बालोद: 82 राइस मिलरों पर कार्रवाई, संचालकों में हड़कंप, एफसीआई और नॉन के चावल की होगी जांच
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में राइस मिलर्स की मनमानी का खामियाजा जिला प्रशासन को भुगतना पड़ रहा है। जिले में राइस मिलरों ने अब तक एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जारी किए गए धान की मिलिंग कर चावल जमा नहीं कराया है।
बालोद, 03 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में राइस मिलर्स की मनमानी का खामियाजा जिला प्रशासन को भुगतना पड़ रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के समय जिले के 85 मिलर्स ने 4 लाख टन धान का उठाव किया था। उसके बदले शासन को लगभग 37 लाख क्विंटल चावल देना था। जिले में राइस मिलरों ने अब तक एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जारी किए गए धान की मिलिंग कर चावल जमा नहीं कराया है। जिसके चलते 82 कस्टम मिलरों को नोटिस जारी किया गया है। वही जिन कस्टम मिलरों के मिल में ज्यादा मात्रा में चावल बकाया है। उन मिलें पर भौतिक सत्यापन की कार्रवाई भी की जा रही है, इस कार्रवाई से राइस मिलों में हड़कंप मचा है।

चार लाख 80 हजार क्विंटल चावल बकाया
बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष में खाद्य विभाग द्वारा 40 लाख क्विंटल धान एफसीआई और नान के लिए जारी किया गया था। कस्टम मिलिंग में चावल जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2022 तक दी गई है। जिले के 82 राइस मिलरों से अभी भी 4 लाख 80 हजार क्विंटल चावल जमा नहीं कराया गया है। इसमें से 3 लाख 20 हजार क्विंटल एफसीआई एवं एक लाख 60 हजार क्विंटल नागरिक आपूर्ति निगम के लिए लेना शेष बताया जा रहा है। वहीं नागरिक आपूर्ति निगम रायपुर द्वारा बालोद जिले को जल्द ही मिलिंग के चावल जमा कराने के निर्देश जारी किए गए हैं भारत सरकार के एफसीआई गोदाम में भी जल्द ही चावल जमा कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं।

82 राइस मिलरों को जारी किया गया नोटिस
जिला विपणन अधिकारी एचएल बंजारे की माने तो जिले के पंजीकृत 85 राइस मिलरों में सिर्फ 3 राइस मिलर ने पूरा चावल जमा कराया हज। खाद्य अधिकारी का कहना है कि कस्टम मिलरों की ओर से बहुत धीमी गति से कस्टम मिलिंग का चावल जमा कराया जा रहा है। जिसके चलते अब खाद्य विभाग ने कस्टम मिलरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद विभाग ने ऐसे 82 राइस मिलर्स के नोटिस जारी कर शीघ्र ही चावल जमा कराने कहा है।












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