना जाता है। इसका एक-एक दृश्य, एक-एक संवाद, और मोहन भार्गव का किरदार - सब कुछ वक्त के साथ और निखर गया है। यह फिल्म बताती है कि सम्मान सिर्फ पुरस्कारों से नहीं, बल्कि समय और जनता के प्यार से भी मिलता है। अब जबकि शाहरुख को उनकी पहली राष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है - सवाल यह है कि क्या वह अब फिर से 'स्वदेस' जैसी फिल्मों की ओर रुख करेंगे?












Click it and Unblock the Notifications