दिल्ली सरकार ने शुरू किया 'स्पोकन इंग्लिश कोर्स', केजरीवाल बोले-हर बच्चे को मिले अच्छी शिक्षा
नई दिल्ली, 23 जुलाई: दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों को अंग्रेजी सिखाने के लिए एक नया प्रोग्राम'स्पोकन इंग्लिश कोर्स' शुरू किया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज इस योजना का ऐलान किया। केजरीवाल ने कहा कि, वैसे तो ये कोर्स निःशुल्क है, लेकिन शुरू में 950 रुपए सिक्योरिटी रखवाई जाएगी। अगर आप कोर्स खत्म कर लेते हैं तो आपको कोर्स के अंत में 950 रुपए वापस मिल जाएंगे। हम नहीं चाहते कि कोई 3-4 दिन में कोर्स छोड़ दे और सीट खराब हो।
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दिल्ली के सीएम ने कहा कि, 1 साल में 1 लाख बच्चों को ट्रेनिंग दी जाएगी। पहले चरण में दिल्ली में 50 सेंटर खोले जा रहे हैं। 18 से 35 साल के युवाओं को इसमें एडमिशन मिलेगा। 3 से 4 महीने का कोर्स होगा। इवनिंग और वीकेंड कोर्स की सुविधा होगी। दिल्ली सरकार बच्चों की इंग्लिश को मजबूत करने के लिए स्पोकन इंग्लिश कोर्स लेकर आई है। इससे बच्चों के कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे होंगे। दिल्ली स्किल एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी इस कोर्स को चलाएगी।
केजरीवाल ने बताया कि, इस प्रोग्राम के लिए Macmillan और Wordsworth के साथ अनुबंध किया गया है। इस कोर्स में केंब्रिज यूनिवर्सिटी दिल्ली सरकार की मदद करेगी। इस कोर्स में 18 से 35 साल के युवा एडमिशन ले सकते हैं। इस कोर्स की कुल अवधि 3-4 महीने होगी। केजरीवाल ने कहा कि, हमारा सपना है कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र में क्रांति हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्पोकन इंग्लिश का कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए दिल्ली में 50 सेंटर खोले जाएंगे। एक साल में एक लाख बच्चों को ट्रेनिंग देंगे। । दिल्ली कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय इस पाठ्यक्रम को चलाएगा। यह किसी के व्यक्तित्व को विकसित करने में मदद करेगा, और छात्र की नौकरी की संभावनाओं में भी सुधार करेगा।
अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि हम देखते हैं कि किस तरह गरीबों और मध्यम वर्ग के बच्चों का हाथ अंग्रेजी में तंग होता है, इसलिए वह पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति की है, इसलिए हम अपने बच्चों के लिए स्पोकन इंगलिश कार्यक्रम लेकर आए हैं। दिल्ली सरकार के स्पोकन इंग्लिश कार्यक्रम के लिए कोई फीस नहीं होगी, 950 रुपये सुरक्षा राशि ली जाएगी। यह 950 रुपये सुरक्षा राशि भी इसलिए ली जा रही है कि कहीं लोग दाखिला लेकर छोड़ न जाएं, जो लोग अपना कोर्स पूरा कर लेंगे, उन्हें यह राशि लौटा दी जाएगी। सरकार इस कोर्स के लिए कोई फीस नही लेगी।












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