छ.ग. के इस गांव में शराब खरीदा या बेचा तो लगेगा 51 हजार का जुर्माना, CCTV से होगी शराबियों की निगरानी
बालोद जिले में 3000 हजार की आबादी वाले ग्राम घुमका वासियों की परेशानी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं की पंच प्रमुखों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार अब गांव में शराब पीने और बेचने वालों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
बालोद, 05 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में घुमका गांव के ग्रामीणों ने शराबबंदी का फैसला लिया है। गांव में अवैध शराब बिक्री के बढ़ते मामले एवं अपराध को देखते हुए गांव को नशा मुक्त करने ग्रामीणों ने एक बड़ा निर्णय लिया। जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश भर में हो रही है। गुरुवार को हुई ग्रामसभा की सामूहिक बैठक में ग्रामीणों ने गांव में अवैध शराब बेचने व पीने वाले को आर्थिक रूप से दण्डित किया जाएगा। गांव में हाईटेक तरीके से शराब बेचने वालों व शराबियों के निगरानी होगी।

बालोद जिले में 3000 हजार की आबादी वाले ग्राम घुमका के ग्रामीणों की परेशानी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं की पंच प्रमुखों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार अब गांव में शराब पीने और बेचने वालों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गांव के 12 शराब कोचियों पर 45 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। ग्रामीणों के बनाए नियम के अनुसार शराब के नशे में गांव के गली-मोहल्ले व चौक-चौराहों में गाली-गलौज करने वालों को 20 हजार रुपए से दंडित किया जाएगा।

दुबारा शराब बेचा तो 51 हजार का अर्थदंड
इस बैठक में ग्रामीणों ने शराब बंदी को लेकर कई अहम फैसले किए जिसमे अगर शराब बेचने वाले दोबारा बिक्री करते पाए गए तो उसे 51 हजार रुपए का दंड देना पड़ेगा। उसे गांव से पृथक भी किया जाएगा। ग्राम घुमका जिले का पहला गांव है, जहां इस तरह का कठोर निर्णय लिया है। ग्रामीणों का यह फैसला अन्य गांव के लोगों के लिए भी मिसाल बनेगा।
हाईटेक तरीके से होगी शराबियों की निगरानी
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव की उपस्थिति में मांग की है की गांव के चौक चौराहे पर 10 दिन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। ग्रामीणों की बैठक में पुरुष ही नहीं बल्कि घुमका गांव की महिलाएं भी शामिल हुईं। इस बीच सरपंच ने निर्णय लिया कि गांव की निगरानी के लिए गांव के चौक-चौराहे में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे दस दिन के भीतर लगाए जाएंगे। ग्रामीण जगत साहू, बिसहत मंडावी, छन्नू साहू ने बताया कि यह बेहतर निर्णय है। हम इससे खुश हैं। बैठक में प्रेम साहू, चन्द्र लाल धुर्वे, देवगनी बक्शी, भूतपूर्व जनपद सदस्य, रश्मि साहू आदि उपस्थित रहे।
खुले में बेचा डिस्पोजल तो होगी कार्रवाई
ग्राम विकास समिति के सदस्य रमहु ठाकुर, हीरा सिंह ठाकुर के अनुसार अब गांव में खुला डिस्पोजल बेचने वालों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। खुले में डिस्पोजल की वजह से आसानी से शराबी शराब का सेवन कर रहे हैं वही गांव में गंदगी फैल रही है जिस से रोकने के लिए ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि गांव में अवैध शराब बेचने व उसे खरीदने पर 51 हजार रुपए अर्थदंड लगा जाएगा
शराबबंदी पर पक्ष विपक्ष है आमने सामने
दरअसल छत्तीसगढ़ में शराबबंदी को लेकर लगातार सरकार और विपक्ष के बीच बयान बाजी जारी है। वही इस बीच ग्रामीणों ने स्वता ही शराबबंदी का फैसला कर। सरकार के घोषणा पत्र के अनुसार शराबंदी को गांव में अपना लिया है। यह फैसला अन्य ग्रामीणों के लिए नजीर साबित होगा।
गांव के शांति व शराबन्दी के लिए लिया गया फैसला
बालोद टीआई नवीन बोरकर ने बताया कि कुछ समय से गांव में लड़ाई झगड़े जैसे मामले बढ़ गए थे जिसमें अधिकतर मामले शराब से संबंधित थे, इसलिए ग्रामीणों ने यह फैसला गांव में शांति व शराबखोरी रोकने के लिए लिया है। इस फैसले से सकारात्मक रूप से गांव में सुधार आएगा। ग्राम प्रमुख मिलाप ठाकुर ने बताया कि गांव में कुछ समय से अवैध शराब की बिक्री से लड़ाई-झगड़ा व गांव में अशांति का माहौल बन रहा था। गांव की बिगड़ती व्यवस्था को देखते हुए गांव के सभी समाज प्रमुखों की बैठक में यह नियम बनाया गया है। शराबखोरी अधिक होने के कारण शराब का असर युवा पीढ़ी पर भी पड़ रहा था।












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