मेडिकल प्रोफेशन के प्लॉट पर बेस्ड 'हार्टबीट्स: प्यार और अरमान', दिखेगा मिडिल क्लास लड़के की संघर्ष की कहानी
वेब सीरीज़ : हार्टबीट्स : प्यार और अरमान
कलाकार : हर्ष बेनीवाल, शिवांगी जोशी, निशांत मलकानी, युवराज दुआ, तसनीम खान, अनमोल कजानी, श्रेया कालरा
निर्देशक : विक्रम राय
प्रोड्यूसर: रस्क मीडिया
रेटिंग : 3.5 स्टार
आज के समय में मनोरंजन की दुनिया के दो सबसे बड़े खिलाड़ी हैं सोशल मीडिया और ओटीटी जिन्होंने लगभग पूरी तरह से टीवी और बड़े परदे को रिप्लेस कर दिया है। ऐसे में हाल ही में रिलीज हुई अमेजॉन एमएक्स प्लेयर की वेब सीरीज "हार्टबीट्स : प्यार और अरमान" में सोशल मीडिया के स्टार और बड़े इंफ्लुएंसर हर्ष बेनीवाल और टीवी की मशहूर ऐक्ट्रेस शिवांगी जोशी के साथ अन्य इन्फ्लुएंसर्स ने अपने जबरदस्त और संजीदा अभिनय का प्रदर्शन किया है। यह वेब सीरीज कैसी है आइए जानते है इस रिव्यू में।

5 दोस्त और मेडिकल कॉलेज
कहानी में अक्षत, सांझ, ऋषि, पुलकित और रुचि नाम के 5 दोस्त मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के दौरान इंटर्नशिप के लिए एक हॉस्पिटल जॉइन करते है। लोअर मिडल क्लास फॅमिली से आने वाला अक्षत (हर्ष बेनीवाल) एक सीधा सादा, शर्मिला और मेहनती लड़का है जिसकी नर्स माँ ने उसको सर्जन बनाने के लिए बैंक से 20 लाख का लोन ले रखा है, जिसके बोझ तले दबा हुआ अक्षत जल्दी से जल्दी अपनी माँ का यह बोझ हल्का करना चाहता है। जबकि साँझ(शिवांगी जोशी) एक संभ्रांत परिवार से आने वाली बड़े शहर की मॉडर्न और कॉन्फिडेंट लड़की है जिसके माता पिता भी रसूखदार डॉक्टर हैं।
दो किरदारों की कहानी
अक्षत और सांझ को केंद्र में रखकर कहीं गई इस कहानी की शुरुआत होती है एक जेल के सीन से जिसमें अक्षत(हर्ष बेनीवाल) द्वारा कहे गए एक डायलॉग "ये जो जिंदगी है ना, एक ऑपरेशन थिएटर की तरह है जिसमें जितना मर्जी प्रोसीजर यूज कर लो, अगर एक बार दरवाजे पर लाल बत्ती जल गई ना फिर कोई गारंटी नहीं है" ने इस सीरीज का टोन सेट कर दिया है। इस सीरीज में बॉलीवुड की तरह ही मेडिकल क्षेत्र में भी नेपटिज़म को दर्शकों के सामने उसका अलग पहलू दिखने की अच्छी कोशिश की गई है।
नेपो किड है डॉक्टर
पहले एपिसोड में अक्षत खुद के जेल में आने की कहानी बताने लगता है जिसमें वह अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप के लिए एक अस्पताल जॉइन करता है। वहीं उसकी मुलाकात एक और इन्टर्न साँझ से होती है जिसे अक्षत नेपो किड बुलाता है क्योंकि उसके मम्मी पापा भी डॉक्टर हैं। अक्षत को लगता है कि पैसे, पावर और रसूख के दम पर साँझ और उस जैसों को सबकुछ प्लेट में परोसकर मिल जाता है जबकि मिडल क्लास के बच्चों को कुछ भी पाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है। इसी वजह से अक्षत और साँझ के बीच अक्सर नोकझोंक होती रहती है और इससे क्रीएट होता है ज़बरदस्त ड्रामा, हास्य और इमोशनल सीन।
हॉस्पिटल ड्रामा है कहानी
यह बेसिकली एक 'हॉस्पिटल ड्रामा' है जो मिडल क्लास से आने वाले लड़के अक्षत के 20 लाख रुपये के लोन के बोझ के साथ न्यूरो सर्जन बनने के लिए किये गए संघर्ष, एक छोटे शहर के लड़के के द्वारा जीवन में आने वाली कठिनाइयों का डट कर मुकाबला करने की जीवटता और कभी हार ना मानने वाले एटीट्यूड और साथ ही साँझ के साथ उसके रिश्ते की कहानी बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। यह एक सपने की भी कहानी है जो मध्यम वर्ग का हर दूसरा लड़का देखता है और उसके अपने माँ बाप के लिए पूरा करना चाहता है। और इसके लिए वो हर हद तक जाने को तैयार हो जाता है।
एक्टर्स का कमाल
हर्ष बेनीवाल ने अपने सहज अभिनय और डायलॉग डिलेवरी से प्रभावित किया है उनके चेहरे की मासूमियत अक्षत के किरदार और अधिक सशक्त बनाती है। शिवांगी जोशी ने सांझ के किरदार में अपने टीवी के अनुभव का भरपूर और उम्दा प्रदर्शन किया है। इससे कहानी को पुश मिलता है। निशांत मलकानी एक स्ट्रिक्ट सीनियर डॉक्टर के किरदार में भरपूर जँच रहे है। तो वहीं एक हरियाणवी जाट की भूमिका में युवराज दुआ ने सीरीज में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब लाफ्टर की खुराक देने में सफल रहे है। अनमोल कजानी और तसनीम खान ने पुलकित और रुचि की भूमिका में क्यूट कपल का किरदार ऐसे निभाया है कि इन दोनों को देखकर चेहरे पर ख़ुद बख़ुद मुस्कान आ जाती है। वहीं बात करें अगर डॉक्टर चेतना की भूमिका में तो श्रेया कालरा ने इस रोल को काफी प्रभावित किया है। एक्टिंग में कहीं से कोई लूप होल नजर नहीं आता सभी कलाकारों ने अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है। और किरदारों से ही तो बनती है कहानी। खास बात यह है कि सभी की ऐक्टिंग में एक सहजता नजर आती है कहीं से कोई बनावट नहीं दिखती ना ही ऐसे लगता है कि कोई ऐक्टिंग कर रहा है। और ये सब दिखेगा दर्शकों को इस सीरीज़ में जिससे दर्शक आसानी से किरदारों से खुद को कनेक्ट कर पाएगा।
कैसा है सीरीज का निर्देशन
निर्देशक का मेन काम होता है नये से नये कलाकार से भी उसका सबसे शानदार परफॉरमेंस निकलवाना और यही काम किया है विक्रम राय ने जो इस वेब सीरीज़ के सभी कलाकारों से उनका बेस्ट निकलवाने में सफल रहे है। पूरी सीरीज के दौरान हर एक सीन में एक परफेक्शन नजर आता है और दिखता है कि ये काम केवल ऐक्टर नहीं बल्कि डायरेक्टर भी कर रहा है। सीरीज़ में या सीन में किसी भी प्रकार की बड़बोलेपन को दिखाने से बचा गया है जिसके कारण पहले एपिसोड से ही दर्शक कहानी के साथ जुड़ाव महसूस करेगा और जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ेगी दर्शक भी कहानी के साथ साथ आगे चलता जाएगा। एक सामान्य परिवार के सामान्य छात्र की इस कहानी से हर कोई ख़ुद को जोड़ लेगा। और यही है निर्देशक की सफलता।
क्यों देखे यह सीरीज
सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और देखने वाली जेनरेशन को अक्सर कोसा ही जाता है। लेकिन इस सीरीज़ के जरिए इसी रील बनाने वाली जनरेशन ने वो कर दिखाया है जो मेन स्ट्रीम सिनेमा करने में देखने को नहीं मिलता है। यह सीरीज एक ड्रामा, हास्य, इमोशन्स और रोमांस से भरपूर और मनोरंजक होने के साथ कहानी इतनी रियलिस्टिक लगती है कि आप इससे खुद को कब जोड़ लेंगे आपको पता ही नहीं चलेगा।












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