भिलाई: बीएसपी यूनियन चुनाव में बम्पर वोटिंग, 86 प्रतिशत कर्मचारियों ने किया मतदान, देर रात जारी होंगे परिणाम
छत्तीसगढ़ में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी यूनियन मान्यता चुनाव के लिए वोटिंग का समय समाप्त हो चुका है। इस बार कर्मचारियों ने जमकर मतदान किया। शाम 4 बजे के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने 86.49 प्रतिशत मतदान होने की
दुर्ग, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी यूनियन मान्यता चुनाव के लिए वोटिंग का समय समाप्त हो चुका है। इस बार कर्मचारियों ने जमकर मतदान किया। शाम 4 बजे के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने 86.49 प्रतिशत मतदान होने की घोषणा की। वही वोटों की गिनती के बाद अब देर रात विजेता यूनियन की घोषणा भी कर दी जाएगी। 2 साल बाद हो रहे इस चुनाव को लेकर कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला तो वहीं कुछ कर्मचारी निराश भी नजर आए।

मतदान को लेकर दिखा उत्साह, सुबह से पहुंचे कर्मचारी
दो साल बाद हो रहे इस यूनियन चुनाव के लिए सुबह से ही पोलिंग बूथों में मतदाताओं की भीड़ लगी रही। नाइट शिफ्ट के कर्मचारी मतदान करने के बाद ही घर पहुंचे। चुनाव में 13 हजार 422 कर्मचारी मतदाताओं की सूची जारी की गई थी। शाम 4 बजे तक मतदान के बाद देर रात तक रिजल्ट भी आ जाएगा।
संयंत्र के अंदर 16 व बाहर बने 3 केंद्र
भिलाई इस्पात संयंत्र में मतदान के लिए 19 केंद्र बनाए गए थे। प्लांट के अंदर 16 एवं संयंत्र के बाहर टाउनशिप में भिलाई विद्यालय, एचआरडी कैंटीन एवं सेक्टर-9 अस्पताल परिसर को मतदान केंद्र बनाया गया था। प्रत्येक बूथ में 4-4 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। बीएसपी में सीएलसी से मान्यता प्राप्त 10 यूनियन हैं, जिसमें 9 यूनियनें चुनाव लड़ रही हैं।जिसमें सीटू, इंटक, बीएमएस, एचएमएस, एटक, भिलाई स्टील, वर्कर्स, लोकतांत्रिक इस्पात मंच यूनियनें प्रमुख हैं।
इसलिए खास होता है यह चुनाव
एशिया सबसे बड़े इस्पात संयंत्र भिलाई इस्पात संयंत्र में आईडी एक्ट के तहत यूनियन से संबंधित यह चौथा चुनाव है। जीतने वाले यूनियन का कार्यकाल दो साल का होता है। बता दें कि इस चुनाव में सर्वाधिक मत पाने वाले यूनियन को ही बीएसपी प्रबंधन के साथ समझौता करने का अधिकार मिलेगा। यही यूनियन कर्मचारियों के अधिकारों की बात भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन तक पहुंचाएगा और चर्चा करेगा। भिलाई इस्पात संयंत्र 11 बार प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री ट्राफी विजेता संयंत्र है। विजेता यूनियन से चर्चा के माध्यम से ही भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबन्धन संयंत्र कर्मचारी हित की पॉलिसी तैयार कर सकेगा।
श्रम विभाग और सीआईएसएफ की निगरानी में हुआ मतदान
निर्वाचन अधिकारी और डिप्टी सीएलसी आरके पुरोहित ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव और मतगणना के लिए केंद्रीय श्रम विभाग के भुवनेश्वर कार्यालय से 62, रायपुर और बिलासपुर कार्यालय से 20 कर्मियों की टीम लगी थी । कर्मचारियों को दिक्कत न हो इसलिए मतदाता सूची को बीएसपी के होम पेज पर ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया गया था। पर्सनल नंबर डालते ही कर्मचारी को उसके बूथ का क्रमांक मिल जाएगा। सभी केंद्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों द्वारा किया गया था।
कर्मचारियों में यूनियनों को लेकर दिखी निराशा
कर्मचारियों के अनुसार इस बार भी किसी यूनियन के 51 प्रतिशत मत प्राप्त करने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि कर्मचारियों में सभी यूनियनों को लेकर निराशा है। कर्मचारियों का कहना है कि संयंत्र कर्मचारियों के हितों के मुद्दे बहुत हैं लेकिन यूनियन उन मुद्दों को लेकर प्रयास नहीं कर पाती। एनजेसीएस की बैठक में वेज रिवीजन, एरियर, आवास, स्वास्थ्य शिक्षा, व सुरक्षा के मुद्दे होने के बाद भी कोई लाभ कर्मचारियों को नही मिल पाता है। वहीं आधा अधूरा वेज रिवीजन का श्रेय लेने की होड़ यूनियनों में लगी है।












Click it and Unblock the Notifications