'रामायण' की 'सीता' ने 18 की उम्र में किया बाथटब वाला 'वो' सीन, सबके सामने रखा ऐसा अनदेखा सच, मचा बवाल
Ramayan Sita Dipika Chikhlia: टीवी इतिहास के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक 'रामायण' (Ramayan) में 'माता सीता' का किरदार निभाकर घर-घर में पूजनीय बनीं दीपिका चिखलिया (Dipika Chikhlia) की जिंदगी का एक ऐसा पहलू भी है, जिसे जानकर कई लोग हैरान रह जाते हैं। आज भले ही उन्हें मर्यादा और आदर्श का प्रतीक माना जाता है लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उनका सफर संघर्ष और अलग तरह की भूमिकाओं से भरा रहा था।
कम उम्र में शुरू किया एक्टिंग का सफर
दीपिका चिखलिया ने बहुत छोटी उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म सुन मेरी लैला (Sun Meri Laila) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्हें दादा और घर-संसार जैसी फिल्मों में काम करने का मौका मिला था लेकिन शुरुआती दौर में उन्हें सीमित अवसर ही मिले थे।

दीपिका चिखलिया ने बी-ग्रेड फिल्मों में किया काम
-करियर के शुरुआती चरण में दीपिका चिखलिया को ज्यादातर कम बजट और बी-ग्रेड फिल्मों के ऑफर मिलते थे। इसी दौरान उन्होंने चीख और रात के अंधेरे में जैसी फिल्मों में काम किया था। उस दौर में इंडस्ट्री में नए कलाकारों के लिए विकल्प सीमित होते थे और दीपिका चिथलिया ने भी परिस्थितियों के अनुसार काम किया था।
-हालांकि इन फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों और सीन की वजह से दीपिका चिखलिया को वह पहचान या संतुष्टि नहीं मिली, जिसकी उन्हें तलाश थी। धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि वह अपने करियर में कुछ अलग और सार्थक करना चाहती हैं।
दीपिका के करियर में ऐसे आया टर्निंग प्वाइंट
जब फिल्मी करियर ठहराव की ओर बढ़ रहा था, तभी उन्हें विक्रम और बेताल (Vikram Aur Betaal) में काम करने का मौका मिला था। ये मौका उनके लिए नई शुरुआत साबित हुआ था। इसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर (Ramanand Sagar) से हुई, जो अपने नए प्रोजेक्ट के लिए कलाकारों की तलाश में थे।
ऐसे मिला 'माता सीता' का अमर किरदार
कहा जाता है कि ऑडिशन के दौरान रामानंद सागर ने दीपिका चिखलिया को भी स्क्रीन टेस्ट देने के लिए बुलाया था। उनकी सादगी, चेहरे की मासूमियत और शानदार अभिनय ने सभी को प्रभावित किया था। आखिरकार उन्हें रामायण में माता सीता का रोल मिल गया, एक ऐसा किरदार जिसने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी।
आज भी लोगों के दिलों में बसती हैं 'सीता'
-रामायण के प्रसारण के बाद दीपिका चिखलिया की छवि इतनी मजबूत हो गई थी कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी माता सीता के रूप में देखने लगे थे। उनके साथ अक्टर अरुण गोविल (Arun Govil) द्वारा निभाया गया प्रभु श्रीराम का किरदार भी उतना ही लोकप्रिय हुआ था।
-आज भी जब रामायण धारावाहिक की बात होती है, तो दर्शकों के मन में सबसे पहले अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया की ही छवि उभरती है। ये उनके अभिनय और उस दौर के प्रभाव की सबसे बड़ी पहचान है।
संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी
दीपिका चिखलिया का सफर इस बात का उदाहरण है कि हर कलाकार को अपने करियर में अलग-अलग दौर से गुजरना पड़ता है। शुरुआती संघर्ष, सीमित अवसर और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसने उन्हें हमेशा के लिए यादगार बना दिया।












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