जब सबने मुंह मोड़ लिया तब राजू श्रीवास्तव बने थे सहारा, निधन पर फूट-फूटकर रो रहीं अनाथ बहनें खुशी और परी
नई दिल्ली, 21 सितम्बर। मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव अब नहीं रहे। 42 दिनों से एम्स में मौत से चल रही जंग आज बुधवार को वे हार गए। राजू श्रीवास्तव ने कॉमेडी को एक नई पहचान दी। पूरी दुनिया में हिंदी जानने समझने वालों के बीच अपनी कॉमेडी के दम पर पहचान बनाने वाले राजू श्रीवास्तव एक जिंदादिल और नेकदिल इंसान भी थे। यही वजह है कि आज जब राजू श्रीवास्तव के जाने पर उनके प्रशंसक रो रहे हैं। कानपुर की दो सगी बहनें सबसे ज्यादा रो रही हैं। ये सगी बहनें राजू श्रीवास्तव की फैन या परिवार का हिस्सा नहीं हैं लेकिन राजू उनके लिए सब कुछ थे।

कोरोना ने छीन लिए मां-बाप
कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में जमकर हाहाकार मचााया। इस महामारी ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। कई बच्चों से उनके मां-बाप छिन गए। कानपुर की रहने वाली खुशी और परी के साथ भी महामारी ने ऐसा किया। दोनों सगी बहनों के माता-पिता महामारी की चपेट में आकर चल बसे।

राजू के जाने की खबर पर बिलख-बिलख कर रोईं
माता-पिता की मौत के बाद दोनों सगी बहनें अनाथ और बेसहारा हो गईं तब राजू श्रीवास्तव उनके लिए सहारा बनकर आए। आज राजू श्रीवास्तव भी इन दोनों बहनों को छोड़कर चले गए। राजू श्रीवास्तव के निधन की खबर जब दोनों बहनों को मिली तो वे बिलख-बिलख रोने लगीं।

जब राजू श्रीवास्तव ने कहा था- पूरा ख्याल रखूंगा
कानपुर के गोविंद नगर में रहने वाली खुशी और परी माता-पिता के साथ रहती थी। कोरोना महामारी के दौरान उनके माता-पिता भी बीमारी की चपेट में आ गए। महामारी ने दोनों की जान ले ली और दोनों बहनें अचानक से अनाथ हो गईं। रिश्तेदारों ने भी इस मुश्किल घड़ी में साथ देने के बजाय मुंह फेर लिया। इस मुश्किल में मकान मालिक और केयर टेकर प्रेम पांडेय ने जरूर लड़कियों की मदद की।

राजू ने मुंबई में अपने घर दोनों को बुलाया
दोनों बहनों के अनाथ होने की खबर राजू श्रीवास्तव के दोस्त और अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राज्य महासचिव ज्ञानेश मिश्रा के पास पहुंची। जानकारी होने पर ज्ञानेश मिश्रा लड़कियों के मकान पर पहुंचे और उनसे मुलाकात की। ज्ञानेश ने दोनों बहनों के बारे में राजू श्रीवास्तव को जानकारी दी। राजू ने फोन पर दोनों बहनों से बात की और उनसे कहा चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। अब मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगा।

नहीं थम रहे दोनों के आंसू
राजू श्रीवास्तव ने दोनों बहनों खुशी और परी को मुंबई स्थित अपने आवास पर बुलाया और उनके पूरी जिम्मेदारी लेने की घोषणा की। राजू ने खुशी और परी से वादा किया कि वह दोनों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे। आज जब राजू श्रीवास्तव इस दुनिया को छोड़कर चले गए, दोनों बहनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। राजू श्रीवास्तव के परिवार पर तो गम का पहाड़ ही टूट पड़ा है। उनकी पत्नी को रो-रोकर बुरा हाल है।












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