Auron Mein Kahan Dum Tha Review: अजय देवगन-तब्बू की फिल्म का निकला दम, कमजोर कहानी ने किया सब खत्म
फिल्म- औरों में कहां दम था
स्टारकास्ट- अजय देवगन, तब्बू, जिमी शेरगिल, शांतनु माहेश्वरी, सई मांजरेकर
डायरेक्टर- नीरज पांडे
स्टार- **
Auron Mein Kahan Dum Tha Review: बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन और एक्ट्रेस तब्बू की फिल्म 'औरों में कहां दम था' आज यानी 2 अगस्त 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। अजय देवगन और तब्बू की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने जहां लोगों का जिल जीता है, वहीं फिल्म की कहानी दर्शकों पर कोई असर नहीं कर पाई।
मेकर्स को उम्मीद थी कि अजय देवगन और तब्बू अपना जादू लोगों पर चला पाएंगे लेकिन ऐसा हो नहीं सका है। फिल्म में कुछ भी नया नहीं था। अजय और तब्बू की एक्टिंग भी इस फिल्म को नहीं बचा पाई और काफी वक्त बाद अच्छी एक्टिंग के बावजूद अजय देवगन ने एक कमजोर फिल्म दी है।

फिल्म की कहानी
कृष्णा (अजय देवगन) 2 लोगों का मर्डर कर देता है और 23 साल बाद जेल से बाहर आता है। बाहर उसकी प्रेमिका (तब्बू) है जिसकी अब शादी हो चुकी है, लेकिन अजय ने ये मर्डर क्यों किए, यही फिल्म की कहानी है। कहानी में बताने लायक कुछ होता तो ये एक बेहतर फिल्म बन सकती थी।
कैसी है फिल्म
फिल्म शुरुआत से ही काफी स्लो है। कई जगह पर सस्पेंस बनाने की कोशिश की जाती है लेकिन कोई ज्यादा फायदा नहीं होता। बार बार लगता है अब क्या होगा, अब तो कुछ होगा, एंड में कोई बड़ा ट्विस्ट आएगा लेकिन फिर जो होता है उसे दर्शकों के साथ धोखा कहते हैं। फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे से लोगों ने काफी उम्मीद की थी लेकिन कुछ खास नहीं हो पाया। फिल्म में कुछ भी ऐसा नहीं था जो आपको चौंका दे या आपको हिलाकर रख दे।
फिल्म की स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
-फिल्म के लीड हीरो अजय देवगन हमेशा की तरह अपनी आंखों से सस्पेंस क्रिएट करने की पूरी कोशिश करते हैं लेकिन इस बार वो कुछ खास कमाल नहीं कर पाए हैं। उनकी एक्टिंग बढ़िया है लेकिन मूवी की कहानी में ही कोई दम नहीं है। वहीं फिल्म की लीड हीरोइन तब्बू के साथ भी यही हुआ है।
-तब्बू ने काम अच्छा किया है, वो कमाल की एक्ट्रेस भी हैं लेकिन कहानी ने उनका काम खराब कर दिया है। फिल्म में जिमी शेरगिल ने भी अहम भूमिका निभाई है। उनको देखकर लगा था कि ये तो कुछ बवाल जरूर करेंगे लेकिन उन्हें वेस्ट किया गया। वहीं शांतनु माहेश्वरी और सई मांजरेकर की एक्टिंग ठीक ठाक है।
फिल्म का डायरेक्शन
-नीरज पांडे ने अपना एक अलग नाम बनाया है, उनसे उम्मीद बड़ी होती है लेकिन यहां वो चूक गए हैं। जिस ट्विस्ट पर उन्होंने पूरी फिल्म खड़ी की वही कुछ खास नहीं निकला। फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी कमजोर है। ऐसे में अजय देवगन और तब्बू भी कोई कमाल नहीं दिखा पाए।
फिल्म का म्यूजिक
-एमएस कीरावनी का म्यूजिक अच्छा है और वही इस फिल्म की सबसे अच्छी चीज है। फिल्म के सभी गाने मजेदार हैं जिन्हें सुनकर आपका दिल खुश होगा। गानों के बोल और म्यूजिक दोनों ही शानदार हैं।












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