उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या में कुलदीप सिंह सेंगर दोषी करार, 4 को कोर्ट ने किया बरी
दिल्ली। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या मामले में दोषी करार दिया है। बता दें कि पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में बुधवार को तीस हजारी कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए चार लोगों को बरी कर दिया। वहीं, कुलदीप सिंह सेंगर समेत 7 आरोपियों को कोर्ट ने पीड़िता के पिता की कस्टडी में हुई मौत का दोषी माना है।
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अगस्त माह में तय हुए थे आरोप
9 अप्रैल 2018 को उन्नाव में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत हो गई थी। परिजनों ने उनकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। 13 अगस्त 2019 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) धर्मेश शर्मा ने कहा था- पीड़िता के पिता को कथित रूप से गलत तरीके से फंसाया गया था। जिसके बाद उन्हें हिरासत में जेल भेज दिया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके पीछे क्या कोई मंशा थी? यह सब जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी साजिश थी, जो पीड़िता के पिता को पैरवी करने से रोकने के लिए की गई थी। कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई अतुल सेंगर, उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन कर्मियों और छह अन्य लोगों पर आरोप तय किए थे। 29 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुनाने के लिए तारीख 4 मार्च तय की थी।
तीस हजारी कोर्ट ने सुनाया फैसला
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में आज फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया है। बता दें कि कुलदीप को आपराधिक साजिश (120 बी) के तहत दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि कुलदीप का हत्या का इरादा नहीं था। पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटा गया। 12 मार्च को कुलदीप सेंगर को सजा का ऐलान होगा। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने पुलिस कॉन्स्टेबल अमीर खान को बरी कर दिया है। कोर्ट में दलील देते हुए कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि वह निर्दोष हैं।
आजीवन कारावास की मिल चुकी है सजा
इससे पहले उन्नाव रेप केस में सेंगर दोषी साबित हो चुके हैं। उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली है। कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 363 (अपहरण), 366 (शादी के लिए मजबूर करने के लिए एक महिला का अपहरण या उत्पीड़न), 376 (बलात्कार और अन्य संबंधित धाराओं) और POCSO के तहत दोषी ठहराया गया था।












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