हाउसवाइफ के प्यार में पड़ा आतंकी, ट्विस्ट एंड टर्न्स से भरपूर है आर माधवन की 'धोखा'
आर माधवन और खुशाली कुमार की 'धोखा' फिल्म ईर्ष्या, साजिश सच और नफरत का मेलजोल है।
मुंबई, 2 सितंबर: सच और झूठ के इर्द गिर्द घूमने वाली कहानी के लिए दर्शक काफी वक्त से एक्साइटेड थे। आर माधवन और खुशाली कुमार की 'धोखा' फिल्म ईर्ष्या, साजिश सच और नफरत का मेलजोल है। दोनों किसी तरह अपनी जिंदगी की गाड़ी खींच रहे होते हैं। इस थ्रिलर में काफी सपाट ट्विस्ट एंड टर्न्स हैं। फिल्म का कॉन्सेप्ट काफी दिलचस्प है।

फिल्म में आर माधवन ने यथार्थ सिन्हा और खुशाली कुमार ने सांची सिन्हा का किरदार निभाया है। दोनों की शादीशुदा जिंदगी काफी अच्छी होती है। लेकिन फिर अचानक दोनों की ही जिंदगी में खतरनाक यू टर्न आता है, जब जेल से भागा हुआ एक आतंकी इनके घर में घुस जाता है। उस वक्त घर में सांची अकेली होती है।
जब आर माधवन यानी यथार्थ पुलिस और सिक्योरिटी से भरी बिल्डिंग के पास पहुंचता है तो सिक्योरिटी जानकारी देता है कि उनकी पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
सिक्योरिटी गार्ड मल्लिक कहता है कि समझ नहीं आ रहा कौन ज्यादा खतरनाक है, हक गुल या फिर तुम्हारी पत्नी। लेकिन फिर जब सांची अपनी कहानी गुल को बताती है, जो बिल्कुल ही उलट होती है।
फिल्म की मेकिंग में कई लूप होल्स हैं। अगर इसे और भी बेहतर तरीके से लिखा जाता, तो ये शानदार हो सकती थी। गुल और सांची के बीच का संवाद कुछ वक्त तक तो समझने में ही वक्त लग गया। बड़ा ही बेतुका लगता है कि कैसे को आतंकी किसी हाउसवाइफ के प्यार में पड़ सकता है।
लेकिन पूरी फिल्म में कौन सच और कौन झूट कह रहा है, ये पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। हालांकि, पूरी स्टोरी के बाद यकीनन क्लाइमेक्स बिल्कुल भी निराश करने वाला नहीं है। वहीं एक्टिंग की बात करें, तो आर माधवन ने यथार्थ का किरदार बखूबी निभाया है। वहीं खुशाली ने भी अपने किरदार से सबको हैरान किया है, जबकि ये उनकी डेब्यू फिल्म है। उन्होंने खुद को साबित किया है।












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