‘सलमान खान टेररिस्ट हैं? बलूचिस्तान विवाद पर पाकिस्तान सरकार ने दी सफाई, कहा- यह सनसनी फैलाने वाली खबर
Salman Khan Balochistan Controversy: पाकिस्तान में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को आतंकी घोषित किए जाने की खबरों ने बीते सप्ताह सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी थी। कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सलमान खान को पाकिस्तान ने अपने "आतंकी वॉचलिस्ट" (Terror Watchlist) में शामिल कर लिया है, क्योंकि उन्होंने सऊदी अरब में एक कार्यक्रम के दौरान 'बलूचिस्तान' को पाकिस्तान से अलग इकाई के रूप में संबोधित किया था।
अब इस पर पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक सफाई दी है। देश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी और अप्रमाणित बताया है।

पाकिस्तान सरकार ने क्या कहा?
रविवार को पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय की फैक्ट-चेकिंग टीम ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट शेयर करते हुए इस खबर को "Fake News Unverified" बताया। उस पोस्ट पर जिसमें सलमान खान को आतंकी बताया गया था कि बड़े अक्षरों में 'Fake News / Unverified' का स्टैम्प लगा था।
मंत्रालय ने कहा "सलमान खान को पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी कानून (Anti-Terrorism Act) के तहत 'फोर्थ शेड्यूल' (Fourth Schedule) में डाले जाने का कोई सबूत नहीं मिला है। ना तो किसी सरकारी गजट, ना गृह मंत्रालय और ना ही NACTA (नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी) की सूची में उनका नाम है।"
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने अपने बयान में आगे लिखा था कि कोई भी आधिकारिक सरकारी बयान, नोटिफिकेशन या दस्तावेज़ नहीं है जिससे यह साबित हो कि सलमान खान को आतंकवादी सूची में डाला गया है। सभी खबरें केवल कुछ भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स से निकली हैं, जिनका कोई आधिकारिक आधार नहीं है। मंत्रालय ने यह भी कहा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किसी भी रिपोर्ट में इस दावे की पुष्टि नहीं होती।
यह केवल सनसनी फैलाने वाला हेडलाइन प्रतीत होता है, न कि कोई तथ्यात्मक खबर। पाकिस्तान सरकार ने यह भी लिखा कि इस तरह की खबरें 'ऑप्टिक्स' (optics) यानी मीडिया प्रभाव के लिए चलाई जाती हैं। इनके पीछे सनसनी फैलाने का उद्देश्य हो सकता है, ताकि सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़े। सरकार ने साफ किया कि सलमान खान के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई या जांच नहीं चल रही है।
क्या कहा था सलमान खान ने?
दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब सलमान खान ने सऊदी अरब के रियाद में आयोजित Joy Forum 2025 में शाहरुख खान और आमिर खान के साथ मंच साझा किया। इस दौरान उन्होंने कहा -आज अगर आप सऊदी अरब में हिंदी फिल्म रिलीज करते हैं तो सुपरहिट होगी। तमिल, तेलुगु या मलयालम फिल्में भी यहां सैकड़ों करोड़ का बिजनेस करती हैं क्योंकि यहां हर देश के लोग काम कर रहे हैं बलूचिस्तान के लोग हैं, अफगानिस्तान के लोग हैं, पाकिस्तान के लोग हैं, सब यहां काम कर रहे हैं।
सलमान खान के इस बयान में 'बलूचिस्तान के लोग' कहने पर पाकिस्तान के कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया कि उन्होंने बलूचिस्तान को 'अलग देश' की तरह प्रस्तुत किया। इसी के बाद यह अफवाह फैली कि उन्हें "टेरर वॉचलिस्ट" में डाल दिया गया है।
बलूचिस्तान: पाकिस्तान का संवेदनशील इलाका
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित है। यह खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध से सटा हुआ है। यह इलाका 1947 से ही अलगाववादी आंदोलनों और आत्मनिर्णय की मांगों के लिए जाना जाता है। 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद बलूचिस्तान में आज़ादी की मांग और तेज हो गई। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक,2011 से अब तक 10,000 से ज्यादा बलूच नागरिक लापता हुए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य संस्थाओं ने पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन और संसाधनों के दोहन का आरोप लगाया है।












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