SAIL: इस्पात संयंत्रों में सुरक्षा के लिए बनी कमेटी, विशेषज्ञ अधिकारी संयंत्रों के लिए बनाएंगे गाइडलाईन
भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय ने संयंत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए विशेषज्ञ अधिकारियों की सुरक्षा समिति का गठन किया गया है।

सेल के इस्पात संयंत्रों में हो रहे हादसों को रोकने भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए विशेषज्ञ अधिकारियों की सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। यह समिति विदेशों में सबसे सुरक्षित इस्पात निर्माण की प्रक्रिया का अध्ययन करेगी।

सेल ने सुरक्षा समिति की बैठक में दिए निर्देश
मंत्रालय को प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश तैयार करने में मदद करेगी और इसे सेल के इस्पात संयंत्रों में अपनाने पर जोर देगी। इसके लिए इस्पात मंत्रालय ने स्टील रूम में सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई थी। बैठक में इस्पात प्रक्रिया पर आधारित सुरक्षा दिशानिर्देश तैयार करने पर चर्चा किया गया। इसके साथ ही इस कमेटी को संयंत्रों के विभिन्न गतिविधियों पर सुरक्षा निर्देश बनाने की जिम्मेदारी दी गई।
कमेटी के माध्यम से तैयार होगी गाइडलाइन
कमेटी द्वारा तैयार किए गए गाइडलाइन के माध्यम से इस्पात निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। इसके तहत मानव, मशीन और पर्यावरण की सुरक्षा, मशीनरी और मानव संसाधन का सही प्रबंधन, दुर्घटना जांच प्रक्रिया मानव संसाधन का प्रशिक्षण को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त सुरक्षा डेटाबेस के निर्माण के लिए दिशा निर्देश और डाटा संग्रह के साथ-साथ प्रक्रिया आधारित सुरक्षा दिशानिर्देश तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
बीएसपी के CGM जीपी सिंह बनाये गए सदस्य
इस बैठक में बीएसपी के कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्नि सेवाएं) जीपी सिंह ब्लास्ट फर्नेस प्रोसेस बेस्ड, सेफ्टी के लिए दिशानिर्देश बनाने के लिए बनाए गए। इसके अतिरिक्त एसएमएस, सिंटर प्लांट, हॉट रोलिंग मिल्स, कोल्ड रोलिंग मिल्स, कांट्रेक्टर सेफ्टी मैनेजमेंट के लिए गाइडलाइन बनाने के लिए गठित समिति के सदस्य बनाए गए।












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