'भाभी जी घर पर हैं' के लेखक मनोज संतोषी की 49 की उम्र में मौत, फेमस एक्ट्रेस ने डॉक्टर्स पर लगाया ऐसा आरोप

Manoj Santoshi Death: टीवी के पॉपुलर कॉमेडी सीरियल 'भाभी जी घर पर है' के राइटर मनोज संतोषी की 49 साल की उम्र में मौत हो गई है। खबर है कि उन्होंने गत 23 मार्च 2025 को सिकंदराबाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली है।

राइटर मनोज संतोषी की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राइटर मनोज संतोषी लंबे समय से लीवर संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे। उनका लीवर ट्रांसप्लांट होना था, लेकिन कई तरह की कॉम्प्लीकेशन्स के कारण आखिरकार ऑपरेशन से पहले ही उनकी मौत हो गई है।

Manoj Santoshi Death

लीवर संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे राइटर

सीरियल की एक्ट्रेस रह चुकीं शिल्पा शिंदे ने 'इंडिया टुडे' को इस बात की पुष्टि की है। इसके अलावा एक्ट्रेस ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर्स की लापरवाही और अस्पताल में सहयोग की कमी के चलते ही शो के राइटर मनोज संतोषी की मौत हो गई है।

सौम्या टंडन की आखिरी मुलाकात

-वहीं सीरियल की एक्ट्रेस सौम्या टंडन ने 'जूम' से बातचीत में बताया- ये कहना बेहद दर्दनाक है कि मनोज जी अब हमारे बीच नहीं हैं। इसके बारे में सोचना भी असहनीय है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं उन्हें फिर कभी नहीं देख पाऊंगी, उनकी आवाज नहीं सुन पाऊंगी।

-सौम्या टंडन ने बताया- शो छोड़ने के बाद भी मैं उनके संपर्क में थीं। इलाज के लिए हैदराबाद जाने से पहले, मैं उनसे मिलने उनके घर गई थी। हमने तय किया था कि एक बार जब वह ठीक हो जाएंगे, तो हम एक और महफिल करेंगे, जो हम अक्सर किया करते थे। मैंने उनसे कहा था कि जल्दी ठीक हो जाओ फिर पार्टी करेंगे।

शिल्पा शिंदे ने डॉक्टर्स पर लगाया ऐसा आरोप

-वहीं शो में काम कर चुकीं शिल्पा शिंदे ने जूम से बात करते हुए कहा है- मनोज संतोषी का निधन अस्पताल की लापरवाही के कारण हुआ है। अगर डॉक्टर्स चाहते तो वो बच सकते थे। मैं चाहती थी मनोज जी बिल्कुल ठीक हो जाएं। शो के सभी लोगों ने उनका साथ दिया था। लेकिन मनोज जी काफी जिद्दी थे, उन्हें अकेले रहना ही पसंद था।

-शिल्पा शिंदे ने आगे कहा- मैंने मनोज जी की मेडिकल रिपोर्ट देखी थी। मैंने उनसे कहा था कि वह इस हालत में आयुर्वेद से इलाज नहीं चलेगा। हम आयुर्वेद को गलत बोलते हैं क्योंकि हम गलत समय पर उसका इसाज लेते हैं।

-शिल्पा शिंदे ने कहा- कोई चीज 100 फीसदी सिर्फ आयुर्वेद से ठीक नहीं होती है, उसका टाइम होता है। हमने काफी कोशिश की और काफी सारी चीजें सक्सेसफुल भी रहीं, लेकिन उनकी मौत डॉक्टर्स की लापरवाही से हुई है। डॉक्टर्स ने उनका सही तरीके से इलाज नहीं किया। उन्हें लगा कि मनोज जी का कोई परिवार वाला उनके साथ नहीं है।

'वह जिंदा नहीं थे पर उनका इलाज किया जा रहा था'

-शिल्पा शिंदे ने बताया- डॉक्टर्स ने गत 23 मार्च 2025 की सुबह 6 बजे मुझे कॉल कर बताया कि मनोज संतोषी कोमा में चला गए हैं और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करना होगा। इसके बाद मैंने डॉक्टर्स से पूछा कि क्या उन्हें उनकी किडनी चाहिए, क्योंकि उन्हें लगता था कि उनके परिवार का कोई नहीं है। वो मुझे दिखाने के लिए उनका डायलिसिस कर रहे थे, लेकिन मैं साफ देख सकती थी कि वह जिंदा नहीं थे।

-शिल्पा शिंदे ने कहा- ये लापरवाही और चोरी का मामला है और मैं इसका जीता जागता सबूत हूं। ये उनकी बदकिस्मती है कि मैं यहां हूं। मैं इसलिए बोल रही हूं क्योंकि ऐसा बहुत से लोगों के साथ होता है।'

कौन थे मनोज संतोषी?

आपको बता दें कि मनोज संतोषी ने 'भाभी जी घर पर है' के अलावा 'जीजाजी छत पर हैं', 'हप्पू की उलटन पलटन', 'एफआईआर' जैसे कई कॉमेडी शोज लिखे थे। वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले थे। उन्होंने कस्बा जरगंवा के स्कूल से पढ़ाई की थी और सिंगर बनने के लिए मुंबई आए थे। लेकिन बाद में उन्होंने राइटर के रूप में अपने करि.र की शुरुआत की।

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