Bhilai Steel Plant से भिलाई निगम को मिलेंगे 45 करोड़, खत्म होगा विवाद, सामान्य सभा में गूंजेगा मुद्दा
छत्तीसगढ़ के नगर पालिक निगम भिलाई और भिलाई इस्पात संयंत्र के बीच चल रहा संपत्तिकर विवाद अब समाप्त होने जा रहा है। सामान्य सभा से प्रस्ताव पास होने बाद संयंत्र निगम को हर साल 13.75 करोड़ रुपये की राशि जमा कराएगा।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भिलाई इस्पात संयंत्र और नगर पालिक निगम भिलाई के बीच चल रहा संपत्तिकर विवाद अब सुलझने जा रहा है। लेकिन फिलहाल दोनों के बीच होने वाले इस समझौते को एक बार फिर सामान्य सभा से होकर गुजरना पड़ेगा। भिलाई इस्पात संयंत्र ने संपत्ति कर को बढ़ाने की सहमति दे दी है। इसके साथ ही 5 साल के बकाया एरियर्स को भी देने के लिए संयंत्र प्रबंधन तैयार है। इसके बाद ये उम्मीद जताई जा रही है कि अब भिलाई निगम की आर्थिक तंगी खत्म हो जाएगी।

निगम के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा था बीएसपी
दरअसल साल 2018 में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को निगम कमिश्नर एस के सुंदरानी ने सम्पत्तिकर निर्धारण के स्व-विवरणी में गलत जानकारी देने और टाउनशिप क्षेत्र का कम सम्पत्तिकर जमा करने का हवाला देते हुए, पेनाल्टी समेंत लगभग 500 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा था। जिसके बाद भिलाई निगम के इस डिमांड नोटिस के खिलाफ बीएसपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। यह विवाद अब तक जारी था। इसके बाद से बीएसपी ने निगम को सम्पत्तिकर देना बंद कर दिया था।

अब हर साल 13.75 करोड़ जमा कराएगा बीएसपी
दरअसल भिलाई नगर निगम वर्तमान में आर्थिक संकट से गुजर रहा है इसी को देखते हुए अब भिलाई नगर निगम प्रबंधन बीएसपी से समझौता करने के लिए तैयार है भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए अब संपत्ति कर की राशि 9 करोड़ से बढ़ाकर 13 करोड़ 75 लाख करने जा रहा है। वहीं दूसरी ओर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन 5 साल की बकाया एरियर्स राशि के रूप में लगभग 32 करोड़ रुपये का भुगतान भी निगम प्रबंधन को करेगा। वहीं निगम द्वारा लगाई गई पेनाल्टी को खत्म कर दिया गया है। यानी यह एक सेटलमेंट अमाउंट होगा। यानी निगम के खाते में अब 45 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि बीएसपी प्रबंधन जमा करायेगा।

सामान्य सभा में प्रस्तुत होगा प्रस्ताव
लेकिन भिलाई इस्पात संयंत्र और नगर निगम प्रशासन के समझौते को सामान्य सभा से गुजरना होगा। क्योंकि दोनों के बीच समझौते को एमआईसी में लाया गया एमआईसी में प्रस्ताव पास कर जानकारी नगरीय प्रशासन विभाग रायपुर को भेजी गई थी। नगरी प्रशासन की ओर से इस विषय को सामान्य सभा में पारित कर मंत्रालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सामान सभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद यह समझौता पूर्ण माना जाएगा। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों द्वारा इस पर टिप्पणी किये जाने की पूरी संभावना है। लेकिन फिर भी संख्या के अनुसार प्रस्ताव पास होने में कोई समस्या सत्ता पक्ष को नहीं होगी।
172 करोड़ बकाया लेकिन 45 करोड़ में होगा समझौता
नगर निगम भिलाई के गणना के अनुसार भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन पर साल 2015 -16 से अब तक निगम प्रशासन का 172 करोड रुपए का टैक्स बकाया है। लेकिन अब इसे अब 45 करोड़ 75 रुपये में समझौता किया जा रहा है। गलत स्व विवरणी पर लगाई गई पेनाल्टी भी समाप्त कर दी गई। इससे पहले लगभग 9.25 करोड़ की राशि निगम को जमा कराई थी। अब संभावना जताई जा रही है कि इस समझौते के बाद निगम की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।












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