Dheeraj Kumar: बॉलीवुड के फेमस एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर धीरज कुमार का हुआ निधन, जानें कैसे हुई मौत
Dheeraj Kumar: बॉलीवुड और टेलीविजन जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जाने-माने एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर धीरज कुमार का निधन हो गया है।79 वर्षीय धीरज कुमार को तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
धीरज कुमार की अचानक बिगड़ गई थी तबीयत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धीरज कुमार को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। वह एक्यूट निमोनिया से पीड़ित थे। एक्टर के परिवार और प्रोडक्शन हाउस क्रिएटिव आई की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में उनकी मौत की पुष्टि की गई है।

वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे एक्टर-डायरेक्टर
पहले स्टेटमेंट में कहा गया था कि धीरज कुमार की तबीयत अचानक काफी खराब हो गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया था। फिलहाल अस्पतला में ही उनकी मौत हो गई है। इस कठिन समय में परिवार सभी से प्राइवेसी बनाए रखने की अपील करता है।
अस्पताल जाने से पहले पहुंचे थे इस्कॉन मंदिर
-धीरज कुमार के निधन की बात सामने आने के बाद से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया और फिल्म-जगत से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
-खबर है कि हॉस्पिटल में एडमिट होने से कुछ समय पहले ही धीरज कुमार नवी मुंबई के खारघर स्थित इस्कॉन मंदिर के उद्घाटन समारोह में नजर आए थे। इस मौके पर उन्होंने सनातन संस्कृति के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की तारीफ की थी।
राजेश खन्ना और सुभाष घई के साथ करियर की शुरुआत
-धीरज कुमार का फिल्मी सफर साल 1965 में शुरू हुआ था, जब वह एक प्रतिष्ठित टैलेंट कॉन्टेस्ट के फाइनलिस्ट बने थे। उस प्रतियोगिता में उनके साथ राजेश खन्ना और सुभाष घई जैसे सितारे भी शामिल थे। राजेश खन्ना को उस प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया था।
-इसके बाद धीरज कुमार ने अपने लिए एक अलग राह चुनी और उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में एक्टिंग की थी। 1970 से 1984 के बीच उन्होंने करीब 21 पंजाबी फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी।
-इसके बाद धीरज कुमार ने टेलीविजन की दुनिया की ओर रुख किया और क्रिएटिव आई लिमिटेड नामक प्रोडक्शन हाउस की नींव रखी थी। इस बैनर के अंतर्गत कई चर्चित टीवी शोज बनाए गए और वे इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर कार्यरत रहे।
धीरज कुमार की यादगार फिल्मों की झलक
धीरज कुमार, जिनका असली नाम धीरज कोचर है, का जन्म साल 1944 को हुआ था। वह कई हिंदी और पंजाबी फिल्मों का हिस्सा रहेहैं। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'सरगम' (1979), 'रोटी कपड़ा और मकान' (1974), 'बहरूपिया' (1971), 'स्वामी', 'हीरा पन्ना' और 'रातों का राजा' जैसे नाम शामिल हैं।
टीवी इंडस्ट्री में भी शानदार योगदान
धीरज कुमार ने सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि टेलीविजन की दुनिया में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। कहां गए वो लोग (1986), अदालत, मायका, ये प्यार ना होगा कम, नीम नीम शहद शहद और सिंहासन बत्तीसी जैसे शोज उनके निर्देशन में बने हैं। इन शोज के जरिए उन्होंने भारतीय टेलीविजन की गुणवत्ता को नए मुकाम तक पहुंचाया हैं।












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