आफत की बारिश : खेतों में भरे पानी से किसान परेशान, फसल खराब होने की चिंता तो कहीं बुवाई में पिछड़े
बालोद जिले के ग्राम निपानी एवं नागाडबरी में ऐसी हालत बनी हुई है। कई एकड़ खेत अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। इन खेतों में धान की फसल बोई गई है। पौधे भी उग आए हैं लेकिन घुटने भर तक पानी भरे होने के कारण धान के पौधे डूबे हुए
बालोद, 21 जुलाई। छत्तीसगढ़ में जुलाई माह के पहले सप्ताह में रिकॉर्ड बारिश ने पूरी तरह से जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया, दुर्ग संभाग के जलाशय भी पानी से लबालब रहे। जिसके चलते खरखरा, सेमरिया, तांदुला, मोंगरा बैराज से लगभग 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके कारण नदियां भी पूरी तरह उफान पर रहीं। लेकिन बालोद, बेमेतरा, दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में खेतों में पानी भरने के कारण किसान बुआई की शुरुआत नही कर पा रहें तो कहीं खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो रही है।

खेतों में भरा पानी किसान परेशान
बुआई में देरी होने का मुख्य कारण है कि खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है, इसलिए बुआई व रोपाई कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं जिस खेत में बुआई हो चुकी है, वहां भी पानी भरा है। नालों में पानी का बहाव कम नहीं होने से खेतों से पानी का खिंचाव नहीं हो पा रहा है। बालोद जिले के ग्राम निपानी एवं नागाडबरी में ऐसी हालत बनी हुई है। कई एकड़ खेत अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। इन खेतों में धान की फसल बोई गई है। पौधे भी उग आए हैं लेकिन घुटने भर तक पानी भरे होने के कारण धान के पौधे डूबे हुए हैं। किसानों को चिंता है कि जल्द यदि पानी नहीं निकला तो फसल खराब हो जाएगी। कृषि उपसंचालक नागेश्वर लाल ने बताया कि रोजाना धान की बुआई व रोपाई चल रही है। इसलिए आंकड़े बढ़ते क्रम पर रहेगा। जिले में मक्का, उड़द सहित अन्य फसल की बुआई भी शुरू हो चुकी है। इस सीजन में धान के अलावा मक्का, उड़द सहित अन्य फसल की बुआई किसान कर रहें है।
बालोद में 16 हजार हेक्टेयर में धान बुआई प्रभावित
बालोद जिले में कुछ इसी तरह के हालात देखने को मिल रहे हैं। जिले के सभी 5 ब्लॉक में इस खरीफ सीजन कृषि विभाग ने एक लाख 69 हजार 290 हेक्टेयर में धान की बुआई व रोपाई का लक्ष्य रखा है। जिसके अनुरूप अब तक एक लाख 52 हजार 734 हेक्टेयर में धान की बुआई व रोपाई हो चुकी है। जो निर्धारित लक्ष्य का 90.22 प्रतिशत है। इस लिहाज से अब भी 16 हजार 556 हेक्टेयर रकबे में बुआई नहीं हो पाई है।
दलहन व तिलहन बुआई भी पिछड़ा
कृषि विभाग के अनुसार लक्ष्य अनुरूप 680 हेक्टेयर में से 67 हेक्टेयर में मक्का की बुआई हो चुकी है। इस सीजन धान के अलावा मक्का, उड़द सहित अन्य फसल की बुआई भी शुरू नही हो सकी है। गुंडरदेही ब्लॉक में सबसे ज्यादा 51 हजार 790 हेक्टेयर में धान लगाने का लक्ष्य है। जिसके अनुरूप 45 हजार 314 हे. में धान की बुआई हो चुकी है।












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