राजनांदगांव: बारिश में जिला अस्पताल बना तालाब, मरीज परेशान ,जलाशयों से छोड़ा गया 65 हजार क्यूसेक पानी
छत्तीसगढ़ में सावन के अंतिम दिनों भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है। वही राजनांदगांव का जिला अस्पताल ही तालाब बन गया है। मरीज जिला प्रशासन की इस अव्यवस्था से परेशान हो रहें हैं।
राजनांदगांव, 10 अगस्त। छत्तीसगढ़ में सावन के अंतिम दिनों भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है। वही राजनांदगांव का जिला अस्पताल ही तालाब बन गया है। मरीज जिला प्रशासन की इस अव्यवस्था से परेशान हो रहें हैं। जिले के जलाशयों में 95 प्रतिशत पानी भर चुके हैं। जिसके बाद जिला प्रशासन ने मोगरा बैराज से 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। तो वहीं घुमरिया बैराज से 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे नदी नाले पूरी तरह से उफान पर हैं।

जलाशयों से छोड़ा 62 हजार क्यूसेक
इस साल सावन के अंतिम दिन अत्यधिक बारिश से जिले के नदी नालों में रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। बीते 40 घंटे में 60 मिमी से अधिक बारिश दर्ज हुई है। भारी बारिश को देखते हुए जलाशयों से 62 हजार क्यूसेक पानी भी छोड़ा गया है। राजनांदगांव के मोगरा बैराज से 42 हजार, घुमरिया बैराज से 12 हजार , सुखनाला से 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए दुर्ग राजनांदगांव, बालोद जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे बुधवार को भारी बारिश की संभावना है। इधर बारिश से शहर में ड्रेनेज सिस्टम और नगर निगम के दावों की पोल फिर खुल गई। तेज बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। गलियों में घुटने तक पानी भर गया।

जिला अस्पताल बना तालाब, मरीज परेशान
इस बारिश में सबसे बुरी स्थिति जिला हास्पिटल की बनी हुई है। जिला हास्पिटल के परिसर से लेकर वार्डों में पानी भरा हुआ है। इस स्थिति की जानकारी मिलने के बाद महापौर हेमा देशमुख और निगम आयुक्त जायजा लेने पहुंचे। अस्पताल के वार्डों में मोटर पंप लगाकर जमा पानी को बाहर निकाला गया। जलभराव की वजह से जिला हास्पिटल में पूरे दिन कामकाज प्रभावित रहा। अस्पताल के अहम उपकरणों को भी जैसे-तैसे बचाया गया।

नदी किनारे गांवों में अलर्ट
राजनांदगांव में भारी बारिश के चलते एक ओर जहां बैराजों से छोड़े जा रहे वहीं भारी बारिश को देखते हुए शिवनाथ किनारे के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। इन गांवों के लोगों को सतर्क रहने और नदी के किनारों में जाने से बचने की सलाह दी गई
है। इधर वनांचल क्षेत्र अंबागढ़ चौकी और मोहला में बारिश की
वजह से कई पुलिया डूब गए हैं। इससे गांवों का रास्ता भी बंद हो गया है। जिले में सबसे अधिक बारिश मानपुर और मोहला ब्लॉक में ही दर्ज हुई है।
नाले के लेवल को कम रखने की कोशिश
निगम आयुक्त अशोक चतुर्वेदी ने बताया कि बारिश के पहले शहर के सभी नालों की सफाई की गई थी। अत्यधिक बारिश की वजह से शहर के कुछ वार्डों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। जिसके लिए जल्द ही निकासी की व्यवस्था की जा रही है। वहीं जिला अस्पताल में जलभराव को देखते हुए। समीप के नालों के जलस्तर को कम रखने की कोशिश की जा रही है।












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