Delhi Flood Alert: दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार, निचले इलाकों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी
Delhi Flood Alert: दिल्ली में यमुना नदी (Yamuna river water level) का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे राजधानी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गुरुवार, 7 अगस्त को पुराना रेलवे ब्रिज (Old Railway Bridge) पर यमुना का जलस्तर 204.88 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 204.5 मीटर से ऊपर है। अब जलस्तर खतरनाक स्तर 205.3 मीटर के बेहद करीब पहुंच चुका है।
यदि यह 206 मीटर को छूता है, तो निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

बाढ़ से निपटने के लिए NDRF समेत अन्य संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। यमुना के आसपास के निचले इलाकों में हाई अलर्ट (Flood Alert in Delhi) जारी कर दिया गया है और एहतियाती कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।
इस साल के मानसून (Monsoon 2025) में दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही बारिश की वजह से यमुना समेत अन्य प्रमुख नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली में जगह-जगह जलभराव, ट्रैफिक जाम और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे आम जनता को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में गंगा का कहर
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में भारी बारिश के चलते गंगा नदी उफान पर है। वाराणसी में गंगा के जलस्तर ने कई घाटों को डुबो दिया है, जिससे वहां नाव संचालन पूरी तरह से रोक दिया गया है। लगातार बारिश के कारण नालों के ओवरफ्लो होने और सड़कों पर जलभराव से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों में पानी घुसने की घटनाएं सामने आई हैं और लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
वहीं ऋषिकेश में भी गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। भारी बारिश के कारण परमार्थ निकेतन आश्रम में स्थिति गंभीर हो गई, जहां नदी का पानी आरती स्थल पर स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा को छूता हुआ देखा गया।
हिमाचल प्रदेश में तबाही: 199 लोगों की मौत, ₹1900 करोड़ से अधिक का नुकसान
मानसून की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश में स्थिति और भी गंभीर है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून से 6 अगस्त तक के दौरान 199 लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान राज्य को ₹1905.5 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान भी हुआ है। लगातार भूस्खलन, पुलों और सड़कों के टूटने, मकानों के बहने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
प्रशासन अलर्ट पर, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
दिल्ली समेत सभी प्रभावित राज्यों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। NDRF और SDRF की टीमें तैनात की जा चुकी हैं, और राहत व बचाव कार्य के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं।
मानसून का कहर इस बार उत्तर भारत के कई राज्यों पर भारी पड़ा है। दिल्ली से लेकर वाराणसी, ऋषिकेश और हिमाचल तक, हर जगह नदी-नालों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। प्रशासन जहां मुस्तैदी से काम में जुटा है, वहीं आम जनता से भी सहयोग और सतर्कता बरतने की अपील की गई है।












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