"मैं मरना नहीं चाहता, मुझे बचा लो", आखिर Satish Kaushik के साथ उस रात क्या हुआ? मैनेजर ने बताई असली सच्चाई
सतीश कौशिक के मैनेजर के साथ उस रात क्या-क्या हुआ और उन्हें किस बात की चिंता सता रही थी। मैनेजर ने बताया कि, आखिरी वक्त पर उनके शब्द क्या थे।
Satish Kaushik Last Words: सबको हंसाने वाले दिग्गज अभिनेता सतीश कौशिक का 66 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर की अचानक मौत की खबर उनका परिवार और फैंस झेल नहीं पाए। वह अब तक इस बात का यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि सतीश कौशिक अब हमारे बीच नहीं रहे। अब एक्टर के मैनेजर ने बताया कि सतीश कौशिक के मुंह से वो आखिरी शब्द क्या निकले थे और उस वक्त उन्हें किसकी चिंता सबसे ज्यादा सता रही थी।
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सतीश कौशिक के मैनेजर ने बताई पूरी सच्चाई
आपको बता दें कि, जब अभिनेता सतीश कौशिक को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी उस वक्त उनके साथ उनके मैनेजर संतोष राय मौजूद थे। उनको अचानक घबराहट होने लगी थी और तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मैनेजर के मुताबिक, सतीश कौशिक को खाना खाने के बाद किसी भी तरह की एसिडिटी या घबराहट महसूस नहीं हुई।

सतीश कौशिक की अगले दिन थी मुंबई जाने की फ्लाइट
मैनेजर ने आगे बताया कि, असल में उस रात को क्या कुछ हुआ। मैनेजर के मुताबिक, सतीश कौशिक ने लगभग 8.30 बजे डिनर खत्म किया। उसके बाद वह जैसे सोने के लिए अपने कमरे में गए उन्होंने कहा कि, 'संतोष, जल्दी सो जाओ, हमें सुबह की फ्लाइट पकड़नी है।' मैंने कहा, 'ठीक है सर जी।' मैं उस दौरान उनके बगल वाले कमरे में लेटा हुआ था। हमारी फ्लाइट अगले दिन सुबह 9 बजे की थी हमें मुंबई लौटना था।

रात को फिल्म देख रहे थे सतीश कौशिक
ई-टाइम्स से बातचीत कर संतोष ने बताया, 'रात 11 बजे उन्होंने मुझे फोन किया। उन्होंने कहा, "संतोष, आ जाओ, मुझे अपना वाईफाई पासवर्ड ठीक करने की जरूरत है क्योंकि मैं 'कागज 2' पर कुछ काम करना चाह रहा हूं। उन्होंने रात 11:30 बजे फिल्म देखना शुरू किया और मैं फिर से अपने कमरे में वापस चला गया।"

रात को सतीश कौशिक को होने लगी घबराहट
इसके बाद मैनेजर ने आगे बताया कि, अचानक रात 12.30 बजे सतीश कौशिक मेरा नाम जोर-जोर से चिल्लाने लगे और मैं दौड़ते हुए उनके पास गया। मैंन कहा, क्या हुआ सर? आपने मुझे फोन कॉल क्यों नहीं किया? उन्होंने तभी कहा कि, मुझे घबराहट हो रही है मुझे अस्पताल ले चलो। मुझे डॉक्टर के पास जाना है।

'संतोष, मैं मरना नहीं चाहता, मुझे बचा लो'
इसके बाद जैसे ही सतीश कौशिक को लेकर मैनेजर कार में बैठे और अस्पताल के लिए रवाना हुए तो एक्टर उनसे कहते हैं कि, 'जल्दी हॉस्पिटल चलो, सीने में दर्द बढ़ रहा है'। उसके बाद उन्होंने घबराते हुए कहा कि, "संतोष, मैं मरना नहीं चाहता, मुझे बचा लो। उन्होंने मुझे पकड़ा और कहा, 'मुझे वंशिका के लिए जीना है। मुझे लगता है मैं नहीं बचूंगा... शशि और वंशिका का ख्याल रखना।' हालांकि हम 8 मिनट में ही अस्पताल पहुंच गए थे लेकिन वह वहां पहुंचते ही बेहोश हो गए थे और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद वह नहीं बच पाए।












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